यूपी: अधिकारियों के नाम पर मांगी घूस, ऑडियो क्लिप वायरल होने पर जिला भूमि व्यवस्था लिपिक बर्खास्त
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सोनभद्र के उभ्भा कांड के बाद अचानक से जमीन खारिज के मामलों में हुई बढ़ोत्तरी के बीच बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जिस बाबू (जिला भूमि व्यवस्था लिपिक) के जरिए जमीन संबंधित पत्रावलियों का परीक्षण कराया जा रहा था, वहीं लिपिक अवैध उगाही का दोषी पाया गया है। अधिकारियों के नाम पर रुपये मांगने की ऑडियो क्लिप की जांच के बाद डीएम एस. राजलिंगम ने लिपिक शंभूनाथ को बर्खास्त कर दिया है। इससे कर्मियों में हड़कंप की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
ओबरा तहसील क्षेत्र से जुड़े एक व्यक्ति की भूमि संबंधित फाइल की जांच कलेक्ट्रेट के एक अधिकारी द्वारा की जा रही थी। पटल सहायक होने के नाते लिपिक शंभूनाथ उस फाइल को देख रहे थे। आरोप है कि कुछ माह पूर्व संबंधित व्यक्ति ने लिपिक से जांच रिपोर्ट अपने पक्ष में कराने का निवेदन किया। इस पर जिला भूमि व्यवस्था लिपिक ने उपरोक्त व्यक्ति से अधिकारियों के नाम पर हजारों रुपये की मांग की।
उक्त व्यक्ति ने बातचीत की आडियो क्लिप के साथ डीएम से गुहार लगाई। इसके बाद जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर को जांच सौंप कर रिपोर्ट तलब कर ली। जांच में पाया गया कि आडियो क्लिप की बातचीत सही है। जिसके आधार पर डीएम ने लिपिक शंभूनाथ को बर्खास्त कर दिया। शंभूनाथ पर यह भी आरोप है कि वह फाइल को निर्धारित समयसीमा से ज्यादा समय तक अपने यहां दबाए रहे।
जांच में जिला भूमि व्यवस्था लिपिक शंभूनाथ द्वारा उच्चाधिकारियों के नाम पर रुपये मांगने की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के आधार पर बर्खास्त कर दिया गया है। कहा कि शासन के मंशानुसार कार्य न करने वाले कर्मियों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी