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कार्रवाई के भय से 300 से ज्यादा अपात्रों ने सरेंडर किया राशन कार्ड
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अपात्र होकर भी सरकार के निशुल्क राशन को डकारने वालों को अब कार्रवाई का डर सताने लगा है। शासन की सख्ती के बाद पखवारे भर में 300 से ज्यादा अपात्रों ने राशन कार्ड सरेंडर कर दिया है। अब जिले में अपात्र राशन कार्डधारकों का डाटा आपूर्ति विभाग तैयार करने में लगा है। इसके आधार पर ब्लॉकवार अपात्रों को नोटिस जारी कर 2016 से वसूली की कार्रवाई की जाएगी। अपात्रों से राशन के बाजार मूल्य के आधार पर वसूली की जाएगी। इसके लिए रूपरेखा बनाई जा रही है।
जिले में सरकार गरीबों को मुफ्त अनाज, रिफाइंड तेल आदि मुहैया करा रही है। इसका लाभ हजारों अपात्र भी ले रहे हैं। मामला संज्ञान में आने पर सरकार ने अपात्रों का कार्ड निरस्त कर उनसे रिकवरी करने के लिए प्रशासन को निर्देश दिया है। इस क्रम में राशन कार्डों के सत्यापन का कार्य शुरू कर दिया गया है। डीएसओ के निर्देश पर सभी पूर्ति निरीक्षकों को टीम बनाकर राशन कार्डों का जांच शुरू कर दी है। इसकी भनक लगते ही अपात्रों को कार्रवाई का भय सताने लगा है। राबर्ट्सगंज, घोरावल, ओबरा और दुद्धी तहसील के नगरीय और ग्रामीण इलाकों में करीब चार लाख दो हजार कार्डधारक हैं। इसमें करीब 60558 अंत्योदय कार्डधारक और शेष पात्र गृहस्थी कार्डधारक है। जांच में अपात्र मिलने वाले कार्डधारकों से वसूली की जाएगी। इस बीच अगर कोई खुद से राशन कार्ड निरस्त करवा देता है तो उसे वरीयता दी जाएगी और उससे अनाज की वसूली नहीं की जाएगी।
कार्डधारकों का सत्यापन कराया जा रहा है। अपात्र व्यक्ति तहसील में एसडीएम, पूर्ति निरीक्षक, ब्लॉकों में बीडीओ या डीएसओ कार्यालय में कार्ड सरेंडर करने के लिए प्रार्थना पत्र दे सकते हैं। प्रार्थना पत्र की रिसिविंग अवश्य लें। अब तक तीन सौ से अधिक लोगों ने कार्ड सरेंडर कर दिया है। अपात्रों से रिकवरी की जाएगी। - गौरीशंकर शुक्ला, जिला पूर्ति अधिकारी
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इन लोगों का कार्ड होगा निरस्त
सोनभद्र। गरीबों को मिलने वाले अनाज को अपात्र भी डकार रहे हैं। यह मामला संज्ञान में आने पर सरकार ने पात्र और अपात्र राशन कार्डधारकों की श्रेणी निर्धारित कर दी है। आपूर्ति विभाग की मानें तो चार पहिया वाहन, एसी, हार्वेस्टर, आयकर दाता, असलहा, पांच केवीए का जनरेटर कार्डधारक के पास नहीं होना चाहिए। सात एकड़ से अधिक सिंचित भूमि, ग्रामीण क्षेत्रों में दो लाख और शहरी क्षेत्र में तीन लाख रुपये सालाना आय से अधिक उनका राशन कार्ड निरस्त होगा। सूत्रों की मानें तो दस जून तक राशन कार्ड सरेंडर न करने वाले अपात्रों से वसूली शुरू की जाएगी।
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जिले में सरकार गरीबों को मुफ्त अनाज, रिफाइंड तेल आदि मुहैया करा रही है। इसका लाभ हजारों अपात्र भी ले रहे हैं। मामला संज्ञान में आने पर सरकार ने अपात्रों का कार्ड निरस्त कर उनसे रिकवरी करने के लिए प्रशासन को निर्देश दिया है। इस क्रम में राशन कार्डों के सत्यापन का कार्य शुरू कर दिया गया है। डीएसओ के निर्देश पर सभी पूर्ति निरीक्षकों को टीम बनाकर राशन कार्डों का जांच शुरू कर दी है। इसकी भनक लगते ही अपात्रों को कार्रवाई का भय सताने लगा है। राबर्ट्सगंज, घोरावल, ओबरा और दुद्धी तहसील के नगरीय और ग्रामीण इलाकों में करीब चार लाख दो हजार कार्डधारक हैं। इसमें करीब 60558 अंत्योदय कार्डधारक और शेष पात्र गृहस्थी कार्डधारक है। जांच में अपात्र मिलने वाले कार्डधारकों से वसूली की जाएगी। इस बीच अगर कोई खुद से राशन कार्ड निरस्त करवा देता है तो उसे वरीयता दी जाएगी और उससे अनाज की वसूली नहीं की जाएगी।
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कार्डधारकों का सत्यापन कराया जा रहा है। अपात्र व्यक्ति तहसील में एसडीएम, पूर्ति निरीक्षक, ब्लॉकों में बीडीओ या डीएसओ कार्यालय में कार्ड सरेंडर करने के लिए प्रार्थना पत्र दे सकते हैं। प्रार्थना पत्र की रिसिविंग अवश्य लें। अब तक तीन सौ से अधिक लोगों ने कार्ड सरेंडर कर दिया है। अपात्रों से रिकवरी की जाएगी। - गौरीशंकर शुक्ला, जिला पूर्ति अधिकारी
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इन लोगों का कार्ड होगा निरस्त
सोनभद्र। गरीबों को मिलने वाले अनाज को अपात्र भी डकार रहे हैं। यह मामला संज्ञान में आने पर सरकार ने पात्र और अपात्र राशन कार्डधारकों की श्रेणी निर्धारित कर दी है। आपूर्ति विभाग की मानें तो चार पहिया वाहन, एसी, हार्वेस्टर, आयकर दाता, असलहा, पांच केवीए का जनरेटर कार्डधारक के पास नहीं होना चाहिए। सात एकड़ से अधिक सिंचित भूमि, ग्रामीण क्षेत्रों में दो लाख और शहरी क्षेत्र में तीन लाख रुपये सालाना आय से अधिक उनका राशन कार्ड निरस्त होगा। सूत्रों की मानें तो दस जून तक राशन कार्ड सरेंडर न करने वाले अपात्रों से वसूली शुरू की जाएगी।