Sonebhadra: बच्चे का अपहरण कर हत्या मामले में आरोपियों की पुलिस से मुठभेड़, दो गिरफ्तार, एक दिन पहले मिला था शव
शुक्रवार की रात मिर्ज़ापुर के बगहा गांव से ही बालक अनुराग पाल पुत्र मंगल पाल का शव बरामद हुआ था। घोरावल कोतवाली क्षेत्र के पेढ गांव से पांच मार्च को अपहृत बालक का शव शुक्रवार की रात बरामद हुआ। घटना से गुस्साए लोगों ने पेढ गांव के पास चक्काजाम कर दिया।
विस्तार
अनुराग पाल के अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस ने शुक्रवार की रात मुठभेड़ में दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में दोनों के पैर में गोली लगी है। प्रारंभिक उपचार के बाद दोनों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से वाराणसी रेफर कर दिया गया। घायल एक बदमाश की हालत गंभीर है। उधर, मुठभेड़ में घायल बदमाशों को जिला अस्पताल लाने के बाद पूरा परिसर कड़ी सुरक्षा में रहा। किसी को भी उनके पास जाने की इजाजत नहीं थी।
एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि अनुराग के पिता की तहरीर पर तीन नामजद आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें से राजेश और इंद्रजीत को गिरफ्तार कर लिया गया था। उनसे पूछताछ में मिर्जापुर के कछवां थाना क्षेत्र के सबेसर गांव निवासी करन यादव उर्फ गोलू, चुनार थाना के बगहा गांव निवासी गणेश प्रताप सिंह, चील्ह थाना क्षेत्र के सागरपुर निवासी लवकुश यादव और मिर्जापुर कोतवाली देहात के नौहा निवासी शिवकुमार दुबे का नाम भी प्रकाश में आया।
लवकुश यादव और शिवकुमार को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर शुक्रवार की देर शाम बगहा गांव स्थित तालाब से अपहृत बालक का शव बरामद किया गया। अन्य फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें लगाई गई थीं। इस बीच मुखबिर की सूचना पर घोरावल के भैसवार नहर पुलिया के पास घेरेबंदी की गई।
वहां मौजूद करन यादव उर्फ गोलू और गणेश प्रताप ने पुलिस को देख फायर कर दिया। जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाश घायल हुए। उनके पैर में गोली लगी है। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से वाराणसी रेफर कर दिया गया। एसपी ने बताया कि बदमाशों के पास दो तमंचा, कारतूस और घटना में प्रयुक्त अपाचे बाइक बरामद हुई है। मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है।
अपहरण के बाद 24 घंटे में ही कर दी थी हत्या
गिरफ्तार किए गए बदमाशों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि राजेश यादव, अमरजीत यादव और इंद्रजीत यादव की मंगल पाल से पुरानी रंजिश चल रही है। इसी विवाद और धन उगाही के मकसद से उन्होंने मंगल के पुत्र अनुराग का अपहरण किया था। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने उनकी खोजबीन शुरू की तो पुलिस से बचने के लिए अगले ही दिन छह मार्च को बालक की हत्या कर दी गई। शव को पटरे में बांधकर बगहां गांव के तालाब में छिपा दिया गया। इसके बाद भी आरोपी पुलिस को गच्चा देते रहे। होली के बाद पुलिस ने जब उनसे सख्ती की तब उन्होंने पूरी घटना की कहानी बताई।
आइसक्रीम दिलाने के बहाने बालक को साथ ले गए थे बदमाश
सोनांचल कांवेंट स्कूल में यूकेजी का छात्र अनुराग काफी होनहार था। बदमाशों ने उसके भोलेपन और मासूमियत का फायदा उठाया। बदमाशों ने पहले उसकी रेकी की। अपराह्न में अनुराग घर के बाहर साइकिल चला रहा था। उसके आसपास कोई नहीं था। इस मौके का लाभ उठाते हुए करन, गणेश व उनके अन्य साथी पास आए।
अपनी बातों में बहलाने के बाद उसे आइसक्रीम व चॉकलेट दिलाने की बात कह अपने साथ बाइक से गांव के बाहर लाए और वहां से सीधे मिर्जापुर के बगहां ले गए। अनुराग को बाइक पर बदमाशों के साथ जाते देख गांव के ही कुछ बच्चों ने देखा था। घंटों बाद बेटे के घर न आने पर मंगल पाल ने जब उसकी खोजबीन शुरू की तो बच्चों ने ही अनुराग को बाइक से लाए जाने की जानकारी दी।