सोनभद्र। माताओं ने शुक्रवार को अपने पुत्रों के लंबी उम्र की कामना के साथ संकठी चतुर्थी (गणेश चौथ) का व्रत रखा। पूरे दिन अन्न, जल का त्याग कर माताओं ने रात में चंद्रमा के उदय होने पर अर्घ्य दिया और विधि विधान से प्रथम पुज्य श्रीणेश एवं माता गौरी का पूजन किया। दिन में राबर्ट्र्सगंज सहित अन्य बाजारों में पूजन सामग्री एवं फलों के खरीदारी करने वालों की भीड़ रही। ज्योतिषाचार्य डा.एसएन तिवारी और आचार्य वेद प्रसाद तिवारी ने बताया कि भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष के चतुर्थी तिथि को गणेश चौथ के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीगणेश का पूजन अर्चन कर माताएं अपने पुत्र के दीर्घायु एवं परिवार में मंगल की कामना करती है। माताओं ने शुक्रवार को व्रत रखकर विघ्रहर्ता भगवान श्रीगणेश एवं माता गौरी का पूजन अर्चन किया। गणेश को प्रिय लड्डू, दूर्वा, पान, सोपारी आदि चढ़ाया। माताओं ने अपने पुत्रों के हाथों दिए जल से उदय होते चंद्रमा को अर्घ्य दिया। इसके बाद लोगों में प्रसाद वितरित किया गया। राबट्र्सगंज में नीतू सिंह, कोमल पांडेय, पुष्पा सिंह, मंजू गिरी, स्नेहलता आदि ने गणेश की प्रतिमा के समक्ष पूजन अर्चन की। राबट्र्सगंज के अलावा रामगढ़, खलियारी, घोरावल, चोपन, डाला, रेणुकूट, दुद्धी, बभनी, म्योरपुर इलाके में गणेश चौथ पर विधि विधान से पूजन अर्चन किया गया।