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Sonebhadra News: उभ्भा में तय समय में नहीं बन सका राजकीय आवासीय विद्यालय
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जमीन विवाद में नरसंहार के बाद चर्चा में आए घोरावल ब्लॉक के उभ्भा गांव में राजकीय आश्रम पद्धति (जयनारायण सर्वोदय) बालिका विद्यालय का निर्माण कार्य दिसंबर 2024 तक पूरा होना था। मगर विद्यालय का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है।
इस पर नाराजगी जताते हुए मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने नोडल विभाग समाज कल्याण विभाग और कार्यदायी संस्था यूपी सीडको को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। कार्यदायी संस्था की ओर से दिसंबर 2025 तक निर्माण कार्य पूरा किए जाने का दावा किया जा रहा है।
उभ्भा गांव में करीब 39 करोड़ की लागत से 490 क्षमता का आश्रम पद्धति विद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है। अनुसूचित जाति की छात्राओं के लिए इस विद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है। प्रारंभिक किस्त के रूप में कार्यदायी संस्था यूपीसीडको को पिछले साल मार्च से पहले 10 करोड़ रुपये शासन से मिल गए थे।
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कार्यदायी संस्था की तरफ से मार्च माह में टेंडर की प्रक्रिया पूरी कराते हुए विद्यालय भवन का निर्माण शुरू करा दिया गया था। विद्यालय का निर्माण कार्य दिसंबर 2024 तक पूरा किया जाना का दावां किया जा रहा था। तय समय बीत गया, मगर अभी तक 70 फीसदी भी काम पूरा नहीं किया जा सका है।
जबकि तय समय में विद्यालय का निर्माण कार्य काम पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्था को पूर्व में कई बार पत्राचार किया जा चुका है। ताकि नए शिक्षण सत्र 2025 से कक्षा छठवीं से आठवीं तक की पढ़ाई शुरू कराई जा सके। बावजूद इसके कोई फर्क नहीं पड़ा। अब दिसंबर 2025 तक काम पूरा किया किए जाने का दावा है।
अनुसूचित जाति की छात्राओं का यह दूसरा विद्यालय
जिले में अभी अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं के पढ़ने के लिए चार राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय स्थापित किए गए हैं। इसका संचालन समाज कल्याण विभाग की तरफ से कराया जा रहा है। इसमें दुद्धी, गुरमुरा और घोरावल में अनुसूचित जाति के बालकों का विद्यालय है। जबकि उरमौरा (रॉबर्ट्सगंज) स्थित आश्रम पद्धति विद्यालय में अनुसूचित जाति की छात्राएं पढ़ाई करती हैं। उभ्भा में अनुसूचित जाति का पांचवां राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय खोला जा रहा है। इस विद्यालय में अनुसूचित जाति की छात्राएं पढ़ाई करेंगी। यह जनपद का दूसरा अनुसूचित जाति की छात्राओं के लिए आश्रम पद्धति विद्यालय होगा।
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इस पर नाराजगी जताते हुए मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने नोडल विभाग समाज कल्याण विभाग और कार्यदायी संस्था यूपी सीडको को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। कार्यदायी संस्था की ओर से दिसंबर 2025 तक निर्माण कार्य पूरा किए जाने का दावा किया जा रहा है।
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उभ्भा गांव में करीब 39 करोड़ की लागत से 490 क्षमता का आश्रम पद्धति विद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है। अनुसूचित जाति की छात्राओं के लिए इस विद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है। प्रारंभिक किस्त के रूप में कार्यदायी संस्था यूपीसीडको को पिछले साल मार्च से पहले 10 करोड़ रुपये शासन से मिल गए थे।
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कार्यदायी संस्था की तरफ से मार्च माह में टेंडर की प्रक्रिया पूरी कराते हुए विद्यालय भवन का निर्माण शुरू करा दिया गया था। विद्यालय का निर्माण कार्य दिसंबर 2024 तक पूरा किया जाना का दावां किया जा रहा था। तय समय बीत गया, मगर अभी तक 70 फीसदी भी काम पूरा नहीं किया जा सका है।
जबकि तय समय में विद्यालय का निर्माण कार्य काम पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्था को पूर्व में कई बार पत्राचार किया जा चुका है। ताकि नए शिक्षण सत्र 2025 से कक्षा छठवीं से आठवीं तक की पढ़ाई शुरू कराई जा सके। बावजूद इसके कोई फर्क नहीं पड़ा। अब दिसंबर 2025 तक काम पूरा किया किए जाने का दावा है।
अनुसूचित जाति की छात्राओं का यह दूसरा विद्यालय
जिले में अभी अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं के पढ़ने के लिए चार राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय स्थापित किए गए हैं। इसका संचालन समाज कल्याण विभाग की तरफ से कराया जा रहा है। इसमें दुद्धी, गुरमुरा और घोरावल में अनुसूचित जाति के बालकों का विद्यालय है। जबकि उरमौरा (रॉबर्ट्सगंज) स्थित आश्रम पद्धति विद्यालय में अनुसूचित जाति की छात्राएं पढ़ाई करती हैं। उभ्भा में अनुसूचित जाति का पांचवां राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय खोला जा रहा है। इस विद्यालय में अनुसूचित जाति की छात्राएं पढ़ाई करेंगी। यह जनपद का दूसरा अनुसूचित जाति की छात्राओं के लिए आश्रम पद्धति विद्यालय होगा।