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डॉ. श्यामा प्रसाद की पुण्यतिथि बलिदान दिवस के रूप में मनाई गई
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राबर्ट्सगंज में श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर पुष्प अर्पित करते विधायक भूपेश चौबे।
- फोटो : SONBHADRA
भाजपा कार्यकर्ताओं ने जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि बुधवार को बलिदान दिवस के रूप में मनाई। सभी 1475 बूथों पर कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा की।
जिला कार्यालय पर मुख्य अतिथि जिला प्रभारी केके सिंह और जिलाध्यक्ष अजीत चौबे की मौजूदगी में गोष्ठी हुई। कार्यालय परिसर में एक पौधा लगाकर पौधरोपण अभियान का शुभारंभ किया गया। जिला प्रभारी केके सिंह ने कहा कि श्यामा प्रसाद ने मां भारती की सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित किया। देशहित में अनेक कार्य किए, जिन्हें भुलाना संभव नहीं है। हम सभी को उनके जीवन तथा उनके कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए और यह संकल्प लेना चाहिए कि स्वहित से बड़ा देशहित होता है। जिलाध्यक्ष अजीत चौबे ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने सन 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की और दो निशान, दो विधान और दो संविधान का खुला विरोध किया। कश्मीर समस्या को लेकर बड़े संघर्ष की शुरूआत की। तत्कालिक कांग्रेस सरकार के कुचक्र के कारण डॉ. मुखर्जी जेल गए और जेल में ही संदिग्ध हालत में मां भारती की सेवा में अपना जीवन बलिदान किया। डॉ. मुखर्जी देश के सच्चे सपूत थे।
गोष्ठी में पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक मिश्रा, धर्मवीर तिवारी, नागेश्वर देव पांडेय, गोविंद यादव, उदयनाथ मौर्य, ओमप्रकाश दूबे, अभिषेक सिंह चंदेल, कृष्ण मुरारी गुप्ता, रामसुंदर निषाद, कमलेश चौबे, अनूप तिवारी, संतोश शुक्ला आदि मौजूद रहे। संचालन जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश दुबे ने किया।
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जिला कार्यालय पर मुख्य अतिथि जिला प्रभारी केके सिंह और जिलाध्यक्ष अजीत चौबे की मौजूदगी में गोष्ठी हुई। कार्यालय परिसर में एक पौधा लगाकर पौधरोपण अभियान का शुभारंभ किया गया। जिला प्रभारी केके सिंह ने कहा कि श्यामा प्रसाद ने मां भारती की सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित किया। देशहित में अनेक कार्य किए, जिन्हें भुलाना संभव नहीं है। हम सभी को उनके जीवन तथा उनके कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए और यह संकल्प लेना चाहिए कि स्वहित से बड़ा देशहित होता है। जिलाध्यक्ष अजीत चौबे ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने सन 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की और दो निशान, दो विधान और दो संविधान का खुला विरोध किया। कश्मीर समस्या को लेकर बड़े संघर्ष की शुरूआत की। तत्कालिक कांग्रेस सरकार के कुचक्र के कारण डॉ. मुखर्जी जेल गए और जेल में ही संदिग्ध हालत में मां भारती की सेवा में अपना जीवन बलिदान किया। डॉ. मुखर्जी देश के सच्चे सपूत थे।
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गोष्ठी में पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक मिश्रा, धर्मवीर तिवारी, नागेश्वर देव पांडेय, गोविंद यादव, उदयनाथ मौर्य, ओमप्रकाश दूबे, अभिषेक सिंह चंदेल, कृष्ण मुरारी गुप्ता, रामसुंदर निषाद, कमलेश चौबे, अनूप तिवारी, संतोश शुक्ला आदि मौजूद रहे। संचालन जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश दुबे ने किया।

राबर्ट्सगंज पुसौली स्थित भाजपा जिला कार्यालय परिसर में श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर - फोटो : SONBHADRA
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