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अब से संभल जाएं, तेजी से बिगड़ रहा है पर्यावरण

Sat, 21 Feb 2015 11:37 PM IST
संवाददाता अमर उजाला सोनभद्र
संवाददाता अमर उजाला सोनभद्र Updated Sat, 21 Feb 2015 11:37 PM IST
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Go Steady now , is rapidly deteriorating environment
अवधूत भगवान राम पीजी कालेज में पर्यावरण संरक्षण, विकास और औद्योगिक विस्तार.. विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में शनिवार को देश के विभिन्न हिस्सों से आए पर्यावरणविदों ने पारिस्थितिकी असंतुलन के खतरों से आगाह किया। कहा कि अगर हम समय रहते नहीं चेते तो भारत के कई स्थल मिनिमाटा (जापान स्थित एक शहर) बन जाएंगे।
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जनसंख्या वृद्धि और अनियंत्रित विकास को जवाबदेह ठहराते हुए कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक पर्यावरण का स्वरूप तेजी से बिगड़ रहा है। समुचित प्रबंधन प्रणाली अमल में नहीं लाई गई तो आने वाला समय भयावह परिणाम देगा।
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मुख्य अतिथि मगध विश्वविद्यालय के पूर्व उप कुलपति प्रो. नंद ने कहा कि तेजी से बढ़ती जनसंख्या और संसाधनों का अनियंत्रित दोहन पर्यावरणीय स्वरूप बिगाड़ रहा है।
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ऊर्जाधानी कहा जाने वाला सोनभद्र-सिंगरौली क्षेत्र देश के तीन अत्यधिक प्रदूषित इलाकों में जगह बना रहा है। हिमालय की सुनहली वादियां भी पर्यावरण प्रदूषण की चपेट में आकर अपनी आभा खोने लगी हैं।

 बीएचयू पर्यावरण विभाग के प्रो. गोपाल सिंह ने कहा कि पारिस्थितिकी असंतुलन का असर सिर्फ भारत नहीं पूरे विश्व पर पड़ रहा है। कुल्लू में सेव की खेती का उदाहरण देते हुए कहा कि अत्यधिक रसायनों का प्रयोग खेतों को उसर बना रहा है।

 डीडीटी और कीटनाशकों का छिड़काव समस्याएं पैदा कर रहा है। इंदिरा गांधी ट्राइबल यूनिवर्सिटी अमरकंटक के प्रो. एनके शर्मा, चित्रकूट विश्वविद्यालय के डा. कमलेश कुमार ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन के साथ वायमुंडल में जहरीली गैसें छोड़ी जा रही हैं।

इससे भारत के कई हिस्सों को मिनिमाटा बनने का खतरा पैदा हो गया है। मगध विश्वविद्यालय के बाटनी विभागाध्यक्ष नलिन के शास्त्री, बीएचयू बाटनी विभाग के डा. एमपी सिंह ने कहा कि बदलता पर्यावरणीय स्वरूप प्राकृतिक वनस्पतियों और जीव जंतुओं पर असर डाल रहा है।

राष्ट्रपति पुरस्कृत शिक्षक ओमप्रकाश त्रिपाठी ने जंगल के सिमटते दायरे पर चिंता जताई। शिब्ली नेशनल कालेज आजमगढ़ के एमजे बेग, डा. एफजेड अली, चंदेश्वर पीजी कालेज आजमगढ़ के डा. नवीन श्रीवास्तव, राजकीय पीजी कालेज भदोही के डा. एसके मिश्रा, नालंदा विश्वविद्यालय बिहार के

प्रो. डीडी पांडेय, बीएचयू आईटी विभाग के प्रो. आरके शर्मा आदि ने भविष्य को लेकर आगाह किया। इससे पूर्व अतिथियों ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।


प्राचार्य डा. पूनम सिंह ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। सेमिनार से जुड़ी पत्रिका का विमोचन हुआ। कार्यक्रम संयोजन आयोजन सचिव दीपक कुमार श्रीवास्तव और संचालन ऋचा सिंह ने किया।

इस मौके पर संजय सिंह, पूर्व जीएम आरएन सिंह, प्रो. नीलकंठ, नीरज श्रीवास्तव, अजय सिंह आदि मौजूद रहे।
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