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Sonebhadra News: सर्पदंश पर झाड़-फूंक में समय न गंवाएं, सीधे अस्पताल आएं
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सोनभद्र। जहरीले सांपों की मौजूदगी वाले जिले में जून-जुलाई से सर्पदंश की घटनाओं में इजाफा होता है। जहरीले सांपों के दंश से हर साल बड़ी संख्या में लोग जान गंवाते हैं। इसके पीछे समय से उपचार न मिलना भी प्रमुख कारण होता है। सर्पदंश के बढ़ते मामलों के देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण अस्पतालों पर एंटी स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता कराने के साथ ही लोगों को झाड़-फूंक से दूरी बनाने के लिए जागरूक भी कर रहा है।
सर्पदंश के ज्यादातर मामलों में मौत की वजह समय से उपचार न मिलना होता है। जागरुकता की कमी के चलते लोग सबसे पहले पीड़ित व्यक्ति को झाड़-फूंक के लिए ही ले जाते हैं। कई बार झाड़-फूंक में इतना वक्त लग जाता है कि व्यक्ति मौत के मुंह में चला जाता है। सर्पदंश की घटनाएं बढ़ने के साथ इस बार पहले से ही महकमा सतर्क हो गया है। गांवों में स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से लोगों को सर्पदंश से बचने और उसका शिकार होने पर अस्पताल पहुंचने के लिए जागरुक किया जा रहा है।
अस्पतालों पर उपलब्ध है पर्याप्त एंटी स्नेक वेनम जिले के ग्रामीण क्षेत्र के प्रमुख अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम की खेप उपलब्ध करा दी गई है। सीएचसी कोन में आठ, शाहगंज में 10, पीएचसी बीजपुर में छह, केकराही में 20, सीएचसी दुद्धी में 85, नगवां में 25, बभनी में 16, करमा में 39, घोरावल में 57 सहित जिला अस्पताल में 150 से अधिक इंजेक्शन उपलब्ध है।
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इन बातों का रखें ध्यान : डॉ. एसएस पांडेय
जिला अस्पताल में वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एसएस पांडेय का कहना है कि झाड़ियों, जंगल व अन्य ऐसे स्थलों पर न जाएं, जहां पर कीड़े मकोड़े रहते हों, अंधेरा होने पर टॉर्च लेकर ही घर से निकलें। सर्प के डंसने पर तत्काल नजदीक के अस्पताल लें जाएं। इस दौरान सर्प के डंसने वाले के स्थान पर जोर से पट्टी बांध लें, जिससे जहर न फैलने पाए।
समय पर पहुंचे अस्पताल : सीएमओ
सीएमओ डॉ. आरजी यादव का कहना है कि जिले के सभी दस सीएचसी व कुछ चुनिंदा पीएचसी पर सर्पदंश की पर्याप्त दवाएं उपलब्ध लें। सर्पदंशा पर शीघ्र ही नजदीकी अस्पताल पर उपचार के लिए ले जाएं। अगर आपको सांप डस ले तो डरें नहीं। सही समय पर इलाज मिलने से जान का खतरा टाला जा सकता है।
केस एक : ओबरा थाना क्षेत्र के बैरपुर गांव में 4 जून की रात तीन बजे चारपाई पर चढ़कर दो सही बहनों रीता (3) और सीता (6) को सांप ने डंस लिया। परिजन क्षेत्र के ही एक व्यक्ति के पास झाड़फूंक और उपचार कराने लगे। करीब साढ़े तीन घंटों के बाद परिजन दोनों बहनों को लेकर चोपन सीएचसी पहुंचे जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
केस दो : करमा थाना क्षेत्र के अतरवा गांव निवासी अशोक मौर्य (44) को 25 जून की सुबह मकान के पिलर की खुदाई करते समय सांप ने डंस लिया। परिजन झाड़-फूंक के लिए रामगढ़ ले गए गए। राहत न मिलने पर जिला अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टर ने देखते ही मृत घोषित कर दिया।
