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क्रय केंद्रों पर दुर्व्यवस्था किसान होते रहे परेशान
ब्यूरो, अमर उजाला, सोनभद्र
Updated Fri, 11 Nov 2016 11:11 PM IST
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प्रशासन की टीम राशन के बोरों को बरामद करते हुए।
- फोटो : amarujala
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जिले में वर्ष 2016-17 में धान क्रय करने के लिए 46 क्रय केंद्र बनाए गए है। केंद्रों पर एक नवंबर से धान की खरीद शुरू है जो 28 फरवरी 2017 तक होगी। शासन ने 70 हजार मीट्रिक धान खरीद करने का लक्ष्य निर्धारित किया हैै। केंद्रों पर व्याप्त दुर्व्यवस्था के चलते 11 दिनों में किसानों ने महज साढ़े तीन सौ कुंतल धान बेचा है। ऐसे में धान खरीद का लक्ष्य पूरा होना संभव नहीं दिखाई दे रहा है।
बतादें कि वर्षों से सूखे की मार झेल रहे किसानों का इस वर्ष धान की खेती करने के लिए पर्याप्त पानी मिला। जरूरत के अनुसार बारिश होने से इस वर्ष धान का पैदावार अच्छा है। अक्तूबर माह से धान के फसल की कटाई शुरू हो गई है। राबर्ट्सगंज, नगवां, चतरा और घोरावल ब्लॉक क्षेत्र के कई किसान धान बेचने व्भी लगे हैै। इसको देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले में किसानों का धान खरीदने के लिए 46 क्रय केंद्र बनाया हैै।
इसमें खाद्य विभाग के 8, कर्मचारी कल्याण निगम के दो, पीसीएफ के 34 और एफसीआई के दो क्रय केंद्र शामिल है। डीएम सीबी सिंह ने सभी केंद्र प्रभारियों को किसानों को शुद्ध पेयजल, रोशनी, बैठने आदि का व्यवस्था कराने का निर्देश दिया है। लेकिन किसी भी केंद्र पर शुद्ध पानी का भी इंतजाम नहीं है।
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केंद्रों के आसपास कूड़ों का ढेर लगा हुआ है। गंदगी से निकलने वाले दुर्गंध से लोग परेशान है। केंद्रों पर सुविधाएं न होने के कारण किसान बाजारों में धान विक्रय कर रहे है। इस संबंध में जिला विपणन अधिकारी अंशुमाली शंकर ने कहा कि सभी केंद्रों पर एक नवंबर से धान खरीद शुरू है। अभी तक लगभग साढ़े तीन सौ कुंतल धान खरीद होने की सूचना प्राप्त हुई है। कहा कि केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण किसानों को दी जाने वाली सुविधाओं का पता लगाया जाएगा। क्रय केंद्र प्रभारियों को नियमानुसार सभी किसानों का धान क्रय करने का निर्देश दिया गया है।
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बतादें कि वर्षों से सूखे की मार झेल रहे किसानों का इस वर्ष धान की खेती करने के लिए पर्याप्त पानी मिला। जरूरत के अनुसार बारिश होने से इस वर्ष धान का पैदावार अच्छा है। अक्तूबर माह से धान के फसल की कटाई शुरू हो गई है। राबर्ट्सगंज, नगवां, चतरा और घोरावल ब्लॉक क्षेत्र के कई किसान धान बेचने व्भी लगे हैै। इसको देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले में किसानों का धान खरीदने के लिए 46 क्रय केंद्र बनाया हैै।
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इसमें खाद्य विभाग के 8, कर्मचारी कल्याण निगम के दो, पीसीएफ के 34 और एफसीआई के दो क्रय केंद्र शामिल है। डीएम सीबी सिंह ने सभी केंद्र प्रभारियों को किसानों को शुद्ध पेयजल, रोशनी, बैठने आदि का व्यवस्था कराने का निर्देश दिया है। लेकिन किसी भी केंद्र पर शुद्ध पानी का भी इंतजाम नहीं है।
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केंद्रों के आसपास कूड़ों का ढेर लगा हुआ है। गंदगी से निकलने वाले दुर्गंध से लोग परेशान है। केंद्रों पर सुविधाएं न होने के कारण किसान बाजारों में धान विक्रय कर रहे है। इस संबंध में जिला विपणन अधिकारी अंशुमाली शंकर ने कहा कि सभी केंद्रों पर एक नवंबर से धान खरीद शुरू है। अभी तक लगभग साढ़े तीन सौ कुंतल धान खरीद होने की सूचना प्राप्त हुई है। कहा कि केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण किसानों को दी जाने वाली सुविधाओं का पता लगाया जाएगा। क्रय केंद्र प्रभारियों को नियमानुसार सभी किसानों का धान क्रय करने का निर्देश दिया गया है।