Sonbhadra News: खाद न मिलने से भड़के किसान, दरोगा पर मारपीट का आरोप, आक्रोशित लोगों ने किया हाईवे जाम
सोनभद्र जिले में खाद न मिलने से बुधवार को किसानों का गुस्सा भड़क उठा। सैकड़ों लोगों हाईवे जाम कर दिया। इस दौरान किसानों ने दरोगा पर मारपीट करने का आरोप भी लगाया।
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धान की फसल में खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। विंढमगंज थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत सलैयाडिह स्थित क्रय-विक्रय सहकारी समिति विंढमगंज लैंपस व कोलीनडूबा ग्राम पंचायत स्थित मेदनीखाड़ लैंपस पर खाद न मिलने से सैकड़ों किसान धरना-प्रदर्शन करने लगे। हालात बिगड़ते देख मौके पर पहुंचे उपनिरीक्षक केके सिंह पर किसानों ने लाठी चलाकर एक किसान को मारने का आरोप लगाया। इससे आक्रोशित किसानों नारे लगाते हुए रांची-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया।
सूचना पर प्रभारी निरीक्षक भानु प्रताप सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और किसी तरह हालात को नियंत्रित कर दरोगा को किसानों के घेरे से बाहर निकाला। इसके बाद एसडीएम दुद्धी व क्षेत्राधिकारी को घटनाक्रम से अवगत कराया गया। किसानों का कहना है कि बीते एक पखवारे से खाद की आपूर्ति बेहद कम हो रही है, जबकि फसल में खाद डालना जरूरी हो गया है।
बुधवार सुबह से ही तीनों केंद्रों पर किसानों की लंबी कतारें लग गईं। जब काफी देर तक खाद नहीं मिला तो किसान अनुपम यादव, मनीष मद्धेशिया, लक्ष्मण कुशवाहा व सुरेंद्र पासवान के नेतृत्व में आक्रोशित होकर प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान “खाद दो, खाद की कालाबाजारी बंद करो” जैसे नारे गूंजते रहे। लैंपस सचिवों का कहना है कि किसानों की संख्या के मुकाबले खाद की आपूर्ति बेहद कम है। विंढमगंज लैंपस पर 220 बोरी, सलैयाडिह समिति पर 120 बोरी व मेदनीखाड़ लैंपस पर 220 बोरी खाद आई है। वहीं करीब 1200 किसान खाद लेने पहुंचे हैं।
सचिवों का कहना है कि जब तक उच्चाधिकारी मौके पर मौजूद होकर वितरण नहीं कराएंगे, तब तक निष्पक्ष तरीके से किसानों को संतुष्ट कर पाना संभव नहीं है। धरतीडोलवा गांव से खाद लेने आए किसान अमित कुमार पुत्र सुरेश पासवान ने आरोप लगाया कि वे अपनी मां सुनीता देवी के साथ खाद लेने पहुंचे थे। इसी दौरान मौके पर आए दरोगा ने उन्हें लाठी व थप्पड़ से मारा और भगाने का प्रयास किया।
किसान का कहना है कि एक तरफ खाद नहीं मिल रहा है, दूसरी ओर प्रशासन हम पर लाठी चला रहा है, जो बेहद निंदनीय है। प्रदर्शनकारी किसानों में प्रदीप कुमार, राजाराम, रामचंद्र ठाकुर, प्रमोद राम, अनिल राम, देव नाथ, रामविचार, लालता प्रसाद, वीरेंद्र कुमार, नरेश प्रसाद, रामलाल, आशीष, मनोज, प्रेम कुमार, धर्मन प्रसाद, महेंद्र कुमार, सियाराम, नंदलाल, आनंद कुमार, शाहिद समेत बड़ी संख्या में महिला-पुरुष किसान मौजूद रहे।