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सरकारी दफ्तर तो खुले, लेकिन आम आदमी का नहीं हुआ काम
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सोनभद्र। लॉकडाउन-2.0 के बीच नियमों का पालन करते हुए सोमवार को सभी सरकारी दफ्तर खुले। लेकिन आम आदमी के काम नहीं हुए। कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय, जिलापूर्ति अधिकारी कार्यालय एवं विकास भवन स्थित जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में सोशल डिस्टेंस मेंटेन करते हुए अधिकारी एवं कर्मचारी विभागीय कामकाज निपटाने में जुटे रहे। वहीं राबर्ट्सगंज के हाइडिल कालोनी स्थित विद्युत वितरण निगम कार्यालय में इक्का-दुक्का उपभोक्ता विद्युत बिल जमा करने पहुंचे। यहां भी करीब पचास प्रतिशत कर्मचारी कामकाज में लगे रहे।
जिलाधिकारी कार्यालय में सुबह 10.40 बजे लॉकडाउन के बीच सरकारी दफ्तरों के खुलने पर सोमवार को अमर उजाला की टीम सबसे पहले कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची। जिलाधिकारी एस राजलिंगम अपने कार्यालय में कामकाज में लगे रहे। इससे सटे कार्यालय में कर्मचारी विभागीय कामकाज करते हुए दिखे। सभी कर्मचारी मास्क लगाकर सोशल डिस्टेंस मेंटेन करते हुए काम करते दिखे। कर्मचारियों ने बताया कि हाथों को सैनिटाइज कर काम किया जा रहा है। काम करते वक्त सामाजिक दूरी का विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
वहीं सुबह 10.55 बजे डीएसओ ऑफिस में कलेक्ट्रेट स्थित दूसरे तल पर जिलापूर्ति कार्यालय दफ्तर में टीम सुबह 10.55 बजे पहुंची। यहां जिलापूर्ति अधिकारी राकेश तिवारी अपने दफ्तर में मिले। जिलापूर्ति अधिकारी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उनका कार्यालय कभी बंद नहीं हुआ। लॉकडाउन में पड़ने वाले अवकाश व रविवार को भी कार्यालय खुला रहा और सभी कर्मचारी कार्यालय आकर काम कर रहे हैं। अभी कई अन्त्योदय कार्डधारक अनाज का उठान नहीं किए हैं। इस संबंध में संबंधित सप्लाई इंस्पेक्टर से बात की गई और आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों में 25 अप्रैल तक कार्डधारकों में नि:शुल्क राशन वितरण होगा, इसकी मानिटरिंग की जा रही है। लॉकडाउन में 400 नये कार्डधारक जुड़े हैं। अगले महीने राशन उठान को लेकर सोमवार को विपणन अधिकारी के साथ मीटिंग की गई। इसके साथ ही एपीसी और आयुक्त खाद्य को राशन के उठाने की रिपोर्ट भेजी गई।
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उधर, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में सुबह 11.00 बजे टीम विकास भवन स्थित जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय सुबह करीब 11 बजे पहुंची। कार्यालय में डीपीआरओ आरके भारती उपस्थित मिले। कर्मचारी विभागीय कामकाज में जुटे रहे। डीपीआरओ ने बताया कि 72 गांवों में अधूरे पड़े शौचालयों का निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए फीडबैक लिया गया। इस काम को और तेजी से कैसे आगे बढ़ाया जाए, इसके लिए मातहतों के साथ बैठक कर कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। माइक्रो एटीएम के जरिए जरूरतमंदों कैश धनराशि उपलब्ध कराने के लिए किस गांव में किस दिन कौन डाककर्मी जायेगा, इसकी सूची तैयार किए जाने के संबंध में भी मातहतों के साथ बैठक कर विचार विमर्श किया गया।
विद्युत वितरण निगम कार्यालय राबर्ट्सगंज में दोपहर 12 बजे विद्युत वितरण निगम कार्यालय राबर्ट्सगंज पहुंची। यहां एक्सईएन एसके सिंह अपने दफ्तर में नहीं मिले। दफ्तर के पास में बैठे कर्मचारियों ने बताया कि एक्सईएन डीएम की मीटिंग में गये हुए हैं। कैश काउंटर पर पुष्पराज और शिवशंकर मेहता मौजूद मिले। जो विद्युत बिल जमा करने आ रहे इक्का-दुक्का उपभोक्ताओं का बिल जमा कर रहे थे। वहीं वरिष्ठ लिपिक राजेन्द्र के अलावा कर्मी जितेन्द्र सोनी, रामाश्रय यादव, अनीता देवी, दिनेश आदि उपभोक्ताओं की शिकायतों केे निस्तारण की प्रक्रिया पूरी करने में जुटे रहे। विद्युत वितरण निगम कार्यालय में सोमवार को पचास प्रतिशत कर्मचारी पहुंचे थे।
