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हत्या के चार दोषियों को उम्रकैद्र कैद की सजा
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सोनभद्र। अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय नेत्रपाल सिंह की अदालत ने सोमवार को महेश हत्याकांड में चार दोषियों भगवानदास, श्यामसुंदर, मुन्नर एवं मटुक्की को दोषसिद्ध पाकर उम्रकैद एवं साढ़े आठ-साढ़े आठ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं अर्थदंड न देने पर प्रत्येक को 6-6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के पापी गांव निवासी दुखन्ति ने 11 अक्तूबर 2014 को दी तहरीर में अवगत कराया था कि पुरानी रंजिश को लेकर सुबह 7 बजे लाठी-डंडा लेकर गांव के भगवानदास, श्यामसुंदर, मुन्नर एवं मटुक्की ने घर को घेर लिया और गाली देने लगे। जब बेटा महेश घर से बाहर निकला तो दौड़ा लिए तो वह फिर घर में आ गया। लेकिन अभियुक्तगण भी घर में घुस गए और गाली देते हुए लाठी-डंडे एवं बरछा से बेटा महेश की बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी। साथ ही लाश को घसीटते हुए सड़क पर फेंक दिया। इस दौरान छुड़ाने गई माला एवं कृष्णावती को भी पीटा। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना की। पर्याप्त सबूत मिलने पर अभियुक्तगणों के विरुद्ध न्यायालय में विवेचक ने चार्जशीट दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी भगवानदास, श्यामसुंदर, मुन्नर एवं मटुक्की को उम्रकैद एवं साढ़े आठ-साढ़े आठ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं अर्थदंड न देने पर 6-6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजन अधिकारी विजय प्रकाश यादव ने बहस की।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के पापी गांव निवासी दुखन्ति ने 11 अक्तूबर 2014 को दी तहरीर में अवगत कराया था कि पुरानी रंजिश को लेकर सुबह 7 बजे लाठी-डंडा लेकर गांव के भगवानदास, श्यामसुंदर, मुन्नर एवं मटुक्की ने घर को घेर लिया और गाली देने लगे। जब बेटा महेश घर से बाहर निकला तो दौड़ा लिए तो वह फिर घर में आ गया। लेकिन अभियुक्तगण भी घर में घुस गए और गाली देते हुए लाठी-डंडे एवं बरछा से बेटा महेश की बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी। साथ ही लाश को घसीटते हुए सड़क पर फेंक दिया। इस दौरान छुड़ाने गई माला एवं कृष्णावती को भी पीटा। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना की। पर्याप्त सबूत मिलने पर अभियुक्तगणों के विरुद्ध न्यायालय में विवेचक ने चार्जशीट दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी भगवानदास, श्यामसुंदर, मुन्नर एवं मटुक्की को उम्रकैद एवं साढ़े आठ-साढ़े आठ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं अर्थदंड न देने पर 6-6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजन अधिकारी विजय प्रकाश यादव ने बहस की।
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