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गलन और ठंड से प्रदेश में बिजली की डिमांड पहुंची 19 हजार के पार
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अनपरा। गलन व ठंड से प्रदेश में बिजली की डिमांड में गुरूवार को भारी बढ़ोत्तरी दर्ज की गयी शाम सात बजे बिजली की डिमांड 19 हजार के पार पहुंच गई। यूपीएसएलडी के अनुसार मौसम में लगातार परिवर्तन से प्रदेश में बिजली की डिमांड में बढ़ोत्तरी दर्ज की गयी है।
कड़ाके की पड़ रही ठंड ने बिजली की डिमांड को बढ़ा दिया है। जिससे बंद इकाईयों को भी चालू कराने के आदेश दिये गये हैं। इस दौरान अनपरा तापीय परियोजना की 210 मेगावाट की दो इकाईयां व 500 मेगावाट की एक इकाई के बंद होने से प्रदेश में बिजली की किल्लत की संभावना बढ़ गई है। 210 मेगावाट की तीसरी इकाई गुरूवार की सायं ब्वायलर ट्यूब लिकेज के कारण बंद करनी पड़ी। प्रबंधन के अनुसार इस इकाई को उत्पादनरत होने में लगभग 72 घंटे का समय लग सकता है। जबकि पहली इकाई एक माह से अनुरक्षण कार्य के लिए पहले से ही बंद चल रही है। साथ ही अनपरा डी की सातवीं इकाई 14 माह से बंद चल रही है ऐसे में प्रदेश में बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने के लिए अन्य बिजली घरों से बिजली ली जा रही है।
इस दौरान अनपरा अ परियोजना की 210 मेगावाट की दूसरी इकाई से 160 मेगावाट तथा 500 मेगावाट की चौथी व पांचवी इकाई से क्रमश: 418 व 475 मेगावाट तथा अनपरा डी की छठवी इकाई से 468 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा था। 1200 मेगावाट की लैंको अनपरा सी परियोजना से 1017 मेगावाट का विद्युत उत्पादन किया जा रहा था। ओबरा बी से 665 मेगावाट, हरदुआगंज डी से 435 मेगावाट,पारीक्षा बी से 382 मेगावाट, पारीक्षा सी से 455 मेगावाट का विद्युत उत्पादन किया जा रहा था।
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कड़ाके की पड़ रही ठंड ने बिजली की डिमांड को बढ़ा दिया है। जिससे बंद इकाईयों को भी चालू कराने के आदेश दिये गये हैं। इस दौरान अनपरा तापीय परियोजना की 210 मेगावाट की दो इकाईयां व 500 मेगावाट की एक इकाई के बंद होने से प्रदेश में बिजली की किल्लत की संभावना बढ़ गई है। 210 मेगावाट की तीसरी इकाई गुरूवार की सायं ब्वायलर ट्यूब लिकेज के कारण बंद करनी पड़ी। प्रबंधन के अनुसार इस इकाई को उत्पादनरत होने में लगभग 72 घंटे का समय लग सकता है। जबकि पहली इकाई एक माह से अनुरक्षण कार्य के लिए पहले से ही बंद चल रही है। साथ ही अनपरा डी की सातवीं इकाई 14 माह से बंद चल रही है ऐसे में प्रदेश में बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने के लिए अन्य बिजली घरों से बिजली ली जा रही है।
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इस दौरान अनपरा अ परियोजना की 210 मेगावाट की दूसरी इकाई से 160 मेगावाट तथा 500 मेगावाट की चौथी व पांचवी इकाई से क्रमश: 418 व 475 मेगावाट तथा अनपरा डी की छठवी इकाई से 468 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा रहा था। 1200 मेगावाट की लैंको अनपरा सी परियोजना से 1017 मेगावाट का विद्युत उत्पादन किया जा रहा था। ओबरा बी से 665 मेगावाट, हरदुआगंज डी से 435 मेगावाट,पारीक्षा बी से 382 मेगावाट, पारीक्षा सी से 455 मेगावाट का विद्युत उत्पादन किया जा रहा था।
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