{"_id":"68697a41ba4c192f1a038191","slug":"forest-department-put-brakes-on-the-construction-of-culvert-and-road-sonbhadra-news-c-194-1-son1002-130798-2025-07-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: वन विभाग ने पुलिया और सड़क के निर्माण पर लगाया ब्रेक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: वन विभाग ने पुलिया और सड़क के निर्माण पर लगाया ब्रेक
विज्ञापन
वन विभाग से एनओसी के फेर में कई विकास परियोजनाओं का काम अटका हुआ है। कहीं सड़क नहीं बन पा रही तो कहीं पुलिया अधर में है। अधूरे कार्यों से ग्रामीणों को फजीहत झेलनी पड़ रही है।
अब बरसात के दिनों में समस्या और बढ़ गई है। देश को रोशन करने वाले ऊर्जांचल के सुदूर इलाकों में आवागमन के लिए आज भी पक्की सड़क और पुल नहीं बन पाया है।
ग्रामीण इलाकों में वन विभाग के अवरोध से सड़क निर्माण नहीं हो पा रहा, जबकि पूर्व में उन सड़कों का निर्माण पीडब्लूडी की ओर से ही कराया गया था। बारिश के दिनों में उन सड़कों से आवागमन पूरी तरह बंद हो जाता है।
ग्रामीण लंबी दूरी तय कर दूसरे रास्ते से आवागमन करने को विवश हैं। सबसे ज्यादा समस्या तो गर्भवती महिलाओं और वृद्ध मरीजों को होती है। कच्ची सड़कों के कारण बारिश के दिनों में लोग मरीजों चारपाई पर लेटाकर एंबुलेंस तक पहुंचाते हैं।
विज्ञापन
वाराणसी-शक्तिनगर हाइवे के डिबुलगंज से कुलडोमरी ग्राम पंचायत के खजुरा नगहां मोड़ तक सड़क निर्माण की निविदा पीडब्ल्यूडी की ओर से की गई थी, लेकिन नगहां मोड़ से सगनरा तक दो किमी तक सड़क निर्माण वन विभाग ने रोक लगा दी। इस कारण आज भी एंबुलेंस सगनरा में खड़ी हो जाती है। बरसात में आवागमन पूरी तरह बंद हो जाता है।
वाराणसी-शक्तिनगर हाइवे के सिदहवां से कुलडोमरी ग्राम पंचायत के लोट टोले में जाने वाली 850 मीटर की सड़क की निविदा पीडब्ल्यूडी की ओर से की गई थी, लेकिन बीच में करीब 300 मीटर वन भूमि आने के कारण सड़क निर्माण कार्य वन विभाग ने बंद करा दिया। आज भी ग्रामीण टूटे सड़क से आवागमन करने को विवश हैं। इसी टोले में प्राथमिक विद्यालय से सिदहवां से खजुरा मार्ग कच्ची है। पीडब्ल्यूडी ने काम शुरू कराया, लेकिन वन विभाग ने वहां भी अपनी भूमि का दावा कर कार्य पर रोक दिया। बारिश के दिनों में स्कूली बच्चे कीचड़ से होकर विद्यालय पहुंचते हैं।
जोगेंद्रा ग्राम पंचायत के धुर्वाह टोले में कसीहवा जाने वाली सड़क आज भी कच्ची है। यहां एक छोटी नदी पड़ती है। पुल निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी ने निविदा कराई, लेकिन वन विभाग ने अपनी भूमि बताते हुए पुल निर्माण कार्य बंद करा दिया। कच्ची सड़क और पुल न होने के कारण बारिश में आवागमन पूरी तरह बंद हो जाता है।
अनपरा नगर पंचायत के बिछड़ी स्थित बड़े हनुमान मंदिर पर जाने के लिए दशकों बाद भी पक्की सड़क नहीं बन पाई। मंदिर समिति एवं श्रद्धालुओं की मांग पर एनसीएल ने सड़क निर्माण की निविदा कराई, लेकिन आधे पर ही वन विभाग ने आपत्ति जताते हुए सड़क निर्माण पर रोक लगा दी। कच्ची सड़क के कारण दो पहिया और चारपहिया बारिश के दिनों में मंदिर तक नही जाती। श्रद्धालु ऊंची सीढ़ीयां चढ़कर मंदिर पहुंचना पड़ता है।
यहां भी काम अटका
रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक में बघुआर ग्राम पंचायत का गड़ौरा टोला अब तक संपर्क मार्ग से नहीं जुड़ पाया है। यहां पूर्व में पीडब्ल्यूडी की ओर से सर्वे भी कराया जा चुका है, लेकिन वन विभाग से एनओसी न मिलने से काम नहीं हो पा रहा। यही हाल घोरावल ब्लॉक के तिलहर गांव को जाने वाली सड़क का भी है। नगवां ब्लॉक में मांची-सुअरसोत मार्ग को पीएमजीएसवाई के तहत बनवाया जा रहा है। तीन साल से एनओसी के इंतजार में सड़क पूरी नहीं बन पाई है।
