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गहरी खाई बन चुकी खदानों में आएगी हरियाली 16-45-32

Wed, 10 Nov 2021 11:15 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 10 Nov 2021 11:15 PM IST
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Greenery will come in the mines that have become deep ditch
ओबरा के बिल्ली के मारकुंडी में स्थित खदान, जो खनन से गहरी खाई में तब्दील हो चुकी हैं। - फोटो : SONBHADRA
जिले के बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र में पत्थर खनन के चलते सैकड़ों फीट गहरी खाईं हो चुकी कई खदानों को फ्लाई ऐश से पाटकर उस पर पौधरोपण किया जाएगा। एनटीपीसी सिंगरौली की तरफ से करीब 60 एकड क्षेत्र में पौधरोपण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी तैयारी तेज कर दी गई है। वन विभाग से भी सहयोग लिया जाएगा।
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ओबरा तहसील के बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र में पूर्व में संचालित कई खदानें काफी गहरी हो चुकी है। कुएं का रूप ले चुकी खदानों में कई लोगों की गिरने से मौत हो चुकी है। केंद्र सरकार ने खाई को राख से भरने एवं भराई के पश्चात वहां पौधरोपण करने का निर्देश दिया है। दो अक्तूबर को मनोज कुमार अपर महाप्रबंधक (राख उपयोगिता) एनटीपीसी सिंगरौली ने एडीएम सेे बिल्ली मारकुण्डी में स्थित वन भूमि के मालियत रेट के सम्बंध में रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा है। पत्र में लिखा है कि आराजी नंबर 7536 रकबा हेक्टेयर स्थित ग्राम-बिल्ली मारकुण्डी लगभग 60 हेक्टेयर जो कि आरक्षित वन भूमि है वर्तमान में वह काफी गहरी खाई के रूप में है और जो असुरक्षित है। सिंगरौली सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन से उत्सर्जित राख से उक्त खाई को भर कर वहां पौधरोपण कराया जाए। एडीएम राकेश सिंह ने डीएलआरसी को वर्तमान दर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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पर्यावरण संरक्षण में मिलेगी मदद
सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में शामिल सोनभद्र का सबसे प्रदूषित इलाका भी बिल्ली-मारकुंडी व आसपास के क्षेत्र हैं। यहां खदानों, क्रशर प्लांटों से निकलने वाली धूल, मिट्टी हर वक्त वातावरण में धुंध के रुप में छाई रहती है। आसपास के घरों पर धूल की मोटी परत चढ़ गई है। शुद्ध वायु के लिए लोग परेशान हैं। खदानों को पाटकर पौधरोपण किए जाने से पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी।
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बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र में करीब 60 एकड़ क्षेत्र में पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया है। उक्त खाई को फ्लाई ऐश (राख) से भरने की प्रक्रिया चल रही है। -जेपी द्विवेदी, जिला खान अधिकारी

ओबरा के बिल्ली के मारकुंडी में स्थित खदान, जो खनन से गहरी खाई में तब्दील हो चुकी हैं।

ओबरा के बिल्ली के मारकुंडी में स्थित खदान, जो खनन से गहरी खाई में तब्दील हो चुकी हैं।- फोटो : SONBHADRA

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