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Sonebhadra News: दो निकायों में साइकिल और दो में बिना हाथी के होगा चुनाव
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सोनभद्र। निकाय चुनाव को अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव का रिहर्सल माना जा रहा है। लिहाजा राजनीतिक दल अपनी ताकत बढ़ाने का मौका नहीं चूक रहे। हर निकाय और वार्ड की सीट जीतने पर जोर दिया जा रहा है। इससे इतर जिले की स्थिति अलग है। हर नगर में कार्यकर्ताओं की मजबूत टीम होने का दावा करने वाले प्रमुख दलों को भी कई निकायों के लिए योग्य उम्मीदवार नहीं मिले हैं। सपा, बसपा ने दो-दो निकाय में कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है तो कांग्रेस जिले की चार निकायों में प्रत्याशी नहीं ढूंढ पाई है।
नगर पालिका सोनभद्र के अलावा जिले में नौ नगर पंचायतें हैं। लोकसभा चुनाव के लिहाज से निकाय चुनाव की जीत को काफी अहम माना जा रहा है। बावजूद जिले की कई निकायों में प्रमुख दलों ने प्रत्याशी न उतारकर दूसरे दलों के लिए मैदान खाली छोड़ दिया है। प्रमुख विपक्षी दल सपा ने नगर पालिका सोनभद्र, नगर पंचायत अनपरा, ओबरा, रेणुकूट, घोरावल, चुर्क-घुर्मा, डाला के लिए प्रत्याशी घोषित किया था। अंतिम समय में चोपन के लिए प्रत्याशी के नाम की घोषणा हुई। दुद्धी और पिपरी जैसी पुरानी नगर पंचायतों में सपा ने कोई प्रत्याशी नहीं उतारा है। दुद्धी क्षेत्र सपा का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। बावजूद यहां से प्रत्याशी न होने से सियासदां हैरान हैं।
कुछ ऐसी ही स्थिति बसपा कार्यकर्ताओं की भी चोपन और चुर्क नगर पंचायत में है। यहां से पार्टी ने किसी उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया है। जिले के कई विधायक, सांसद देने वाले कांग्रेस को दुद्धी, पिपरी, रेणुकूट और डाला में कोई योग्य उम्मीदवार नहीं मिला है।
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ऐन वक्त पर आरक्षण में बदलाव से दिक्कत आई है। प्रत्याशी चयन के लिए समय कम मिल सका। कुछ जगह तो उम्मीदवार मिले भी, लेकिन दस्तावेज पूरे न कर पाने से नामांकन नहीं हो सका। नेतृत्व के निर्देश पर जल्द ही वहां किसी निर्दल प्रत्याशी को समर्थन देने पर विचार किया जाएगा। -रामराज गोंड, जिलाध्यक्ष कांग्रेस।
दो निकायों को छोड़कर पार्टी हर सीट पर पूरी दमदारी से लड़ रही है। जिन सीटों पर प्रत्याशी नहीं उतारा जा सका है, वहां के लिए भी शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। -बी. सागर, जिलाध्यक्ष बसपा।
दुद्धी और पिपरी में प्रत्याशी चयनित कर लिए गए थे, लेकिन सिंबल समय से न आने के कारण पार्टी के बैनर तले नामांकन नहीं हुआ। दोनों निकायों में निर्दल प्रत्याशी को समर्थन दिया जा रहा है। पूरे मनोयोग से लगकर कार्यकर्ता उन्हें जिताएंगे भी। - रामनिहोर यादव, जिलाध्यक्ष सपा।
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नगर पालिका सोनभद्र के अलावा जिले में नौ नगर पंचायतें हैं। लोकसभा चुनाव के लिहाज से निकाय चुनाव की जीत को काफी अहम माना जा रहा है। बावजूद जिले की कई निकायों में प्रमुख दलों ने प्रत्याशी न उतारकर दूसरे दलों के लिए मैदान खाली छोड़ दिया है। प्रमुख विपक्षी दल सपा ने नगर पालिका सोनभद्र, नगर पंचायत अनपरा, ओबरा, रेणुकूट, घोरावल, चुर्क-घुर्मा, डाला के लिए प्रत्याशी घोषित किया था। अंतिम समय में चोपन के लिए प्रत्याशी के नाम की घोषणा हुई। दुद्धी और पिपरी जैसी पुरानी नगर पंचायतों में सपा ने कोई प्रत्याशी नहीं उतारा है। दुद्धी क्षेत्र सपा का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। बावजूद यहां से प्रत्याशी न होने से सियासदां हैरान हैं।
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कुछ ऐसी ही स्थिति बसपा कार्यकर्ताओं की भी चोपन और चुर्क नगर पंचायत में है। यहां से पार्टी ने किसी उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया है। जिले के कई विधायक, सांसद देने वाले कांग्रेस को दुद्धी, पिपरी, रेणुकूट और डाला में कोई योग्य उम्मीदवार नहीं मिला है।
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ऐन वक्त पर आरक्षण में बदलाव से दिक्कत आई है। प्रत्याशी चयन के लिए समय कम मिल सका। कुछ जगह तो उम्मीदवार मिले भी, लेकिन दस्तावेज पूरे न कर पाने से नामांकन नहीं हो सका। नेतृत्व के निर्देश पर जल्द ही वहां किसी निर्दल प्रत्याशी को समर्थन देने पर विचार किया जाएगा। -रामराज गोंड, जिलाध्यक्ष कांग्रेस।
दो निकायों को छोड़कर पार्टी हर सीट पर पूरी दमदारी से लड़ रही है। जिन सीटों पर प्रत्याशी नहीं उतारा जा सका है, वहां के लिए भी शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। -बी. सागर, जिलाध्यक्ष बसपा।
दुद्धी और पिपरी में प्रत्याशी चयनित कर लिए गए थे, लेकिन सिंबल समय से न आने के कारण पार्टी के बैनर तले नामांकन नहीं हुआ। दोनों निकायों में निर्दल प्रत्याशी को समर्थन दिया जा रहा है। पूरे मनोयोग से लगकर कार्यकर्ता उन्हें जिताएंगे भी। - रामनिहोर यादव, जिलाध्यक्ष सपा।