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फर्जी एनएससी बनाने मामले की रिपोर्ट तलब

Thu, 13 May 2021 05:52 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 13 May 2021 05:52 PM IST
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Fake NSC making case summoned
सोनभद्र। प्रधान डाकघर मिर्जापुर मंडल के डाक अधीक्षक ने राबर्ट्सगंज डाकघर में चार लाख रुपये के फर्जी राष्ट्रीय बचत पत्र (एनएससी) बनाने के मामले की रिपोर्ट तलब की है। उनके निर्देश के बाद भी इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। फिलहाल, डाक विभाग और पुलिस प्रशासन के बीच फर्जी एनएससी बनाये जाने का मामला फंसा हुआ है।
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मुख्य डाकघर राबर्ट्सगंज में चार लाख रुपये के फर्जी एनएससी बनाये जाने का मामला वर्ष 2018 में प्रकाश में आया था। एक व्यक्ति के मोबाइल नंबर और पहचान पत्र को आधार बनाकर फर्जी एनएससी बनाई गई थी। इस मामले में डाक विभाग के कई अधिकारी व कर्मचारी समेत कई अन्य लोगों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। डाक विभाग के उच्चाधिकारियों के पास मामला पहुंचने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए लेकिन निर्देश के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। इस पर प्रधान डाकघर मिर्जापुर के डाक अधीक्षक की तरफ से पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तलब की गई है। इस संबंध में मुख्य डाकघर राबर्ट्सगंज के पोस्टमास्टर रमेश तिवारी का कहना है कि वह राबर्ट्सगंज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने गए थे। लेकिन उस समय मामला दर्ज नहीं किया गया। मामला दर्ज करने के लिए उन्होंने रजिस्ट्री भी की लेकिन पुलिस प्रशासन की तरफ से अब तक कार्रवाई नहीं की गई। प्रधान डाकघर मिर्जापुर के डाक अधीक्षक आशीष कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि राबर्ट्सगंज मुख्य डाकघर में चार लाख रुपये के फर्जी एनएससी बनाये जाने के मामले की पोस्टमास्टर से रिपोर्ट तलब की गई है। साथ ही दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। वही सीओ सिटी राजकुमार तिवारी का कहना है कि एनएससी का क्या मामला था, इसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है। पोस्टमास्टर की तरफ से मुझे तहरीर नहीं दी गई है।
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अपने ही बयान से मुकरे सीओ सिटी
फर्जी एनएससी बनाये जाने के मामले की खबर अमर उजाला में एनएससी के नाम पर फर्जीवाड़ा शीर्षक से 10 मार्च के अंक में प्रकाशित हुई थी। खबर में सीओ राजकुमार तिवारी का बयान प्रकाशित हुआ था। सीओ ने अपने बयान में कहा था कि डाकघर में फर्जी एनएससी का मामला संज्ञान में है। पोस्टमास्टर से इस मामले में तहरीर देने के लिए कहा गया है। तहरीर मिलती है तो मुकदमा दर्ज किया जाएगा। बृहस्पतिवार को जब इस मामले में कार्रवाई के प्रगति के बारे में बयान लिया गया तो उन्होंने फर्जी एनएससी मामले की संज्ञानता से साफ इनकार कर दिया।
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