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Sonebhadra News: बिजली कटाैती से स्मार्ट क्लास में नहीं हो पा रही पढ़ाई
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अनपरा। शासन की तरफ से परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए संसाधन बढ़ाया जा रहा है। परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास भी शुरू किए गए हैं। मगर बिजली निगम की तरफ से विद्यालय समय में रोस्टिंग के नाम पर कटौती की जा रही है। इससे विद्यालयों में स्मार्ट क्लास से बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। विद्यालय समय के दौरान बिजली नही होने के कारण बच्चे कमरे के बाहर बैठकर पठन-पाठन करने को विवश हैं। बिजली के अभाव में पंखे और स्मार्ट क्लास तो अब सिर्फ शोपीस बनकर रह गए हैं।
क्षेत्र के कुलडोमरी, रणहोर, जोगेन्द्रा, पिपरी सोनवानी और बेलवादह गांव में बिजली आपूर्ति डिबुलगंज उपकेन्द्र से की जाती है। ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण यहां बिजली आपूर्ति 18 घंटे ही होती है। यहां बिजली का रोस्टिंग सुबह नौ बजे से एक बजे तक और शाम को चार बजे से छह बजे तक रखा गया है। क्षेत्र का तापमान 43 डिग्री के पार चला गया है। विद्यालय समय पर बिजली कट जाने के कारण विद्यालय में बच्चे व शिक्षक गर्मी से परेशान होकर विद्यालय की गैलरी या फिर कुछ जगहों पर पेड़ों के नीचे बैठाकर पढ़ाई कराते हैं। विद्यालय में पंखे लगे हुए हैं। कुछ विद्यालयों में बिजली नही होने के कारण पानी की टंकी भी नहीं भर पा रही है। इस कारण बच्चे हैंडपंप के पानी का उपयोग करते हैं। साथ ही आसपास की परियोजनाओं के सीएसआर मद एवं शासन की ओर से कई विद्यालयों में स्मार्ट क्लास भी बनाए गए हैं, लेकिन विद्यालय के समय बिजली कटौती होने के कारण बच्चे स्मार्ट क्लास की पढ़ाई भी नही कर पा रहे हैं। बिजली नही होने के कारण परिषदीय विद्यालयों में पंखे और स्मार्ट क्लास अब सिर्फ शोपीस बनकर रह गए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी म्योरपुर विश्वजीत सिंह का कहना है कि अगर इस तरह की समस्या है तो संबंधित से वार्ता कर समाधान कराया जाएगा।
ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति 18 घंटे की जा रही है। एलडीसी से तय रोस्टिंग के अनुसार बिजली कटौती की जाती है। कहीं फाॅल्ट मिलता है तो उसे जल्द ढूंढकर ठीक कराया जाता है। - मुरारी लाल शाह, जेई डिबुलगंज उपकेंद्र।
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क्षेत्र के कुलडोमरी, रणहोर, जोगेन्द्रा, पिपरी सोनवानी और बेलवादह गांव में बिजली आपूर्ति डिबुलगंज उपकेन्द्र से की जाती है। ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण यहां बिजली आपूर्ति 18 घंटे ही होती है। यहां बिजली का रोस्टिंग सुबह नौ बजे से एक बजे तक और शाम को चार बजे से छह बजे तक रखा गया है। क्षेत्र का तापमान 43 डिग्री के पार चला गया है। विद्यालय समय पर बिजली कट जाने के कारण विद्यालय में बच्चे व शिक्षक गर्मी से परेशान होकर विद्यालय की गैलरी या फिर कुछ जगहों पर पेड़ों के नीचे बैठाकर पढ़ाई कराते हैं। विद्यालय में पंखे लगे हुए हैं। कुछ विद्यालयों में बिजली नही होने के कारण पानी की टंकी भी नहीं भर पा रही है। इस कारण बच्चे हैंडपंप के पानी का उपयोग करते हैं। साथ ही आसपास की परियोजनाओं के सीएसआर मद एवं शासन की ओर से कई विद्यालयों में स्मार्ट क्लास भी बनाए गए हैं, लेकिन विद्यालय के समय बिजली कटौती होने के कारण बच्चे स्मार्ट क्लास की पढ़ाई भी नही कर पा रहे हैं। बिजली नही होने के कारण परिषदीय विद्यालयों में पंखे और स्मार्ट क्लास अब सिर्फ शोपीस बनकर रह गए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी म्योरपुर विश्वजीत सिंह का कहना है कि अगर इस तरह की समस्या है तो संबंधित से वार्ता कर समाधान कराया जाएगा।
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ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति 18 घंटे की जा रही है। एलडीसी से तय रोस्टिंग के अनुसार बिजली कटौती की जाती है। कहीं फाॅल्ट मिलता है तो उसे जल्द ढूंढकर ठीक कराया जाता है। - मुरारी लाल शाह, जेई डिबुलगंज उपकेंद्र।
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