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रोजगार के लिए धरने पर बैठे विस्थापित
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रोजगार पर वादाखिलाफी से नाराज कोहरौल व कोहरौलिया गांव के ग्रामीण सोमवार को एनसीएल कृष्णशिला कोयला क्षेत्र के महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों के तेवर से कोल प्रबंधन में खलबली मच गई। ग्रामीणों का कहना है मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा।
एनसीएल कृष्णशिला परियोजना में ओबी हटाने के कार्य में लगी एसए यादव कंपनी में रोजगार की मांग को लेकर गांव के रहवासी काफी समय से आंदोलन की राह पर हैं। कोहरौलिया गांव में एनसीएल की नई पाइपलाइन डालने का ग्रामीणों ने विरोध किया था। ग्रामीणों का कहना था कि उनको जमीन के बदले मुआवजा नौकरी नहीं दी गई है। एनसीएल प्रबंधन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा बीते दिनों एसडीएम दुद्धी, एसए यादव कंपनी व कृष्णशिला परियोजना प्रबंधन के मध्य पुलिस चौकी बीना में ग्रामीणों की हुई बैठक में तय हुआ था कि कोहरौल और कोहरौलिया गांव के 15 हेल्पर,10 टेक्निकल/ऑपरेटर व एक अन्य व्यक्ति के साथ कुल 26 लोगों को कृष्णशिला ओबी कंपनी में रोजगार दिया जाएगा। अभी तक कंपनी में एक भी हेल्पर का समायोजन न होने से विस्थापितों में आक्रोश है। अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे विस्थापितों ने प्रबंधन को चेताया कि अगर जल्द से जल्द कंपनी में भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो पांच जनवरी को कृष्णशिला महाप्रबंधक कार्यालय का मुख्य गेट बंद कर दिया जाएगा। सुरेश राम, राम सुंदर पनिका, करण गुप्ता, संदीप पनिका, अंकित गुप्ता, रमेश गुप्ता, रवींद्र रवानी, अखिलेश कुमार, मीरा देवी, मंजू देवी, शिला देवी, सरस्वती देवी, मंजू आदि रहे।
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एनसीएल कृष्णशिला परियोजना में ओबी हटाने के कार्य में लगी एसए यादव कंपनी में रोजगार की मांग को लेकर गांव के रहवासी काफी समय से आंदोलन की राह पर हैं। कोहरौलिया गांव में एनसीएल की नई पाइपलाइन डालने का ग्रामीणों ने विरोध किया था। ग्रामीणों का कहना था कि उनको जमीन के बदले मुआवजा नौकरी नहीं दी गई है। एनसीएल प्रबंधन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा बीते दिनों एसडीएम दुद्धी, एसए यादव कंपनी व कृष्णशिला परियोजना प्रबंधन के मध्य पुलिस चौकी बीना में ग्रामीणों की हुई बैठक में तय हुआ था कि कोहरौल और कोहरौलिया गांव के 15 हेल्पर,10 टेक्निकल/ऑपरेटर व एक अन्य व्यक्ति के साथ कुल 26 लोगों को कृष्णशिला ओबी कंपनी में रोजगार दिया जाएगा। अभी तक कंपनी में एक भी हेल्पर का समायोजन न होने से विस्थापितों में आक्रोश है। अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे विस्थापितों ने प्रबंधन को चेताया कि अगर जल्द से जल्द कंपनी में भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो पांच जनवरी को कृष्णशिला महाप्रबंधक कार्यालय का मुख्य गेट बंद कर दिया जाएगा। सुरेश राम, राम सुंदर पनिका, करण गुप्ता, संदीप पनिका, अंकित गुप्ता, रमेश गुप्ता, रवींद्र रवानी, अखिलेश कुमार, मीरा देवी, मंजू देवी, शिला देवी, सरस्वती देवी, मंजू आदि रहे।
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