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ग्राउंड रिपोर्ट दुद्धी : दूर नहीं हो सका स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र का पिछड़ापन
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जिले की दुद्धी विधानसभा सीट कई मायनों में खास है। एक तो यह उत्तर प्रदेश की अंतिम विधानसभा सीट है और दूसरी कि यह उन दो सीटों में है जो अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। यह एकलौता विधानसभा क्षेत्र है जिसकी सीमाएं तीन राज्यों से लगती हैं। आदिवासी बहुल अति पिछड़े क्षेत्र में वन भूमि पर अधिकार का मुद्दा अरसे से उठता आ रहा है। सुदूर गांवों में सड़क, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष जारी है। मौजूदा विधायक अपना दल-एस के हरिराम चेरो का कहना है कि आदिवासी समाज के जनजीवन को बेहतर बनाते हुए मुख्यधारा में लाने के लिए उन्होंने खूब काम किए हैं। गांव-गांव सड़क बनी है। स्कूलों का उद्धार हुआ। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया गया। कौशल विकास के जरिये युवाओं का पलायन रोकने में सफलता मिली। हालांकि विपक्ष इनके दावों को सिरे से खारिज कर रहा है। केंद्र और प्रदेश में सरकार होने के बावजूद दुद्धी को जिला बनाने और कनहर सिंचाई परियोजना जैसे बड़े कार्यों के पूरा न हो पाने को बड़ी विफलता बता रहे हैं। अपनी ढपली-अपना राग अलापते राजनीतिक दलों के दावों से इतर मतदाताओं का मिजाज अलग है। इसे जाहिर करने के लिए वह सही समय का इंतजार कर रहे हैं।
दुद्धी विधानसभा में शामिल इलाके:
दुद्धी, म्योरपुर और बभनी ब्लाक की 156 ग्राम पंचायत, दुद्धी नगर, एनटीपीसी की रिहंद और शक्तिनगर परियोजना।
वर्ष 2017 का परिणाम::
हरिराम चेरो: अपना दल-एस: 64399
विजय सिंह गोंड: सपा: 63314
अंतर: 1085 वोट
विधायक निधि से खर्च हुए आठ करोड़
पिछले पांच वर्षों में विधायक निधि से करीब आठ करोड़ रुपये खर्च हुए। इस धनराशि से सीसी रोड, हाईमास्ट लाइट, पुल-पुलिया निर्माण जैसे कार्य कराए गए।
पिछले पांच वर्षों में लगातार आदिवासियों के हित में संचालित केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाया गया है। सबसे बड़ी समस्या जर्जर सड़कों की थी। सभी बाधाओं को दूर कराते हुए प्रमुख सड़कों का निर्माण कराया गया। बिड़र चौराहे से खोखा गांव की 18 किमी लंबी सड़क का निर्माण कराया गया। इसके अभाव में लोग 31 किमी की दूरी तय करते थे। गांवों में सीसी सड़क का निर्माण, पर्यटन स्थलों का विकास, स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए कई काम कराए गए हैं। आदिवासियों को वनाधिकार का पट्टा दिलाने की जटिल प्रक्रिया को काफी हद तक सुलझा दिया गया है। जल्द ही उन्हें पट्टा आवंटित हो जाएगा। कनहर के लिए भी सरकार ने धनराशि में कमी नहीं आने दी। - हरिराम चेरो, विधायक, अपना दल-एस।
मुख्यमंत्री त्वरित निधि से बिड़र चौराहे से खोखा गांव तक का सड़क निर्माण।
हाथीनाला से विंढमगंज तक की एनएच की सड़क मरम्मत के लिए डीएमएफ से 34 करोड़ का बजट दिलाया गया।
बभनी से आसनडीह और लीलासी से भट्ठी मोड़ मार्ग का निर्माण।
पर्यटन स्थल लौआ पहाड़ी पर सीढ़ी व हाईमास्क का कार्य।
विभिन्न धर्मों से संबंधित कला मंडलीय को वेतन से व्यक्तिगत आर्थिक सहयोग।
दुद्धी सीएचसी में ब्लड बैंक की स्थापना कराई गई।
वर्तमान विधायक का कार्यकाल दुद्धी के लोगों के लिए पूरी तरह निराशाजनक रहा। आदिवासियों की छोटी-छोटी समस्याएं भी दूर नहीं कराई जा सकीं। केंद्र और प्रदेश में सरकार होने के बाद भी कनहर सिंचाई परियोजना को पूर्ण कराने में विधायक की कोई भूमिका नहीं दिखी। दुद्धी को जिला बनाने की जनता की मांग को पूरी तरह अनसुना कर दिया गया। क्षेत्र में चेकडैम, सिंचाई कूप, बंधी, सड़क का कोई कार्य नहीं हुआ। स्थानीय जनता के बीच में विधायक कभी नहीं पहुंचे इसलिए वह उनकी समस्याओं से भी दूर रहे। विधायक ने सिर्फ अपने हित साधे हैं। क्षेत्र की बजाय खुद को आगे बढ़ाने पर पांच वर्षों तक पूरा जोर दिया। जनता उन्हें अपनी उपेक्षा का करारा जवाब देगी। - विजय सिंह गोंड, सपा नेता व निकटतम प्रतिद्वंद्वी।
