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Sonebhadra News: सफाई के बाद खुले छोड़ दिए नाले, पास से जाते हैं पांच स्कूलों के बच्चे
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सोनभद्र। बारिश का मौसम शुरू हो चुका है। नगर में जलनिकासी की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर पालिका की ओर से नाले-नालियों की सफाई कराई जा रही है। इसके लिए नाले के ढक्कन भी जगह-जगह हटाए गए हैं, मगर सफाई के बाद भी उन्हें दोबारा बंद नहीं किया गया। नाले-नालियां उन क्षेत्रों में भी खुले हैं, जहां से रोजाना बच्चे गुजरते हैं। बारिश से रास्ते में जलभराव होने पर इन गड्ढों का पता भी नहीं चलता। ऐसे में अनहोनी की आशंका रहती है।
रॉबर्ट्सगंज नगर के सिविल लाइन रोड से जिला पंचायत कार्यालय होते हुए बाल उद्यान को जाने वाले मार्ग पर तीन इंटर कॉलेज और दो परिषदीय विद्यालय हैं। इस रास्ते में हाल ही में गहरे नाले का निर्माण हुआ है। कई जगहों पर इसे ढका नहीं गया। नाला मार्ग से ठीक सटा हुआ है। संकरे रास्ते पर खुले नाले हादसे का सबब बन सकते हैं।
इसी मार्ग से पीडब्ल्यूडी कार्यालय को जाने वाले मार्ग पर भी कई जगह नाले का ढक्कन गायब है। गोशाला के बगल से गुजरे मार्ग पर नाले जगह-जगह खुला हुआ है। सफाई के लिए इसके ढक्कन हटाए गए थे, लेकिन इसे ढका नहीं गया। बरसात में यह पूरा मार्ग जलमग्न हो जाता है। इसमें वह नाले के गड्ढे भी नहीं दिखते। इसी मार्ग के ठीक पीछे राजकीय बालिका इंटर कॉलेज है।
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बाइक सवार गिरकर हुआ था घायल
छात्राएं अक्सर इस रास्ते से गुजरती हैं। कुछ ऐसी ही स्थिति बढ़ौली चौक से सिंचाई डाक बंगला की ओर जाने वाले मार्ग की भी दशा है। सड़क के मुहाने पर ही सर्विस लेन से सटा नाला खुला है। इस रास्ते से कांवेंट स्कूल के बच्चे आते-जाते हैं। चंडी तिराहा, रोडवेज बस स्टैंड मोड़ के पास भी नालों के खुला होने से दुर्घटनाओं की आशंका रहती है। दो वर्ष पूर्व चंडी तिराहा पर बरसात में बाइक सवार खुले नाले में गिरकर गंभीर रूप से जख्मी हुआ था। अक्सर ऐसी घटनाएं हो रही हैं, बावजूद जिम्मेदार बेपरवाह बने हुए हैं।
नाले-नालियों पर ढक्कन लगवाने के लिए बजट नहीं है। सफाई के दौरान पहले से ढके जिन नालों के ऊपर से पटिया या ढक्कन हटाया गया था, उसे शीघ्र बंद कराया जाएगा ताकि कोई हादसा न हो। -विजय यादव, ईओ नगर पालिका।
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रॉबर्ट्सगंज नगर के सिविल लाइन रोड से जिला पंचायत कार्यालय होते हुए बाल उद्यान को जाने वाले मार्ग पर तीन इंटर कॉलेज और दो परिषदीय विद्यालय हैं। इस रास्ते में हाल ही में गहरे नाले का निर्माण हुआ है। कई जगहों पर इसे ढका नहीं गया। नाला मार्ग से ठीक सटा हुआ है। संकरे रास्ते पर खुले नाले हादसे का सबब बन सकते हैं।
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इसी मार्ग से पीडब्ल्यूडी कार्यालय को जाने वाले मार्ग पर भी कई जगह नाले का ढक्कन गायब है। गोशाला के बगल से गुजरे मार्ग पर नाले जगह-जगह खुला हुआ है। सफाई के लिए इसके ढक्कन हटाए गए थे, लेकिन इसे ढका नहीं गया। बरसात में यह पूरा मार्ग जलमग्न हो जाता है। इसमें वह नाले के गड्ढे भी नहीं दिखते। इसी मार्ग के ठीक पीछे राजकीय बालिका इंटर कॉलेज है।
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बाइक सवार गिरकर हुआ था घायल
छात्राएं अक्सर इस रास्ते से गुजरती हैं। कुछ ऐसी ही स्थिति बढ़ौली चौक से सिंचाई डाक बंगला की ओर जाने वाले मार्ग की भी दशा है। सड़क के मुहाने पर ही सर्विस लेन से सटा नाला खुला है। इस रास्ते से कांवेंट स्कूल के बच्चे आते-जाते हैं। चंडी तिराहा, रोडवेज बस स्टैंड मोड़ के पास भी नालों के खुला होने से दुर्घटनाओं की आशंका रहती है। दो वर्ष पूर्व चंडी तिराहा पर बरसात में बाइक सवार खुले नाले में गिरकर गंभीर रूप से जख्मी हुआ था। अक्सर ऐसी घटनाएं हो रही हैं, बावजूद जिम्मेदार बेपरवाह बने हुए हैं।
नाले-नालियों पर ढक्कन लगवाने के लिए बजट नहीं है। सफाई के दौरान पहले से ढके जिन नालों के ऊपर से पटिया या ढक्कन हटाया गया था, उसे शीघ्र बंद कराया जाएगा ताकि कोई हादसा न हो। -विजय यादव, ईओ नगर पालिका।