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गर्म हवा के थपेड़ों ने झुलसाया
अमर उजाला ब्यूरो। सोनभद्र
Updated Sun, 24 May 2015 11:51 PM IST
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ऊर्जांचल सहित पूरे जनपद में लगातार तीसरे दिन सूर्य की किरणें आग उगलती रहीं। गर्म हवाओं के थपेड़े जहां बदन झुलसाते रहे। वहीं दोपहर दो बजते-बजते पारा 46 डिग्री तक पहुंच गया।
न्यूनतम पारा 29 डिग्री के इर्द-गिर्द बना रहा। दुद्धी तहसील क्षेत्र में सबसे अधिक तापमान दर्ज हुआ। इसके चलते इंसान तो इंसान, पशु-पक्षी, जानवर भी गर्मी से बेहाल हो उठे।
गर्म हवाओं के थपेड़े और तपती दीवारें पूरे दिन बेचैन किए रहीं। मौसम विभाग का दावा है कि मई माह तक तपिश का प्रकोप बना रहेगा। जून के पहले सप्ताह में जाकर राहत की उम्मीद है।
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सूरज की किरणें सुबह से ही तल्ख तेवर अपनाएं रहीं। नौ बजते-बजते किरणों ने बदन झुलसाना शुरू कर दिया। अवकाश का दिन होने के कारण हालात देख तमाम लोगों ने खुद को घरों में कैद कर लिया लेकिन तपिश और उमस की मार कमरे के अंदर भी बेहाल किए रही।
पारे में उछाल की स्थिति यह थी कि दोपहर बारह बजते-बजते पारे ने 44 डिग्री का आंकड़ा छू लिया। एक बजे 45 और दो बजे यह आंकड़ा 46 डिग्री पर पहुंच गया।
हालांकि पौने तीन बजे के करीब आसमान में छाई बदली के चलते यह तापमान कुछ देर में ही लढ़ककर 44 पर आ गया। शाम चार बजे के करीब यहीं पारा 43 डिग्री रिकार्ड किया गया।
वहीं तपिश के चलते अनपरा, शक्तिनगर, बीना, ककरी, बीजपुर, रेणुसागर बाजार के साथ ही यहां की गलियां दोपहर होते-होते सूनी सी हो गईं। तपन देख दूकानदारों ने भी शटर गिरा दिए।
जरूरी कामकाज से निकलने वाले लोग ही इस सन्नाटे को तोड़ते नजर आए। शाम पांच बजे के बाद कुछ राहत महसूस हुई तब जाकर बाजारों की रौनक लौटी।
मौसम वैज्ञानिक राजन सिंह कहते हैं कि पछुआ हवाओं के चलते लगातार तापमान बढ़ने का क्रम जारी है। दो दिन से उच्चतम स्तर पर उछलते तापमान और दोपहर बाद आसमान में बदली से दो-चार दिन में मौसम बिगड़ने की संभावना बन रही है, लेकिन तपिश की जो स्थिति है,
वह फिलहाल मई माह तक कोई खास राहत नहीं देने वाली। मौसम विभाग के अनुमान पर ध्यान दें तो पांच जून तक पारे की उछाल 43 से 46 डिग्री के बीच बने रहने की संभावना है। इसके बाद पारे में दस डिग्री तक के गिरावट का अनुमान है।
न्यूनतम पारा 29 डिग्री के इर्द-गिर्द बना रहा। दुद्धी तहसील क्षेत्र में सबसे अधिक तापमान दर्ज हुआ। इसके चलते इंसान तो इंसान, पशु-पक्षी, जानवर भी गर्मी से बेहाल हो उठे।
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गर्म हवाओं के थपेड़े और तपती दीवारें पूरे दिन बेचैन किए रहीं। मौसम विभाग का दावा है कि मई माह तक तपिश का प्रकोप बना रहेगा। जून के पहले सप्ताह में जाकर राहत की उम्मीद है।
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सूरज की किरणें सुबह से ही तल्ख तेवर अपनाएं रहीं। नौ बजते-बजते किरणों ने बदन झुलसाना शुरू कर दिया। अवकाश का दिन होने के कारण हालात देख तमाम लोगों ने खुद को घरों में कैद कर लिया लेकिन तपिश और उमस की मार कमरे के अंदर भी बेहाल किए रही।
पारे में उछाल की स्थिति यह थी कि दोपहर बारह बजते-बजते पारे ने 44 डिग्री का आंकड़ा छू लिया। एक बजे 45 और दो बजे यह आंकड़ा 46 डिग्री पर पहुंच गया।
हालांकि पौने तीन बजे के करीब आसमान में छाई बदली के चलते यह तापमान कुछ देर में ही लढ़ककर 44 पर आ गया। शाम चार बजे के करीब यहीं पारा 43 डिग्री रिकार्ड किया गया।
वहीं तपिश के चलते अनपरा, शक्तिनगर, बीना, ककरी, बीजपुर, रेणुसागर बाजार के साथ ही यहां की गलियां दोपहर होते-होते सूनी सी हो गईं। तपन देख दूकानदारों ने भी शटर गिरा दिए।
जरूरी कामकाज से निकलने वाले लोग ही इस सन्नाटे को तोड़ते नजर आए। शाम पांच बजे के बाद कुछ राहत महसूस हुई तब जाकर बाजारों की रौनक लौटी।
मौसम वैज्ञानिक राजन सिंह कहते हैं कि पछुआ हवाओं के चलते लगातार तापमान बढ़ने का क्रम जारी है। दो दिन से उच्चतम स्तर पर उछलते तापमान और दोपहर बाद आसमान में बदली से दो-चार दिन में मौसम बिगड़ने की संभावना बन रही है, लेकिन तपिश की जो स्थिति है,
वह फिलहाल मई माह तक कोई खास राहत नहीं देने वाली। मौसम विभाग के अनुमान पर ध्यान दें तो पांच जून तक पारे की उछाल 43 से 46 डिग्री के बीच बने रहने की संभावना है। इसके बाद पारे में दस डिग्री तक के गिरावट का अनुमान है।