उत्तर प्रदेश विद्युत मजदूर संघ कार्यालय पर रविवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक आरजी सिंह की अध्यक्षता में हुई। समिति ने पूर्व में प्रेषित मांग पत्र पर कोई विचार न करने पर असंतोष जताया। प्रबंधन के रवैए की निंदा की।
उत्तर प्रदेश विद्युत मजदूर संघ प्रदेश महामंत्री एवं अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शशिकांत श्रीवास्तव ने कहा कि मुख्य महाप्रबंधक कर्मचारियों, अधिकारियों व संघ प्रतिनिधियों के बीच सामंजस्य स्थापित करने में असफल सिद्ध हो रहे हैं। कर्मचारियों की समस्याओं के संबंध में संघर्ष समिति की ओर से 24 फरवरी को प्रेषित पत्र पर कोई विचार न किया जाना और समिति की भावनाओं के अनुकूल कार्य न किया जाना कर्मचारियों के प्रति प्रबंधन की उदासीनता का प्रतीक है। उमेश कुमार ने कहा कि परियोजना के अंतर्गत कार्मिकों के कार्य स्थलों पर पीने योग्य साफ पानी की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। बीडी तिवारी ने बताया कि परियोजना कॉलोनी में सैकड़ों आवास पर बाहरी लोगों का अवैध कब्जा है। अध्यक्षता कर रहे आरजी सिंह ने सिविल अभियंता अधिकारियों के विरुद्ध हुई पुलिसिया कार्रवाई की निंदा की। बैठक में योगेंद्र कुमार, शाहिद अख्तर, अंबुज कुमार, सतीश कुमार, प्रहलाद शर्मा, विंध्याचल, विजय कुमार सिंह, विनोद सिंह यादव, उमेश चंद्र, बृजेश यादव, सतीश कुमार, विजय सिंह, विनय सिंह आदि रहे।