परिवहन विभाग द्वारा नगर के आंबेडकर चौराहे के पास विवादित जमीन पर बुधवार की रात सरकारी बस खड़ी कराने पर व्यापारियों ने विरोध जताया। विरोध प्रदर्शन की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने व्यापारियों को समझा शांत कराया। बृहस्पतिवार को भी व्यापारियों ने ओबरा बाजार बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले मछली मंडी में सांकेतिक धरना देकर परिवहन विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।
धरना का नेतृत्व कर रहे मिथिलेश अग्रहरि ने बस स्टैंड की जमीन कहीं अन्यत्र स्थान पर होने की बात कहीं। कहा कि उक्त जमीन पर कई दशकों से आबाद व्यापारी अपनी रोजी रोटी चला रहे हैं। जमीन के बाबत व्यापारियों के पास जरूरी दस्तावेज भी हैं। संघर्ष समिति के सचिव गिरीश कुमार पांडेय ने कहा कि परिवहन विभाग तानाशाही रवैया अपनाते हुए विवादित जमीन को अपना बता रहा है। अतिक्रमण के नाम पर शासन प्रशासन को गुमराह कर व्यापारियों को बेरोजगार और बेघर करने का प्रयास कर रहा है। बताया कि जनपद न्यायाधीश के यहाँ मुकदमा विचाराधीन होने के बावजूद परिवहन विभाग अपनी मनमानी करते हुए जबरिया काम कराने का प्रयास कर रहा है जो गलत है। धरने में मुख्य रूप से संतोष राय, लालबाबू सोनकर, शमशेर खान, दिलीप सिंह, दिनेश गुप्ता, आबिद खां, गुरुविंदर सिंह, रमाशंकर सिंह, मंसूर अहमद, प्रीति पांडेय, अमरावती देवी, सुषमा सिंह आदि रही।