केस तीन : करमा थाना क्षेत्र के सिरसिया ठकुराई गांव के चकरिया टोला में 19 जून को घर में ही चंदा (16) पुत्री कमलेश को सांप ने काट लिया। परिजन झाड़-फूक में लगे रहे। कई घंटे बाद अस्पताल पहुंचे तब तक चंदा ने दम तोड़ दिया था।
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सर्पदंश के ज्यादातर मामलों में मौत की वजह समय से उपचार न मिलना होता है। जागरुकता की कमी के चलते लोग सबसे पहले पीड़ित व्यक्ति को झाड़-फूंक के लिए ही ले जाते हैं। कई बार झाड़-फूंक में इतना वक्त लग जाता है कि व्यक्ति मौत के मुंह में चला जाता है। सर्पदंश की घटनाएं बढ़ने के साथ इस बार पहले से ही महकमा सतर्क हो गया है। गांवों में स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से लोगों को सर्पदंश से बचने और उसका शिकार होने पर अस्पताल पहुंचने के लिए जागरुक किया जा रहा है।
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अस्पतालों पर उपलब्ध है पर्याप्त एंटी स्नेक वेनम जिले के ग्रामीण क्षेत्र के प्रमुख अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम की खेप उपलब्ध करा दी गई है। सीएचसी कोन में आठ, शाहगंज में 10, पीएचसी बीजपुर में छह, केकराही में 20, सीएचसी दुद्धी में 85, नगवां में 25, बभनी में 16, करमा में 39, घोरावल में 57 सहित जिला अस्पताल में 150 से अधिक इंजेक्शन उपलब्ध है।
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इन बातों का रखें ध्यान : डॉ. एसएस पांडेय
जिला अस्पताल में वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एसएस पांडेय का कहना है कि झाड़ियों, जंगल व अन्य ऐसे स्थलों पर न जाएं, जहां पर कीड़े मकोड़े रहते हों, अंधेरा होने पर टॉर्च लेकर ही घर से निकलें। सर्प के डंसने पर तत्काल नजदीक के अस्पताल लें जाएं। इस दौरान सर्प के डंसने वाले के स्थान पर जोर से पट्टी बांध लें, जिससे जहर न फैलने पाए।
समय पर पहुंचे अस्पताल : सीएमओ
सीएमओ डॉ. आरजी यादव का कहना है कि जिले के सभी दस सीएचसी व कुछ चुनिंदा पीएचसी पर सर्पदंश की पर्याप्त दवाएं उपलब्ध लें। सर्पदंशा पर शीघ्र ही नजदीकी अस्पताल पर उपचार के लिए ले जाएं। अगर आपको सांप डस ले तो डरें नहीं। सही समय पर इलाज मिलने से जान का खतरा टाला जा सकता है।
केस एक : ओबरा थाना क्षेत्र के बैरपुर गांव में 4 जून की रात तीन बजे चारपाई पर चढ़कर दो सही बहनों रीता (3) और सीता (6) को सांप ने डंस लिया। परिजन क्षेत्र के ही एक व्यक्ति के पास झाड़फूंक और उपचार कराने लगे। करीब साढ़े तीन घंटों के बाद परिजन दोनों बहनों को लेकर चोपन सीएचसी पहुंचे जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
केस दो : करमा थाना क्षेत्र के अतरवा गांव निवासी अशोक मौर्य (44) को 25 जून की सुबह मकान के पिलर की खुदाई करते समय सांप ने डंस लिया। परिजन झाड़-फूंक के लिए रामगढ़ ले गए गए। राहत न मिलने पर जिला अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टर ने देखते ही मृत घोषित कर दिया।
केस तीन : करमा थाना क्षेत्र के सिरसिया ठकुराई गांव के चकरिया टोला में 19 जून को घर में ही चंदा (16) पुत्री कमलेश को सांप ने काट लिया। परिजन झाड़-फूक में लगे रहे। कई घंटे बाद अस्पताल पहुंचे तब तक चंदा ने दम तोड़ दिया था।