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Sonebhadra News: सहमति के बिना खेत में लगा दिए बिजली का पोल, प्रदर्शन
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सोनभद्र। म्योरपुर ब्लॉक के रासपहरी गांव में रविवार को काश्तकारों की बिना सहमति के बिजली के पोल गाड़े जाने से क्षुब्ध ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना था कि विभाग ने मनमानी करते हुए जबरन उनके खेत में खंभे गाड़ दिए गए हैं। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों का कहना था कि नधिरा सब स्टेशन के लिए पिपरी से ले जाए जा रहे 33 हजार विद्युत क्षमता के आपूर्ति के लिए खंभों को किसानों की बिना सहमति के ही उनकी जमीनों में खड़ा किया जा रहा है। जब ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं तो विभाग पुलिस की मदद से जबरन खंभे लगवा रहा है। ग्रामीणों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि पूर्व में जिस रूट से विद्युत खंभे ले जाए गए हैं, उस रूट से न ले जाकर चौराहे के ऊपर से खंभे को करीब एक किलोमीटर डाइवर्ट कर ले जाना उचित नहीं है। रविवार को ही एसडीओ की मौजूदगी में सहमति बनी थी कि खंभों को दूसरे रास्ते से ले जाया जाएगा। बाद में ग्रामीण अपने घर चले गए तो विभाग ने जबरन खंभे लगा दिए।
ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से तत्काल जांच कराकर उनके खेतों से खंभों को हटाने की मांग की है। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों में प्रधान प्रतिनिधि रामदयाल प्रजापति, सुदामा प्रजापति, रामचंद्र, अजय सिंह, जगदीश प्रजापति, रामजीत, पतिराज, बेचन, रामवृक्ष, वंशबहादुर, रामजन्म व रमेश आदि शामिल रहे।
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ग्रामीणों का कहना था कि नधिरा सब स्टेशन के लिए पिपरी से ले जाए जा रहे 33 हजार विद्युत क्षमता के आपूर्ति के लिए खंभों को किसानों की बिना सहमति के ही उनकी जमीनों में खड़ा किया जा रहा है। जब ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं तो विभाग पुलिस की मदद से जबरन खंभे लगवा रहा है। ग्रामीणों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि पूर्व में जिस रूट से विद्युत खंभे ले जाए गए हैं, उस रूट से न ले जाकर चौराहे के ऊपर से खंभे को करीब एक किलोमीटर डाइवर्ट कर ले जाना उचित नहीं है। रविवार को ही एसडीओ की मौजूदगी में सहमति बनी थी कि खंभों को दूसरे रास्ते से ले जाया जाएगा। बाद में ग्रामीण अपने घर चले गए तो विभाग ने जबरन खंभे लगा दिए।
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ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से तत्काल जांच कराकर उनके खेतों से खंभों को हटाने की मांग की है। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों में प्रधान प्रतिनिधि रामदयाल प्रजापति, सुदामा प्रजापति, रामचंद्र, अजय सिंह, जगदीश प्रजापति, रामजीत, पतिराज, बेचन, रामवृक्ष, वंशबहादुर, रामजन्म व रमेश आदि शामिल रहे।
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