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Sonebhadra News: चार वाहनों की भिड़ंत, कंस्ट्रक्शन कंपनी के मैनेजर की मौत
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लखनऊ/सोनभद्र। शहीद पथ पर समिट बिल्डिंग के सामने शुक्रवार सुबह भीषण सड़क हादसा हुआ। एक ट्रक के अचानक ब्रेक मारने से एक के एक चार वाहनों की भिड़ंत हो गई। एक कार पीछे से डीसीएम से जा टकराई। उसके पीछे आ रहे डंपर ने कार में टक्कर मार दी। जिससे कार डीसीएम के भीतर घुस गई। हादसे में कार सवार निजी कंपनी के प्रोजेक्टर मैनेजर की मौत हो गई जबकि चालक घायल हो गया। करीब दो घंटे तक शव फंसा रहा। दमकल की टीम ने गैस कटर से कार व डंपर का कुछ हिस्सा काटकर शव को बाहर निकाला। उधर प्राथमिक उपचार के बाद घायल को डिस्चार्ज कर दिया गया है।
सोनभद्र निवासी संतलाल (38) एक निजी कंपनी में प्रोजेक्टर मैनेजर थे। वह अपने ड्राइवर श्रीनाथ के साथ कार से संभल जा रहे थे। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे वह शहीद पथ पर कमता की तरफ आ रहे थे। उनकी कार के आगे डीसीएम और उसके आगे एक ट्रक चल रहा था। समिट बिल्डिंग के पास अचानक से ट्रक ने ब्रेक लगा दी। जिससे डीसीएम उससे जा टकराया। श्रीनाथ भी कार नियंत्रित नहीं कर सके, जिससे वह डीसीएम से टकरा गई। उसके पीछे आ रहा डंपर कार में टक्कर मारते हुए ट्रक से चिपक गया। जिससे कार डीसीएम के भीतर घुस गई। राहगीरों की सूचना पर पहले पुलिस और फिर दमकल की टीम पहुंची। गैस कटर से कार व डीसीएम का एक हिस्सा काटा तब संतलाल को बाहर निकाला। लेकिन, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस की सूचना पर मृतक के परिजन शहर पहुंचे। देर शाम शव लेकर रवाना हुए।
बेबस खड़े रहे लोग, मदद करने का मौका तक नहीं मिला
हादसा देख दर्जनों लोग इकट्ठा हो गए। चूंकि कार डीसीएम के नीचे घुसी थी। पीछे से डंपर के टकराने से कार पिचक गई थी। संतलाल बीच में दब गए थे। दमकल कर्मियों ने हाइड्रा से जेसीबी की मदद से डीसीएम हटाई। उसके पहले गैस कटर से काटकर जब संतताल को निकाला गया। करीब दो घंटे का वक्त इसमें लग गया।
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बाल बाल बची ड्राइवर की जान
कार में पीछे की सीट पर संतलाल बैठे थे। श्रीनाथ कार चला रहा था। कार जब डीसीएम के नीचे दबी थी तब ड्राइवर सीट वाला डोर खुल गया था। जिससे थोड़ी जगह बन गई थी। चूंकि हादसे में श्रीनाथ को मामूली चोट आई थी। इसलिए वह तुरंत उस गेट से बाहर निकल गया। हादसे व कार की हालत देखकर ऐसा लग रहा था कि इसमें सवार कोई भी शख्स नहीं बचा होगा। गनीमत रही श्रीनाथ की जान बच गई।
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सोनभद्र निवासी संतलाल (38) एक निजी कंपनी में प्रोजेक्टर मैनेजर थे। वह अपने ड्राइवर श्रीनाथ के साथ कार से संभल जा रहे थे। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे वह शहीद पथ पर कमता की तरफ आ रहे थे। उनकी कार के आगे डीसीएम और उसके आगे एक ट्रक चल रहा था। समिट बिल्डिंग के पास अचानक से ट्रक ने ब्रेक लगा दी। जिससे डीसीएम उससे जा टकराया। श्रीनाथ भी कार नियंत्रित नहीं कर सके, जिससे वह डीसीएम से टकरा गई। उसके पीछे आ रहा डंपर कार में टक्कर मारते हुए ट्रक से चिपक गया। जिससे कार डीसीएम के भीतर घुस गई। राहगीरों की सूचना पर पहले पुलिस और फिर दमकल की टीम पहुंची। गैस कटर से कार व डीसीएम का एक हिस्सा काटा तब संतलाल को बाहर निकाला। लेकिन, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस की सूचना पर मृतक के परिजन शहर पहुंचे। देर शाम शव लेकर रवाना हुए।
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बेबस खड़े रहे लोग, मदद करने का मौका तक नहीं मिला
हादसा देख दर्जनों लोग इकट्ठा हो गए। चूंकि कार डीसीएम के नीचे घुसी थी। पीछे से डंपर के टकराने से कार पिचक गई थी। संतलाल बीच में दब गए थे। दमकल कर्मियों ने हाइड्रा से जेसीबी की मदद से डीसीएम हटाई। उसके पहले गैस कटर से काटकर जब संतताल को निकाला गया। करीब दो घंटे का वक्त इसमें लग गया।
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बाल बाल बची ड्राइवर की जान
कार में पीछे की सीट पर संतलाल बैठे थे। श्रीनाथ कार चला रहा था। कार जब डीसीएम के नीचे दबी थी तब ड्राइवर सीट वाला डोर खुल गया था। जिससे थोड़ी जगह बन गई थी। चूंकि हादसे में श्रीनाथ को मामूली चोट आई थी। इसलिए वह तुरंत उस गेट से बाहर निकल गया। हादसे व कार की हालत देखकर ऐसा लग रहा था कि इसमें सवार कोई भी शख्स नहीं बचा होगा। गनीमत रही श्रीनाथ की जान बच गई।