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कनहर सिंचाई परियोजना को पूरा कराने में कोई रूचि नहीं दिखाई गई।
आदिवासी तबके को रोजगार मुहैया कराने के लिए भी विधायक ने कोई काम नहीं किया।
क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। अस्पतालों में डॉक्टर-कर्मचारी नहीं है। इस दिशा में कुछ नहीं हुआ।
सुदूर गांवों में जाने वाली सड़कें बदहाल रहीं, लेकिन विधायक के गांव की सड़क जरुर चमक गई।
विधायक जनता से दूर रहे, जिस कारण उन्हें जनता की समस्याओं से भी कोई फर्क नहीं था।
दुद्धी को जिला बनाने का वादा किया गया था, मगर इस सरकार ने जनता से वादाखिलाफी की।
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दुद्धी विधानसभा में शामिल इलाके:
दुद्धी, म्योरपुर और बभनी ब्लाक की 156 ग्राम पंचायत, दुद्धी नगर, एनटीपीसी की रिहंद और शक्तिनगर परियोजना।
वर्ष 2017 का परिणाम::
हरिराम चेरो: अपना दल-एस: 64399
विजय सिंह गोंड: सपा: 63314
अंतर: 1085 वोट
विधायक निधि से खर्च हुए आठ करोड़
पिछले पांच वर्षों में विधायक निधि से करीब आठ करोड़ रुपये खर्च हुए। इस धनराशि से सीसी रोड, हाईमास्ट लाइट, पुल-पुलिया निर्माण जैसे कार्य कराए गए।
पिछले पांच वर्षों में लगातार आदिवासियों के हित में संचालित केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाया गया है। सबसे बड़ी समस्या जर्जर सड़कों की थी। सभी बाधाओं को दूर कराते हुए प्रमुख सड़कों का निर्माण कराया गया। बिड़र चौराहे से खोखा गांव की 18 किमी लंबी सड़क का निर्माण कराया गया। इसके अभाव में लोग 31 किमी की दूरी तय करते थे। गांवों में सीसी सड़क का निर्माण, पर्यटन स्थलों का विकास, स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए कई काम कराए गए हैं। आदिवासियों को वनाधिकार का पट्टा दिलाने की जटिल प्रक्रिया को काफी हद तक सुलझा दिया गया है। जल्द ही उन्हें पट्टा आवंटित हो जाएगा। कनहर के लिए भी सरकार ने धनराशि में कमी नहीं आने दी। - हरिराम चेरो, विधायक, अपना दल-एस।
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मुख्यमंत्री त्वरित निधि से बिड़र चौराहे से खोखा गांव तक का सड़क निर्माण।
हाथीनाला से विंढमगंज तक की एनएच की सड़क मरम्मत के लिए डीएमएफ से 34 करोड़ का बजट दिलाया गया।
बभनी से आसनडीह और लीलासी से भट्ठी मोड़ मार्ग का निर्माण।
पर्यटन स्थल लौआ पहाड़ी पर सीढ़ी व हाईमास्क का कार्य।
विभिन्न धर्मों से संबंधित कला मंडलीय को वेतन से व्यक्तिगत आर्थिक सहयोग।
दुद्धी सीएचसी में ब्लड बैंक की स्थापना कराई गई।
वर्तमान विधायक का कार्यकाल दुद्धी के लोगों के लिए पूरी तरह निराशाजनक रहा। आदिवासियों की छोटी-छोटी समस्याएं भी दूर नहीं कराई जा सकीं। केंद्र और प्रदेश में सरकार होने के बाद भी कनहर सिंचाई परियोजना को पूर्ण कराने में विधायक की कोई भूमिका नहीं दिखी। दुद्धी को जिला बनाने की जनता की मांग को पूरी तरह अनसुना कर दिया गया। क्षेत्र में चेकडैम, सिंचाई कूप, बंधी, सड़क का कोई कार्य नहीं हुआ। स्थानीय जनता के बीच में विधायक कभी नहीं पहुंचे इसलिए वह उनकी समस्याओं से भी दूर रहे। विधायक ने सिर्फ अपने हित साधे हैं। क्षेत्र की बजाय खुद को आगे बढ़ाने पर पांच वर्षों तक पूरा जोर दिया। जनता उन्हें अपनी उपेक्षा का करारा जवाब देगी। - विजय सिंह गोंड, सपा नेता व निकटतम प्रतिद्वंद्वी।
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कनहर सिंचाई परियोजना को पूरा कराने में कोई रूचि नहीं दिखाई गई।
आदिवासी तबके को रोजगार मुहैया कराने के लिए भी विधायक ने कोई काम नहीं किया।
क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। अस्पतालों में डॉक्टर-कर्मचारी नहीं है। इस दिशा में कुछ नहीं हुआ।
सुदूर गांवों में जाने वाली सड़कें बदहाल रहीं, लेकिन विधायक के गांव की सड़क जरुर चमक गई।
विधायक जनता से दूर रहे, जिस कारण उन्हें जनता की समस्याओं से भी कोई फर्क नहीं था।
दुद्धी को जिला बनाने का वादा किया गया था, मगर इस सरकार ने जनता से वादाखिलाफी की।