एनओसी के लिए अभी तक किसी भी कार्यदाई संस्था ने कार्यालय में संपर्क नहीं किया है। अगर किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य के लिए आवेदन आता है तो नियमानुसार उन्हें एनओसी दिया जाएगा।
-कमल कुमार, डीएफओ रेणुकूट वन प्रभाग।
विज्ञापन
अब बरसात के दिनों में समस्या और बढ़ गई है। देश को रोशन करने वाले ऊर्जांचल के सुदूर इलाकों में आवागमन के लिए आज भी पक्की सड़क और पुल नहीं बन पाया है।
ग्रामीण इलाकों में वन विभाग के अवरोध से सड़क निर्माण नहीं हो पा रहा, जबकि पूर्व में उन सड़कों का निर्माण पीडब्लूडी की ओर से ही कराया गया था। बारिश के दिनों में उन सड़कों से आवागमन पूरी तरह बंद हो जाता है।
विज्ञापन
ग्रामीण लंबी दूरी तय कर दूसरे रास्ते से आवागमन करने को विवश हैं। सबसे ज्यादा समस्या तो गर्भवती महिलाओं और वृद्ध मरीजों को होती है। कच्ची सड़कों के कारण बारिश के दिनों में लोग मरीजों चारपाई पर लेटाकर एंबुलेंस तक पहुंचाते हैं।
विज्ञापन
वाराणसी-शक्तिनगर हाइवे के डिबुलगंज से कुलडोमरी ग्राम पंचायत के खजुरा नगहां मोड़ तक सड़क निर्माण की निविदा पीडब्ल्यूडी की ओर से की गई थी, लेकिन नगहां मोड़ से सगनरा तक दो किमी तक सड़क निर्माण वन विभाग ने रोक लगा दी। इस कारण आज भी एंबुलेंस सगनरा में खड़ी हो जाती है। बरसात में आवागमन पूरी तरह बंद हो जाता है।
वाराणसी-शक्तिनगर हाइवे के सिदहवां से कुलडोमरी ग्राम पंचायत के लोट टोले में जाने वाली 850 मीटर की सड़क की निविदा पीडब्ल्यूडी की ओर से की गई थी, लेकिन बीच में करीब 300 मीटर वन भूमि आने के कारण सड़क निर्माण कार्य वन विभाग ने बंद करा दिया। आज भी ग्रामीण टूटे सड़क से आवागमन करने को विवश हैं। इसी टोले में प्राथमिक विद्यालय से सिदहवां से खजुरा मार्ग कच्ची है। पीडब्ल्यूडी ने काम शुरू कराया, लेकिन वन विभाग ने वहां भी अपनी भूमि का दावा कर कार्य पर रोक दिया। बारिश के दिनों में स्कूली बच्चे कीचड़ से होकर विद्यालय पहुंचते हैं।
जोगेंद्रा ग्राम पंचायत के धुर्वाह टोले में कसीहवा जाने वाली सड़क आज भी कच्ची है। यहां एक छोटी नदी पड़ती है। पुल निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी ने निविदा कराई, लेकिन वन विभाग ने अपनी भूमि बताते हुए पुल निर्माण कार्य बंद करा दिया। कच्ची सड़क और पुल न होने के कारण बारिश में आवागमन पूरी तरह बंद हो जाता है।
अनपरा नगर पंचायत के बिछड़ी स्थित बड़े हनुमान मंदिर पर जाने के लिए दशकों बाद भी पक्की सड़क नहीं बन पाई। मंदिर समिति एवं श्रद्धालुओं की मांग पर एनसीएल ने सड़क निर्माण की निविदा कराई, लेकिन आधे पर ही वन विभाग ने आपत्ति जताते हुए सड़क निर्माण पर रोक लगा दी। कच्ची सड़क के कारण दो पहिया और चारपहिया बारिश के दिनों में मंदिर तक नही जाती। श्रद्धालु ऊंची सीढ़ीयां चढ़कर मंदिर पहुंचना पड़ता है।
यहां भी काम अटका
रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक में बघुआर ग्राम पंचायत का गड़ौरा टोला अब तक संपर्क मार्ग से नहीं जुड़ पाया है। यहां पूर्व में पीडब्ल्यूडी की ओर से सर्वे भी कराया जा चुका है, लेकिन वन विभाग से एनओसी न मिलने से काम नहीं हो पा रहा। यही हाल घोरावल ब्लॉक के तिलहर गांव को जाने वाली सड़क का भी है। नगवां ब्लॉक में मांची-सुअरसोत मार्ग को पीएमजीएसवाई के तहत बनवाया जा रहा है। तीन साल से एनओसी के इंतजार में सड़क पूरी नहीं बन पाई है।
एनओसी के लिए अभी तक किसी भी कार्यदाई संस्था ने कार्यालय में संपर्क नहीं किया है। अगर किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य के लिए आवेदन आता है तो नियमानुसार उन्हें एनओसी दिया जाएगा।
-कमल कुमार, डीएफओ रेणुकूट वन प्रभाग।