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बिजली संकट: अनपरा की 1210 मेवा की तीन इकाइयों से उत्पादन ठप
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बिजली की बढ़ती मांग के बीच अनपरा परियोजना की तीन इकाइयों से उत्पादन ठप हो गया है। इसमें दो इकाइयां ब्वायलर ट्यूब लीकेज (बीटीएल) के कारण बंद हुई हैं, जबकि एक में अन्य तकनीकी दिक्कत है। पारीक्षा और हरदुआगंज की एक-एक इकाई पहले से बंद हैं। बिजली संकट के बीच कुल 1535 मेगावाट की पांच इकाइयों से उत्पादन शून्य होने से चिंता बढ़ने लगी है। अनपरा में बीटीएल के कारण बंद हुई दोनों इकाइयों का अनुरक्षण आरंभ कर दिया गया है।
सोमवार को हरदुआगंज की दो और पारीछा की एक इकाई से उत्पादन शून्य हो गया था। अनुरक्षण के बाद मंगलवार को हरदुआगंज की एक इकाई से उत्पादन शुरू कराने में सफलता मिली थी। इस बीच बृहस्पतिवार और शुक्रवार में अनपरा तापीय परियोजना की तीन इकाइयों से उत्पादन शून्य हो गया। अनपरा ए की 210 मेगावाट की तीसरी और अनपरा बी की 500 मेगावाट की पहली इकाई से बिजली उत्पादन शून्य हो गया। तत्काल इसे अनुरक्षण पर ले लिया गया। इन इकाइयों से उत्पादन शुरू होता, इससे पहले ही शुक्रवार शाम पांच बजे अनपरा डी की 500 मेगावाट की पहली इकाई भी ट्रिप कर गई। निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना की एक इकाई भी बीटीएल के कारण बृहस्पतिवार से बंद है। अनपरा परियोजना की कुल 2630 मेगावाट में से 1210 मेवा की तीन इकाइयों से उत्पादन ठप होने से सूबे में बिजली संकट गहरा गया है। अन्य इकाइयों के फुल लोड पर चलाने के बाद भी बिजली की मांग पूरी नहीं हो पा रही। ऐसे में पीक ऑवर में भी अघोषित कटौती करनी पड़ रही है। इस कटौती का ही असर रहा कि शुक्रवार को बिजली की अधिकतम मांग 20 हजार के आसपास ही बनी रही। अनपरा परियोजना के सीजीएम इं. आरसी श्रीवास्तव ने बताया कि बीटीएल के कारण दो इकाइयों का अनुरक्षण कराया जा रहा है। वहीं शाम को बंद हुई तीसरी इकाई की जांच कराई जा रही है। मेजर फाल्ट न होने पर उसे तत्काल शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है। शेष दो इकाइयों को 72 घंटों के भीतर सभी कार्यों को पूर्ण कर दोबारा से सभी इकाइयों से उत्पादन प्रारंभ कर दिया जाएगा।
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सोमवार को हरदुआगंज की दो और पारीछा की एक इकाई से उत्पादन शून्य हो गया था। अनुरक्षण के बाद मंगलवार को हरदुआगंज की एक इकाई से उत्पादन शुरू कराने में सफलता मिली थी। इस बीच बृहस्पतिवार और शुक्रवार में अनपरा तापीय परियोजना की तीन इकाइयों से उत्पादन शून्य हो गया। अनपरा ए की 210 मेगावाट की तीसरी और अनपरा बी की 500 मेगावाट की पहली इकाई से बिजली उत्पादन शून्य हो गया। तत्काल इसे अनुरक्षण पर ले लिया गया। इन इकाइयों से उत्पादन शुरू होता, इससे पहले ही शुक्रवार शाम पांच बजे अनपरा डी की 500 मेगावाट की पहली इकाई भी ट्रिप कर गई। निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना की एक इकाई भी बीटीएल के कारण बृहस्पतिवार से बंद है। अनपरा परियोजना की कुल 2630 मेगावाट में से 1210 मेवा की तीन इकाइयों से उत्पादन ठप होने से सूबे में बिजली संकट गहरा गया है। अन्य इकाइयों के फुल लोड पर चलाने के बाद भी बिजली की मांग पूरी नहीं हो पा रही। ऐसे में पीक ऑवर में भी अघोषित कटौती करनी पड़ रही है। इस कटौती का ही असर रहा कि शुक्रवार को बिजली की अधिकतम मांग 20 हजार के आसपास ही बनी रही। अनपरा परियोजना के सीजीएम इं. आरसी श्रीवास्तव ने बताया कि बीटीएल के कारण दो इकाइयों का अनुरक्षण कराया जा रहा है। वहीं शाम को बंद हुई तीसरी इकाई की जांच कराई जा रही है। मेजर फाल्ट न होने पर उसे तत्काल शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है। शेष दो इकाइयों को 72 घंटों के भीतर सभी कार्यों को पूर्ण कर दोबारा से सभी इकाइयों से उत्पादन प्रारंभ कर दिया जाएगा।
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