वनवासी सेवा आश्रम के विचित्रा महाकक्ष में दो दिवसीय ग्राम स्वराज्य सम्मेलन का सोमवार को समापन हुआ। इस मौके पर गांवों को स्वावलंबी और प्रदूषण मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया।
मुख्य अतिथि चंद्रशेखर प्राण ने गांधी के सपनों का ग्राम स्वराज्य लाने के लिए तीसरी सरकार की वकालत की। कहा कि ग्राम सभा को मजबूत करना होगा तभी ग्राम स्वराज्य संभव है। राम धीरज भाई ने किसानों के हक और वर्तमान परिस्थितियों पर चर्चा करते हुए कहा कि दुनिया में कॉरपोरेट जगत के लोग कृषि योग्य जमीन खरीद रहे हैं। हमें सचेत रहना होगा। पीवी राजगोपाल ने कहा कि दुनिया भर में आज आदिवासियों की जमीन की चर्चा है। दुद्धी विधायक हरिराम चेरो ने कहा कि सोनभद्र में नैतिकता और भ्रष्टाचार मुक्त समाज निर्माण के लिए दूसरी आजादी की लड़ाई की आवश्यकता है। शुभा प्रेम ने आश्रम की ओर से चलाए जा रहे कार्यक्रमों और क्षेत्र में स्वास्थ्य, जैविक खेती, स्वावलंबन की विस्तार से बात रखी। डॉ. लखनराम जंगली ने कविता के माध्यम से प्रदूषण की समस्या रखी। डॉ. विभा ने स्वास्थ्य चेतना कार्यक्रमों की जानकारी दी। सम्मेलन में पूर्व मंत्री सुभाष खरवार, देवनारायण खरवार, श्याम सुंदर, रामजतन, केवला दुबे, देवनाथ सिंह, विमल भाई, डॉ. विभा, दिलीप सिंह, ओंकारनाथ पांडेय, उमेश चौबे, इंदुबाला सिंह, रामेश्वर भाई, जगत नारायण, भोलानाथ, अशोक सिंह, राधेकृष्ण आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता अजय शेखर ने की। संचालन शिवशरण सिंह ने किया।