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दुद्धी जनपद के लिए आंदोलन
अमर उजाला ब्यूरो (सोनभद्र)
Updated Sat, 06 Feb 2016 11:40 PM IST
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दुद्धी को जिला बनाने की मांग को लेकर अधिवक्ता शनिवार को न्यायिक कार्य
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से विरत रहे। कचहरी परिसर से जुलूस निकाला। अधिवक्ता नगर के विभिन्न
मार्गों से नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर में पहुंचे। यहां सभा कर चेताया
कि यदि जल्द दुद्धी को जिला बनाने का प्रस्ताव शासन को नहीं भेजा जाता है
तो आंदोलन तेज करेंगे।
दुद्धी जिला बनाओ संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं और अधिवक्ताओं ने शनिवार को कचहरी परिसर से जुलूस निकाला। जुलूस नगर के जिस मार्ग से होकर गुजरा, वहां के लोग जुलूतस के साथ हो लिए और मांग के समर्थन में नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर में पहुंचे।
सभा में कहा कि काफी लंबे समय से जिला बनाने की मांग की जा रही है कि प्रदेश सरकार इसको लेकर संवेदनहीन बनी हुई है। सरकार आदिवासी क्षेत्र को नया जिला बनाने के लिए कोई विचार नहीं कर रही है। जहां तहसीलों की कोई जरूरत नहीं है वहां लगातार नए तहसील बन रहे हैं।
कहा कि सोन नदी के दक्षिण में जिला बनाने की के इस कमेटी की संस्तुति को लेकर प्रदेश सरकार आंख मुंदे हुए हैं। जबकि अब भी जिले की भौगोलिक स्थिति काफी चिंता जनक है। लोगों को जिला के लिए डेढ़ से दो सौ किमी की दूरी तय करनी पड़ती है।
कर दिया जाएगा। जुलूस और प्रदर्शन में राजेंद्र श्रीवास्तव, जवाहर लाल, दिनेश अग्रहरि, जितेंद्र श्रीवास्तव, रामपाल जौहरी, अकुलभूषण पांडेय आदि मौजूद रहे।
दुद्धी जिला बनाओ संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं और अधिवक्ताओं ने शनिवार को कचहरी परिसर से जुलूस निकाला। जुलूस नगर के जिस मार्ग से होकर गुजरा, वहां के लोग जुलूतस के साथ हो लिए और मांग के समर्थन में नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर में पहुंचे।
सभा में कहा कि काफी लंबे समय से जिला बनाने की मांग की जा रही है कि प्रदेश सरकार इसको लेकर संवेदनहीन बनी हुई है। सरकार आदिवासी क्षेत्र को नया जिला बनाने के लिए कोई विचार नहीं कर रही है। जहां तहसीलों की कोई जरूरत नहीं है वहां लगातार नए तहसील बन रहे हैं।
कहा कि सोन नदी के दक्षिण में जिला बनाने की के इस कमेटी की संस्तुति को लेकर प्रदेश सरकार आंख मुंदे हुए हैं। जबकि अब भी जिले की भौगोलिक स्थिति काफी चिंता जनक है। लोगों को जिला के लिए डेढ़ से दो सौ किमी की दूरी तय करनी पड़ती है।
कर दिया जाएगा। जुलूस और प्रदर्शन में राजेंद्र श्रीवास्तव, जवाहर लाल, दिनेश अग्रहरि, जितेंद्र श्रीवास्तव, रामपाल जौहरी, अकुलभूषण पांडेय आदि मौजूद रहे।