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पहला सुख निरोगी काया, लें पौष्टिक आहार डॉ. मनीषा
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बभनी। डीएवी पब्लिक स्कूल रिहंदनगर में मिशन-शक्ति कार्ययोजना के अंतिम कड़ी में सोमवार को स्वास्थ्य प्रशिक्षण शिविर लगा। इसमें किशोरियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया।
एनटीपीसी अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीषा कुलश्रेष्ठ ने छात्राओं को स्त्रीजनित बीमारियों एवं समस्याओं से अवगत कराते हुए किशोरियों को स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील होने की सलाह दी। उन्हाेंने किशोरावस्था में होने वाले परिवर्तनों से अवगत कराते हुए पौष्टिक आहार लेने और शारीरिक श्रम आदि करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि आप अपने, अपने परिवार, समाज और देश के भविष्य हैं। एक शिक्षित एवं स्वस्थ जनसंख्या ही कार्यश्रम शक्ति प्रदान करती है। किशोरावस्था में अनेक प्रकार की शारीरिक समस्याएं आती है, उनसे प्रभावी तरीके से निपटने के लिए जरूरत के अनुसार चिकित्सकों से अवश्य परामर्श लें। आपके स्वास्थ्य के लिए भारत सरकार ने कठोर कानून के द्वारा बाल विवाह पर प्रतिबंध लगाया है।
प्राचार्य राजकुमार ने छात्राओं को बताया कि मानव पूंजी निर्माण में शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों अत्यंत महत्वपूर्ण कारक हैं। यदि शिक्षित व्यक्ति भी स्वस्थ नहीं हैं तो वह परिवार, समाज और देश पर एक बोझ के समान है। कार्यक्रम का संचालन कक्षा दसवीं की छात्रा रानू ने किया। इस आयोजन में और कोविड-19 के सभी निर्देशों का पालन कराने में बी आर शर्मा, अनंत मोहन, डीसी शुक्ला, नरेश जायसवाल, पुष्पा पांडेय, प्रभा सिंह, समता सिंह, प्रेमलता, डी. लाल, सौरभ कुमार आदि ने विशेष योगदान दिया।
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एनटीपीसी अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीषा कुलश्रेष्ठ ने छात्राओं को स्त्रीजनित बीमारियों एवं समस्याओं से अवगत कराते हुए किशोरियों को स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील होने की सलाह दी। उन्हाेंने किशोरावस्था में होने वाले परिवर्तनों से अवगत कराते हुए पौष्टिक आहार लेने और शारीरिक श्रम आदि करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि आप अपने, अपने परिवार, समाज और देश के भविष्य हैं। एक शिक्षित एवं स्वस्थ जनसंख्या ही कार्यश्रम शक्ति प्रदान करती है। किशोरावस्था में अनेक प्रकार की शारीरिक समस्याएं आती है, उनसे प्रभावी तरीके से निपटने के लिए जरूरत के अनुसार चिकित्सकों से अवश्य परामर्श लें। आपके स्वास्थ्य के लिए भारत सरकार ने कठोर कानून के द्वारा बाल विवाह पर प्रतिबंध लगाया है।
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प्राचार्य राजकुमार ने छात्राओं को बताया कि मानव पूंजी निर्माण में शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों अत्यंत महत्वपूर्ण कारक हैं। यदि शिक्षित व्यक्ति भी स्वस्थ नहीं हैं तो वह परिवार, समाज और देश पर एक बोझ के समान है। कार्यक्रम का संचालन कक्षा दसवीं की छात्रा रानू ने किया। इस आयोजन में और कोविड-19 के सभी निर्देशों का पालन कराने में बी आर शर्मा, अनंत मोहन, डीसी शुक्ला, नरेश जायसवाल, पुष्पा पांडेय, प्रभा सिंह, समता सिंह, प्रेमलता, डी. लाल, सौरभ कुमार आदि ने विशेष योगदान दिया।
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