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Sonebhadra News: नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह पर प्राथमिकी दर्ज
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बभनी (सोनभद्र)। सोनभद्र सहित पूर्वांचल के कई जिलों के युवाओं को नौकरी का झांसा देकर उनसे ठगी के मामले में बभनी थाने में मंगलवार की देर शाम प्राथमिकी दर्ज की गई। पीड़ितों का दावा है कि वाराणसी में नौकरी के नाम पर ठगी का बड़ा गिरोह संचालित किया जा रहा है। एएसपी मुख्यालय अनिल कुमार के निर्देश पर दर्ज जीरो एफआईआर को वाराणसी के लंका थाने स्थानांतरित किया जा रहा है। आगे की जांच लंका पुलिस करेगी।
बभनी थाना क्षेत्र के बड़होर गांव निवासी सावित्री वारी, म्योरपुर थाना क्षेत्र के शिसना गांव निवासी देवंती, बभनी निवासी भानमती गोंड, अनीता खरवार, उसके भाई राकेश खरवार ने तहरीर में बताया है कि उन्हें वाराणसी की एमएस काशी हरबोना एसोसिएट की तरफ से फर्जी फार्म भरवाकर नौकरी के लिए रतनपुरा वाराणसी बुलाया गया। वहां उनसे उनके मित्र, सगे-संबंधियों के नाम, मोबाइल नंबर, पता नोट कराया गया। उन्हें भी नौकरी देने के नाम पर झांसा देकर बुलाने के लिए दबाव बनाया गया। सभी लड़कियों को एक कमरे में रखते हुए उन पर निगरानी रखी गई। उनके मोबाइल फोन जमा करा लिए गए। जब भी फोन वापस करते तब शर्त रखी जाती कि सगे संबंधियों को फोन करो और नौकरी के लिए शुल्क जमा करने के लिए कहो। दावा किया गया कि उसने भी नौकरी के लिए सुविधा शुल्क के नाम पर 1.30 लाख रुपये जमा कराए गए। इसी तरह कई और से ठगी की गई। प्रभारी निरीक्षक डीपी यादव ने बताया कि जीरो एफआईआर के रूप में मामला दर्ज कर लिया गया है। आगे की कार्रवाई के लिए इसे वाराणसी के लंका थाने स्थानांतरित किया जा रहा है।
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बभनी थाना क्षेत्र के बड़होर गांव निवासी सावित्री वारी, म्योरपुर थाना क्षेत्र के शिसना गांव निवासी देवंती, बभनी निवासी भानमती गोंड, अनीता खरवार, उसके भाई राकेश खरवार ने तहरीर में बताया है कि उन्हें वाराणसी की एमएस काशी हरबोना एसोसिएट की तरफ से फर्जी फार्म भरवाकर नौकरी के लिए रतनपुरा वाराणसी बुलाया गया। वहां उनसे उनके मित्र, सगे-संबंधियों के नाम, मोबाइल नंबर, पता नोट कराया गया। उन्हें भी नौकरी देने के नाम पर झांसा देकर बुलाने के लिए दबाव बनाया गया। सभी लड़कियों को एक कमरे में रखते हुए उन पर निगरानी रखी गई। उनके मोबाइल फोन जमा करा लिए गए। जब भी फोन वापस करते तब शर्त रखी जाती कि सगे संबंधियों को फोन करो और नौकरी के लिए शुल्क जमा करने के लिए कहो। दावा किया गया कि उसने भी नौकरी के लिए सुविधा शुल्क के नाम पर 1.30 लाख रुपये जमा कराए गए। इसी तरह कई और से ठगी की गई। प्रभारी निरीक्षक डीपी यादव ने बताया कि जीरो एफआईआर के रूप में मामला दर्ज कर लिया गया है। आगे की कार्रवाई के लिए इसे वाराणसी के लंका थाने स्थानांतरित किया जा रहा है।
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