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जिलाधिकारी कार्यालय में सुबह 10.40 बजे लॉकडाउन के बीच सरकारी दफ्तरों के खुलने पर सोमवार को अमर उजाला की टीम सबसे पहले कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची। जिलाधिकारी एस राजलिंगम अपने कार्यालय में कामकाज में लगे रहे। इससे सटे कार्यालय में कर्मचारी विभागीय कामकाज करते हुए दिखे। सभी कर्मचारी मास्क लगाकर सोशल डिस्टेंस मेंटेन करते हुए काम करते दिखे। कर्मचारियों ने बताया कि हाथों को सैनिटाइज कर काम किया जा रहा है। काम करते वक्त सामाजिक दूरी का विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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वहीं सुबह 10.55 बजे डीएसओ ऑफिस में कलेक्ट्रेट स्थित दूसरे तल पर जिलापूर्ति कार्यालय दफ्तर में टीम सुबह 10.55 बजे पहुंची। यहां जिलापूर्ति अधिकारी राकेश तिवारी अपने दफ्तर में मिले। जिलापूर्ति अधिकारी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उनका कार्यालय कभी बंद नहीं हुआ। लॉकडाउन में पड़ने वाले अवकाश व रविवार को भी कार्यालय खुला रहा और सभी कर्मचारी कार्यालय आकर काम कर रहे हैं। अभी कई अन्त्योदय कार्डधारक अनाज का उठान नहीं किए हैं। इस संबंध में संबंधित सप्लाई इंस्पेक्टर से बात की गई और आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों में 25 अप्रैल तक कार्डधारकों में नि:शुल्क राशन वितरण होगा, इसकी मानिटरिंग की जा रही है। लॉकडाउन में 400 नये कार्डधारक जुड़े हैं। अगले महीने राशन उठान को लेकर सोमवार को विपणन अधिकारी के साथ मीटिंग की गई। इसके साथ ही एपीसी और आयुक्त खाद्य को राशन के उठाने की रिपोर्ट भेजी गई।
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उधर, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में सुबह 11.00 बजे टीम विकास भवन स्थित जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय सुबह करीब 11 बजे पहुंची। कार्यालय में डीपीआरओ आरके भारती उपस्थित मिले। कर्मचारी विभागीय कामकाज में जुटे रहे। डीपीआरओ ने बताया कि 72 गांवों में अधूरे पड़े शौचालयों का निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए फीडबैक लिया गया। इस काम को और तेजी से कैसे आगे बढ़ाया जाए, इसके लिए मातहतों के साथ बैठक कर कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। माइक्रो एटीएम के जरिए जरूरतमंदों कैश धनराशि उपलब्ध कराने के लिए किस गांव में किस दिन कौन डाककर्मी जायेगा, इसकी सूची तैयार किए जाने के संबंध में भी मातहतों के साथ बैठक कर विचार विमर्श किया गया।
विद्युत वितरण निगम कार्यालय राबर्ट्सगंज में दोपहर 12 बजे विद्युत वितरण निगम कार्यालय राबर्ट्सगंज पहुंची। यहां एक्सईएन एसके सिंह अपने दफ्तर में नहीं मिले। दफ्तर के पास में बैठे कर्मचारियों ने बताया कि एक्सईएन डीएम की मीटिंग में गये हुए हैं। कैश काउंटर पर पुष्पराज और शिवशंकर मेहता मौजूद मिले। जो विद्युत बिल जमा करने आ रहे इक्का-दुक्का उपभोक्ताओं का बिल जमा कर रहे थे। वहीं वरिष्ठ लिपिक राजेन्द्र के अलावा कर्मी जितेन्द्र सोनी, रामाश्रय यादव, अनीता देवी, दिनेश आदि उपभोक्ताओं की शिकायतों केे निस्तारण की प्रक्रिया पूरी करने में जुटे रहे। विद्युत वितरण निगम कार्यालय में सोमवार को पचास प्रतिशत कर्मचारी पहुंचे थे।