फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Entrepreneur silent by proposing investment

Sonebhadra News: निवेश का प्रस्ताव देकर उद्यमी मौन, कोई जमीन ढूंढ रहा तो किसी को बजट की दरकार

Sat, 08 Jul 2023 10:38 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 08 Jul 2023 10:38 PM IST
विज्ञापन
Entrepreneur silent by proposing investment
सोनभद्र। इंवेस्टर्स समिट में आए प्रस्तावों को जमीन पर उतारने में अफसरों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। एमओयू की प्रक्रिया पूरी होने के महीनों बाद भी अब तक दस फीसदी प्रस्ताव ही ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए तैयार हो पाए हैं। अन्य प्रस्तावों में कहीं जमीन का रोड़ा है तो कहीं बजट की उपलब्धता बाधा बन रही है। कुछ निवेशक तो ऐसे हैं, जो प्रस्ताव देने के बाद शांत बैठ गए हैं। विभाग की ओर से उनसे बार-बार संपर्क साधा जा रहा है, लेकिन कोई प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही।
विज्ञापन

औद्योगिक विकास को गति देने और युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के मकसद से फरवरी में हुए इंवेस्टर्स समिट के दौरान जिले में 11 हजार करोड़ से अधिक के 81 निवेश प्रस्ताव आए थे। इसमें तापीय व सोलर पावर परियोजनाओं के अलावा नदियों से पानी लिफ्ट कर उससे बिजली बनाने के भी प्रस्ताव शामिल रहे। इन बड़ी परियोजनाओं के अलावा बीयर फैक्ट्री, डेयरी फार्म, नए होटल, फेसिलिटी सेंटर, लोहे का तार निर्माण, एलईडी बल्ब व उस पर आधारित सजावटी सामान सहित कई अन्य लघु-मध्यम श्रेणी के प्रस्ताव भी शामिल रहे। सरकार की प्राथमिकता के कारण अफसरों ने त्वरित गति से कार्य करते हुए उनके एमओयू तैयार कराए। समझौता पत्र पर दस्तखत भी हुए। अब सितंबर में इन निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के भव्य आयोजन की तैयारी है। इससे पहले सभी प्रस्तावों की कागजी औपचारिकताएं और उन्हें धरातल पर उतारने में आ रही दिक्कतों को दूर करने का निर्देश दिया गया है। उद्योग विभाग की तमाम कोशिशों के बाद भी अब तक महज 10 फीसदी प्रस्ताव ही ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए तैयार हो पाए हैं। इसके अलावा कुछ अन्य प्रस्तावों पर संबंधित विभागों की ओर से त्वरित गति से कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा अधिकांश प्रस्ताव ऐसे हैं, जिन पर कोई प्रगति नहीं है। किसी के सामने जमीन की समस्या तो कोई सरकार से वित्तीय मदद की बाट जोट रहा है। कई निवेशक तो ऐसे हैं, जिन्होंने प्रस्ताव तो दे दिया, लेकिन उसके बाद चुप्पी साध चुके हैं। विभाग उनसे संपर्क कर प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कह रहा है, बावजूद उनमें कोई हरकत नहीं है।
विज्ञापन

अब तक डीपीआर भी नहीं बनी
एक निवेशक ने ओडीओपी के तहत कॉमन फेसेलिटी सेंटर बनाने का प्रस्ताव दिया था। हालत यह है कि अब तक उसकी डीपीआर भी नहीं तैयार हो पाई है। सीमेंट फैक्ट्री, प्लास्टिक बोतल को गलाकर पावडर बनाने, होटल बनाने, उर्वरक निर्माण सहित कई प्रस्ताव भी अभी आगे नहीं बढ़ पाए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बाउंड्री के बाद सीमेंट फैक्ट्री का काम ठप
पिछले वर्ष इंवेस्टर्स समिट में एक बड़ी सीमेंट कंपनी ने जिले में फैक्ट्री लगाने के लिए करार किया था। इसके बाद कंपनी की ओर से ओबरा तहसील क्षेत्र में जमीन अधिग्रहित कर बाउंड्री भी करा दी गई, लेकिन उसके बाद से फैक्ट्री लगाने की प्रक्रिया ठप है। मौके पर बस गार्ड की तैनाती हैं। विभाग के लोग फैक्ट्री के बारे में प्रगति जानने पहुंचते हैं तो गार्ड से मिलकर लौट आते हैं। करीब छह सौ कराेड़ की इस इकाई जिले के सैकड़ों युवाओं रोजगार मिलने का दावा है।
इंवेस्टर्स समिट में आए प्रस्तावों को ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। निवेशकों की समस्याओं को दूर करने के लिए विभाग ने उद्यमी मित्र की भी तैनाती की है। नियमित रूप से सभी निवेशकों से संपर्क साधकर उनकी दिक्कतों के बारे में जानकारी ली जा रही है, उसे दूर भी कराया जा रहा है। जो निवेशक प्रस्ताव देने के बाद शांत बैठ गए हैं, उनके बारे में उच्चाधिकारियों को सूचित किया जा रहा है। - आरपी गौतम, उपायुक्त उद्योग।

इकाई स्थापना के लिए सबसे बड़ी जरूरत जमीन की है। जिला प्रशासन को लगातार इस समस्या से अवगत कराया जा रहा है। उनकी ओर से पत्र भी जारी किए गए, लेकिन अब तक कहीं भी औद्योगिक आस्थान के लिए जमीन चिह्नित नहीं हो पाई है। जिससे कई प्रस्ताव ठंडे बस्ते में है। जमीन की बाधा दूर कराने की जरूरत है। - राजेश गुप्ता, जिलाध्यक्ष व्यापार मंडल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed