चतरा ब्लॉक के सिल्थम ग्राम पंचायत स्थित नर्सो बंधी में कई बीघे जमीन पर कब्जे को लेकर ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। सोमवार की शाम को बंधी पर पहुंचकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बंधी प्रखंड के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए बंधी को कब्जा मुक्त कराने की मांग की।
विरोध दर्ज कराते हुए ग्रामीणों ने बताया कि बंधी के कई बीघे जमीन पर एक व्यक्ति का कब्जा है। वर्तमान में चल रहे मरम्मत कार्य में भी व्यापक अनियमितता बरती जा रही है। ग्रामीणों ने डीएम को प्रेषित पत्र में कहा है कि निर्माण कार्य की जांच कराई जाए। साथ ही बंधी पर काबिज दबंग को कब्जा से बेदखल कराया जाए। ग्रामीणों ने बताया कि सिल्थम गांव में करीब चार दशक पूर्व बंधी का निर्माण हुआ था। नर्सो बंधी के नाम से इसे जाना जाता है। इसमें से चार माइनर निकाली गई है। सिल्थम के लिए जो माइनर निकली है उसके स्वीचवॉल के आगे लगभग चार फीट मिट्टी ऊंची पड़ी है, इससे माइनर में पानी नहीं आ पाता है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि वर्तमान में मरम्मत के लिए लाखों रुपये शासन स्तर से आया है बावजूद सिल्थम माइनर के हेड की मिट्टी नहीं हटाई जा रही है। बंधी के पानी पर भी पूरी तरह उसी व्यक्ति का आधिपत्य है। यही नहीं बंधी के भींटे पर लगे पेड़ भी काट कर बेच दिया जा रहा है। इसमें विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। शिकायत करने पर अधिकारी फर्जी मुकदमे में फंसा कर जेल भेज देने की धमकी दे रहे हैं। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य सोढ़ा राजाराम बिंद, सुरेंद्र यादव, महेंद्र प्रसाद, प्रेमनाथ गुप्ता, राजकरन धांगर, कौशल कुमार, क्षेत्र पंचायत सदस्य जयराम सुग्रीव ,नार सिंह, विनय कुमार आदि रहे।