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िजली कर्मियों को भी सातवें वेतन का लाभ
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र
Updated Tue, 03 Jan 2017 11:43 PM IST
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सूबे के विद्युत विभाग अभियंताओं और कर्मियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ देने की कवायद तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड के निदेशक मंडल की तरफ से सोमवार को इसके लिए चार सदस्यीय समिति गठित कर दी गई। अगुवाई पीसीएल के एमडी को सौंपी गई है। समिति, विभिन्न कर्मचारी संगठनों से प्राप्त प्रस्ताव-प्रत्यावेदनों पर आवश्यक विमर्श के बाद सामूहिक रिपोर्ट तैयार करेगी और इसी आधार पर जरूरी संस्तुति-अनुशंसा करते हुए 75 दिनों के भीतर आख्या निदेशक मंडल को सौंप देगी।
इसके आधार पर जो भी वेतन और भत्ता पुनरीक्षित होगा, उसे निदेशक मंडल की मंजूरी के बाद, एक जनवरी 2016 से लागू कर लाभ देने का काम शुरू कर दिया जाएगा।बताते चलें कि पीसीएल और उसकी सहयोगी कंपनियां राज्य विद्युत वितरण निगम, राज्य विद्युत उत्पादन निगम में 35 से 40 हजार अभियंता-कर्मचारी कार्यरत हैं। इन सभी को सातवें वेतन आयोग का लाभ दिया जाना है। यह लाभ उन्हें जल्द मिलना शुरू हो जाए, इसके लिए पीसीएल के निदेशक मंडल की तरफ से सोमवार को, समिति गठित करने की सूचना जारी कर दी गई। एमडी को समिति का अध्यक्ष, निदेशक कार्मिक प्रबंध एवं प्रशासन, निदेशक वित्त और महाप्रबंधक औद्योगिक संबंध को सदस्य बनाया गया है।
कहा गया है कि समिति सातवें वेतन आयोग की संस्तुति-अनुशंसा के लिए कर्मचारी संगठनों से प्रत्यावेदन एवं प्रस्ताव लेकर उस पर विचार करेगी।इस विचार के आधार पर जो भी निष्कर्ष निकलेगा, उसमें सभी संगत पहलुओं का समावेश करते हुए समिति रिपोर्ट सौँप देगी। उधर, राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के केंद्रीय महासचिव वरींद्र शर्मा ने कहाकि उनका संगठन सातवें वेतन आयोग के अंतर्गत वेतन-भत्ता पुनरीक्षण के लिए जल्द ही प्रत्यावेदन-प्रस्ताव समिति को सौंप देगा।
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इसके आधार पर जो भी वेतन और भत्ता पुनरीक्षित होगा, उसे निदेशक मंडल की मंजूरी के बाद, एक जनवरी 2016 से लागू कर लाभ देने का काम शुरू कर दिया जाएगा।बताते चलें कि पीसीएल और उसकी सहयोगी कंपनियां राज्य विद्युत वितरण निगम, राज्य विद्युत उत्पादन निगम में 35 से 40 हजार अभियंता-कर्मचारी कार्यरत हैं। इन सभी को सातवें वेतन आयोग का लाभ दिया जाना है। यह लाभ उन्हें जल्द मिलना शुरू हो जाए, इसके लिए पीसीएल के निदेशक मंडल की तरफ से सोमवार को, समिति गठित करने की सूचना जारी कर दी गई। एमडी को समिति का अध्यक्ष, निदेशक कार्मिक प्रबंध एवं प्रशासन, निदेशक वित्त और महाप्रबंधक औद्योगिक संबंध को सदस्य बनाया गया है।
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कहा गया है कि समिति सातवें वेतन आयोग की संस्तुति-अनुशंसा के लिए कर्मचारी संगठनों से प्रत्यावेदन एवं प्रस्ताव लेकर उस पर विचार करेगी।इस विचार के आधार पर जो भी निष्कर्ष निकलेगा, उसमें सभी संगत पहलुओं का समावेश करते हुए समिति रिपोर्ट सौँप देगी। उधर, राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के केंद्रीय महासचिव वरींद्र शर्मा ने कहाकि उनका संगठन सातवें वेतन आयोग के अंतर्गत वेतन-भत्ता पुनरीक्षण के लिए जल्द ही प्रत्यावेदन-प्रस्ताव समिति को सौंप देगा।
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