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डिजिटल शिक्षा पर जोर, टीवी पर पढ़ेंगे छात्र
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ऑनलाइन टीवी चैनल समस्त स्कूलों के छात्रों का क्लास रूम बनने जा रहा है। बजट में इसके प्रावधान किए जाने के बाद अब धरातल पर लागू करने की तैयारी भी शुरू हो गई है। इसके तहत एक चैनल, एक क्लास योजना शुरू होगी। योजना का लाभ उठाकर कक्षा पहली से लेकर 12वीं तक के बच्चे ऑनलाइन पढ़ सकते हैं। फिलहाल विभाग अभी शासन के निर्देश मिलने का इंतजार कर रहा है।
शिक्षा विभाग की मानें तो आधुनिक शिक्षा/डिजिटल शिक्षा का उद्देश्य व्यक्ति का सर्वांगीण विकास और उसमें सामाजिक कुशलता के गुणों का विकास करना है। प्राचीन भारत में शिक्षा की व्यवस्था के लिए गुरुकुल प्रणाली का विकास किया गया था। उस समय कागज का अविष्कार नहीं हुआ था, इसलिए सब प्रकार की शिक्षा मौखिक या व्यवहारिक रूप में दी जाती थी। वर्तमान समय में परंपरागत रूप को तकनीकी स्वरुप लेकर आधुनिक शिक्षा जगत में प्रवेश किया, जिसे डिजिटल शिक्षा अथवा स्मार्ट बोर्ड कम्प्यूटर आधारति शिक्षा प्रणाली के रूप में जाना जाता है। प्रदेश के स्कूलों में डिजिटल शिक्षा अथवा स्मार्ट बोर्ड कम्प्यूटर आधारित शिक्षा प्रणाली का शुभारंभ किया जा रहा है। यह शिक्षा प्रणाली कागज मुक्त शिक्षा है, जो पूर्णता सहज और सरल तथा मात्रभाषा ने निर्मित पाठ्यक्रम को संग्रहित कर बच्चों के अधिगम को सुगम बनाता है। जिला विद्यालय निरीक्षक रविशंकर का कहना है कि डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रयास निरंतर जारी है। सभी स्कूलों को इस बारे में पहले ही निर्देशित किया जा चुका है। स्कूलों में ऑनलाइन क्लास रूम बनाने के संबंध में नए आदेश का इंतजार है।
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शिक्षा विभाग की मानें तो आधुनिक शिक्षा/डिजिटल शिक्षा का उद्देश्य व्यक्ति का सर्वांगीण विकास और उसमें सामाजिक कुशलता के गुणों का विकास करना है। प्राचीन भारत में शिक्षा की व्यवस्था के लिए गुरुकुल प्रणाली का विकास किया गया था। उस समय कागज का अविष्कार नहीं हुआ था, इसलिए सब प्रकार की शिक्षा मौखिक या व्यवहारिक रूप में दी जाती थी। वर्तमान समय में परंपरागत रूप को तकनीकी स्वरुप लेकर आधुनिक शिक्षा जगत में प्रवेश किया, जिसे डिजिटल शिक्षा अथवा स्मार्ट बोर्ड कम्प्यूटर आधारति शिक्षा प्रणाली के रूप में जाना जाता है। प्रदेश के स्कूलों में डिजिटल शिक्षा अथवा स्मार्ट बोर्ड कम्प्यूटर आधारित शिक्षा प्रणाली का शुभारंभ किया जा रहा है। यह शिक्षा प्रणाली कागज मुक्त शिक्षा है, जो पूर्णता सहज और सरल तथा मात्रभाषा ने निर्मित पाठ्यक्रम को संग्रहित कर बच्चों के अधिगम को सुगम बनाता है। जिला विद्यालय निरीक्षक रविशंकर का कहना है कि डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रयास निरंतर जारी है। सभी स्कूलों को इस बारे में पहले ही निर्देशित किया जा चुका है। स्कूलों में ऑनलाइन क्लास रूम बनाने के संबंध में नए आदेश का इंतजार है।
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