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कोटा उपकेंद्र पर हंगामा
ब्यूरो, अमर उजाला/ सोनभद्र
Updated Thu, 16 Jun 2016 10:31 PM IST
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बिजली सप्लाई ठप
- फोटो : अमर उजाला
कोटा उपकेंद्र पर हंगामा
अनपरा-शक्तिनगर परिक्षेत्र में घंटों ऊर्जांचल में कई दिनों से बेपटरी हुई बिजली आपूर्ति सुधरने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार की शाम अनपरा परियोजना से 132 केवीए के बीना उपकेंद्र के लिए गई पारेषण लाइन ट्रिप कर गई। इससे बीना उपकेंद्र बंद हो गया। मध्यप्रदेश से बिजली लेकर अनपरा-शक्तिनगर परिक्षेत्र में गैर परियोजना इलाकों को घंटे-दो घंटे पर एक-एक घंटे बिजली दी जाती रही। वहीं बीना इलाके में रात में एक-दो घंटे तो बिजली दी गई लेकिन सुबह साढ़े आठ से शाम छह बजे तक बिजली कटी रही।
एक तरफ बिजली कटौती, दूसरी तरफ उमस और मच्छरों की भरमार ने पूरी रात लोगों को तड़पाए रखा। देर रात तक लोग घरों से बाहर निकलकर टहलते रहे। बीमार और बुजुर्गों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। रोजेदारों को खासी फजीहत झेलनी पड़ी। गुरुवार को निर्जला एकादशी का दिन होने के कारण व्रती पुरुष-महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। भोर तक जागने के कारण तमाम लोग सुबह देर तक सोते रहे। इसके चलते लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई। आरओ प्लांट का संचालन प्रभावित होने से स्वच्छ पेयजल के लिए लोगों को भटकना पड़ा। उधर, बीना उपकेंद्र से जुड़ी पारेषण लाइन की देखरेख कर रहे जेई राजेश कुमार का कहना था कि पारेषण लाइन से जुड़े कई उपकरण वर्षों से बदले नहीं गए थे। उपकरणों को बदला जा रहा है। बता दें कि ऊर्जांचल में परियोजना आवासीय परिसर में 24 घंटे और गैर परियोजना क्षेत्र में 22 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है लेकिन किन्हीं वजह बिजली आपूर्ति बाधित होती रहती है।
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अनपरा-शक्तिनगर परिक्षेत्र में घंटों ऊर्जांचल में कई दिनों से बेपटरी हुई बिजली आपूर्ति सुधरने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार की शाम अनपरा परियोजना से 132 केवीए के बीना उपकेंद्र के लिए गई पारेषण लाइन ट्रिप कर गई। इससे बीना उपकेंद्र बंद हो गया। मध्यप्रदेश से बिजली लेकर अनपरा-शक्तिनगर परिक्षेत्र में गैर परियोजना इलाकों को घंटे-दो घंटे पर एक-एक घंटे बिजली दी जाती रही। वहीं बीना इलाके में रात में एक-दो घंटे तो बिजली दी गई लेकिन सुबह साढ़े आठ से शाम छह बजे तक बिजली कटी रही।
एक तरफ बिजली कटौती, दूसरी तरफ उमस और मच्छरों की भरमार ने पूरी रात लोगों को तड़पाए रखा। देर रात तक लोग घरों से बाहर निकलकर टहलते रहे। बीमार और बुजुर्गों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। रोजेदारों को खासी फजीहत झेलनी पड़ी। गुरुवार को निर्जला एकादशी का दिन होने के कारण व्रती पुरुष-महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। भोर तक जागने के कारण तमाम लोग सुबह देर तक सोते रहे। इसके चलते लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई। आरओ प्लांट का संचालन प्रभावित होने से स्वच्छ पेयजल के लिए लोगों को भटकना पड़ा। उधर, बीना उपकेंद्र से जुड़ी पारेषण लाइन की देखरेख कर रहे जेई राजेश कुमार का कहना था कि पारेषण लाइन से जुड़े कई उपकरण वर्षों से बदले नहीं गए थे। उपकरणों को बदला जा रहा है। बता दें कि ऊर्जांचल में परियोजना आवासीय परिसर में 24 घंटे और गैर परियोजना क्षेत्र में 22 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है लेकिन किन्हीं वजह बिजली आपूर्ति बाधित होती रहती है।
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