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एक माह में तीस फीसदी भी किशोरों को नहीं लग सका टीका
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स्वास्थ्य विभाग की तमाम कोशिशों के बाद भी जिले में 12 से 14 वर्ष किशोरों का टीकाकरण अभियान जोर नहीं पकड़ पा रहा है। करीब एक माह बीतने के बाद भी कुल लक्ष्य के सापेक्ष 29 फीसदी किशोर ही टीका लगवा पाए हैं। पहले अवकाश, फिर परीक्षा के बाद अब नियमित स्कूल खुलने के बाद भी टीकाकरण की यह रफ्तार जिम्मेदारों की चिंता बढ़ा रही है।
16 मार्च से जिले में इस उम्र के किशोरों का टीकाकरण शुरू हुआ था। शुरुआती चरण में सीएचसी और पीएचसी सहित कुल नौ स्थानों पर टीका लगाया गय। कुछ दिनों बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से ब्लॉकवार टीम बना स्कूलों में कैंप कर टीकाकरण शुरू किया गया। स्वास्थ्य कर्मियों के काफी प्रयास के बाद भी टीकाकरण की रफ्तार नहीं बढ़ रही है। इसकी प्रमुख वजह कई स्कूलों से टीकाकरण में सहयोग नहीं मिलना भी है। तरह-तरह की समस्या गिनाते हुए अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं। इसे लेकर पूर्व में सीएमओ डॉ. रमेश सिंह ठाकुर की ओर से बीएसए और डीआईओएस को पत्र भी लिखा गया, बावजूद निजी स्कूल संचालकों पर इसका कोई खास असर नहीं दिख रहा। कई स्कूल एडमिशन का हवाला दे रहे हैं तो कहीं से अभिभावकों की ओर से सहमति न दिए जाने की बात कही जा रही है। इन दिनों रोजाना लक्ष्य 5000 के सापेक्ष एक तिहाई बच्चों को ही औसतन टीका लगाया जा रहा है। अभी तक 12 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए निर्धारित कुल लक्ष्य 78898 के सापेक्ष अभी तक कुल 22920 बच्चों को ही टीका करण से रक्षित किया जा चुका है। यानि लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 29.05 प्रतिशत बच्चों को टीका की पहली खुराक लग चुकी है।
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16 मार्च से जिले में इस उम्र के किशोरों का टीकाकरण शुरू हुआ था। शुरुआती चरण में सीएचसी और पीएचसी सहित कुल नौ स्थानों पर टीका लगाया गय। कुछ दिनों बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से ब्लॉकवार टीम बना स्कूलों में कैंप कर टीकाकरण शुरू किया गया। स्वास्थ्य कर्मियों के काफी प्रयास के बाद भी टीकाकरण की रफ्तार नहीं बढ़ रही है। इसकी प्रमुख वजह कई स्कूलों से टीकाकरण में सहयोग नहीं मिलना भी है। तरह-तरह की समस्या गिनाते हुए अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं। इसे लेकर पूर्व में सीएमओ डॉ. रमेश सिंह ठाकुर की ओर से बीएसए और डीआईओएस को पत्र भी लिखा गया, बावजूद निजी स्कूल संचालकों पर इसका कोई खास असर नहीं दिख रहा। कई स्कूल एडमिशन का हवाला दे रहे हैं तो कहीं से अभिभावकों की ओर से सहमति न दिए जाने की बात कही जा रही है। इन दिनों रोजाना लक्ष्य 5000 के सापेक्ष एक तिहाई बच्चों को ही औसतन टीका लगाया जा रहा है। अभी तक 12 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए निर्धारित कुल लक्ष्य 78898 के सापेक्ष अभी तक कुल 22920 बच्चों को ही टीका करण से रक्षित किया जा चुका है। यानि लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 29.05 प्रतिशत बच्चों को टीका की पहली खुराक लग चुकी है।
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