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Sonebhadra News: दो साल से बंद पड़ी 47.63 करोड़ की पेयजल परियोजना, कुएं-हैंडपंप का पानी पी रहे लोग

Tue, 04 Mar 2025 11:45 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 04 Mar 2025 11:45 PM IST
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Drinking water project worth Rs 47.63 crore remained closed for two years, people are drinking water from wells and hand pumps.
म्योरपुर ब्लॉक के कुलडोमरी ग्राम पंचायत के सुदूर इलाकों के लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए बनी कुलडोमरी पेयजल परियोजना भी सफेद हाथी बनकर रह गई है। विभागों में समन्वय के अभाव में 47.63 करोड़ की लागत वाली इस पेयजल परियोजना का संचालन दो वर्षों से ठप है।
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ग्रामीण अब भी कुएं, हैंडपंप या अन्य प्राकृतिक स्रोत का पानी पीने को विवश हैं। पहाड़ी व सुदूर इलाकों के ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए जिला खनिज निधि से 47 करोड़ 63 लाख 40 हजार की लागत से कुलडोमरी ग्राम समूह पेयजल परियोजना का निर्माण कराया गया।
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जल निगम ने निर्माण के बाद ठेकेदार से एक साल का अनुबंध कराया था। ठेकेदार ने एक साल के संचालन के बाद परियोजना को 31 मार्च 2023 को जल निगम को सौंप दिया। गर्मी को देखते हुए जल निगम ने ठेकेदार से 31 जुलाई तक परियोजना संचालन कराया, मगर उसके बाद ठेकेदार ने हाथ खड़े कर दिए।
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जल निगम ने इस परियोजना के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को सौंप दी। ऑनलाइन माध्यम से परियोजना को हैंडओवर कर अफसरों ने इतिश्री कर ली। पर्याप्त संसाधन व बजट के अभाव में ग्राम पंचायत भी इसका संचालन नहीं कर सकी।
परियोजना में कार्य करने वाले कर्मचारियों को दो माह का वेतन भी नहीं मिल पाया। बाद में पंचायती राज विभाग ने भी परियोजना संचालन से हाथ खड़े कर दिए। वर्ष 2023 में डीएम को पत्र भेजकर तत्कालीन डीपीआरओ ने बताया था कि कई जगह पाइप लाइन लीकेज है।
कई मोटर व स्टार्टर भी खराब हैं। तकनीकी अभाव में इसका संचालन नहीं हो पा रहा। तब से ही परियोजना बंद पड़ी है। गांव के लोग पानी के लिए प्राकृतिक संसाधनों पर ही आश्रित हैं। कई टोलों में पानी इतना प्रदूषित है कि हर वर्ष लोग वहां डायरिया से ग्रसित होकर बीमार होते हैं।
पिछले वर्ष ही कुलडोमरी के मोहलाइनसोत में डायरिया का प्रकोप बढ़ गया था। कई लोग अस्पताल में भर्ती हुए थे। इस वर्ष भी कुलडोमरी गांव के ग्रामीणों को पानी की समस्या से जूझना पड़ेगा।


विभागीय उदासीनता से मशीनें हो रहीं खराब
कुलडोमरी पेयजल परियोजना के सुचारू संचालन के लिए हर महीने करीब दो से तीन लाख रुपये का खर्च है। ग्राम सभा के पास इतना बजट नहीं है। परियोजना के बंद होने से लाखों की मशीनें खराब हो रही हैं। टंकी व उसका भवन भी मरम्मत व देखदेख के अभाव में जर्जर हो रखा है।



कुलडोमरी ग्राम समूह पेयजल परियोजना के संचालन के लिए शासन स्तर से निविदाएं हुईं हैं। जल्द ही संचालन शुरू हो जाएगा। इस गर्मी में सभी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा। -अनिल कुमार, सहायक अभियंता जल निगम।
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