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सिंगरौली के दो क्षेत्रों में गोल्ड अयस्क की उपलब्धता
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शक्तिनगर/सिंगरौली। जिले के दो क्षेत्रों में गोल्ड अयस्क की मौजूदगी की पुष्टि के बाद सरकार ने सोने की खदान को नीलाम करने से जुड़ी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बाबत भौमिकी एवं खनिकर्म विभाग के संचालक ने सिंगरौली कलेक्टर से आवेदन मांगा है। इससे पहले सरकार चितरंगी क्षेत्र में स्थित चकरिया खदान नीलाम कर चुकी है।
मध्य प्रदेश के सिंगरौली में कोयला के बाद अब सोना निकालने का कार्य शुरू होने वाला है। चितरंगी ब्लॉक के चकरिया और गुरार पहाड़ में सोना होने की पुष्टि भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की तरफ से वर्ष 2002 में की गई थी। इसके बाद चकरिया ब्लॉक को नीलाम कर दिया गया, लेकिन प्रशासनिक शिथिलता की वजह से गुरार ब्लॉक को लेकर बात आगे नहीं बढ़ पाई। सरकार ने गुरार ब्लॉक को लेकर ठोस कदम उठाया है। इसी वजह से माना जा रहा है कि जल्द नीलामी प्रक्रिया पूरी होगी और इसके बाद खनन शुरू होगा। यूपी-एमपी के सीमाचंल क्षेत्र में स्थित गुरार पहाड़ (गोल्ड ब्लॉक) सिल्फोरी और सिधारी गांव के समीप चितरंगी तहसील के 146.83 हेक्टेयर में है। बताया जा रहा है कि सरकार इस गोल्ड ब्लाक को खनन के लिए 50 साल के लिए लीज पर नीलाम करेगी।
चकरिया की हो चुकी है नीलामी
सिंगरौली। सर्वेक्षण में चितरंगी तहसील के चकरिया में सोना मिलने के बाद से इस खदान की नीलामी शासन की तरफ से की जा चुकी है। इस खनन क्षेत्र को गरिमा नेचुरल रिसोर्सेस प्राइवेट लिमिटेड ने हासिल किया है। चकरिया में 23.56 हेक्टेयर क्षेत्र में गोल्ड माइनिंग की जानी है एवं 0.137 मिलियन टन सोना मिलने का अनुमान है। संबंधित क्षेत्र से 50 सालों तक 5.494 करोड़ प्रतिवर्ष 50 सालों तक राजस्व की प्राप्ति होगी।
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जीएसआई के सर्वे में गोल्ड अयस्क की पुष्टि के बाद भोपाल से आवेदन मांगा गया है। जिला स्तर पर मांगी गई जानकारियों का संकलन किया जा रहा है। जल्द रिपोर्ट तैयार कर भौमिकी एवं खनिकर्म संचालनालय को भेज दी जाएगी। - एके राय खनिज अधिकारी, सिंगरौली (मध्य प्रदेश)।
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मध्य प्रदेश के सिंगरौली में कोयला के बाद अब सोना निकालने का कार्य शुरू होने वाला है। चितरंगी ब्लॉक के चकरिया और गुरार पहाड़ में सोना होने की पुष्टि भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की तरफ से वर्ष 2002 में की गई थी। इसके बाद चकरिया ब्लॉक को नीलाम कर दिया गया, लेकिन प्रशासनिक शिथिलता की वजह से गुरार ब्लॉक को लेकर बात आगे नहीं बढ़ पाई। सरकार ने गुरार ब्लॉक को लेकर ठोस कदम उठाया है। इसी वजह से माना जा रहा है कि जल्द नीलामी प्रक्रिया पूरी होगी और इसके बाद खनन शुरू होगा। यूपी-एमपी के सीमाचंल क्षेत्र में स्थित गुरार पहाड़ (गोल्ड ब्लॉक) सिल्फोरी और सिधारी गांव के समीप चितरंगी तहसील के 146.83 हेक्टेयर में है। बताया जा रहा है कि सरकार इस गोल्ड ब्लाक को खनन के लिए 50 साल के लिए लीज पर नीलाम करेगी।
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चकरिया की हो चुकी है नीलामी
सिंगरौली। सर्वेक्षण में चितरंगी तहसील के चकरिया में सोना मिलने के बाद से इस खदान की नीलामी शासन की तरफ से की जा चुकी है। इस खनन क्षेत्र को गरिमा नेचुरल रिसोर्सेस प्राइवेट लिमिटेड ने हासिल किया है। चकरिया में 23.56 हेक्टेयर क्षेत्र में गोल्ड माइनिंग की जानी है एवं 0.137 मिलियन टन सोना मिलने का अनुमान है। संबंधित क्षेत्र से 50 सालों तक 5.494 करोड़ प्रतिवर्ष 50 सालों तक राजस्व की प्राप्ति होगी।
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जीएसआई के सर्वे में गोल्ड अयस्क की पुष्टि के बाद भोपाल से आवेदन मांगा गया है। जिला स्तर पर मांगी गई जानकारियों का संकलन किया जा रहा है। जल्द रिपोर्ट तैयार कर भौमिकी एवं खनिकर्म संचालनालय को भेज दी जाएगी। - एके राय खनिज अधिकारी, सिंगरौली (मध्य प्रदेश)।