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गैंगेस्टर के दोषी को सवा चार साल की कैद
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अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी-22 आशुतोष कुमार सिंह की अदालत ने गैंगेस्टर एक्ट के मामले में दोषी को चार साल चार माह की कैद की सजा सुनाई है। उस पर पांच हजार अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर 10 दिन की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक 19 सितंबर 2002 को घोरावल थानाध्यक्ष अक्षैबर राम ने मुखबिर की सूचना पर बकौली गांव स्थित रामविलास के घर पर दबिश दी। वहां से तीन लोगों को गिरफ्तार किया। उनके पास से 600 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस को यह भी पता चला कि रामविलास गांजा तस्कर है। उसकी गैंग भी है। एसओ ने गैंग चार्ट डीएम व एसपी से अनुमोदित कराने के बाद न्यायालय में दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी रामविलास को चार साल चाह माह की कैद और पांच हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर 10 दिन की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता धनंजय शुक्ला ने बहस की।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक 19 सितंबर 2002 को घोरावल थानाध्यक्ष अक्षैबर राम ने मुखबिर की सूचना पर बकौली गांव स्थित रामविलास के घर पर दबिश दी। वहां से तीन लोगों को गिरफ्तार किया। उनके पास से 600 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस को यह भी पता चला कि रामविलास गांजा तस्कर है। उसकी गैंग भी है। एसओ ने गैंग चार्ट डीएम व एसपी से अनुमोदित कराने के बाद न्यायालय में दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी रामविलास को चार साल चाह माह की कैद और पांच हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर 10 दिन की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता धनंजय शुक्ला ने बहस की।
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