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कटौती से नाराजगी, एमडी को घेरा
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Mon, 27 Jul 2015 11:37 PM IST
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जनपद में दौरे पर आए पूर्वांचल विद्युत वितरण खंड के प्रबंध निदेशक एके सिंह को उपभोक्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा।
सोमवार को बिजली विभाग के दफ्तर में कांग्रेस और भाजपा नेताओं की अगुवाई में उपभोक्ताओं ने एमडी का घेराव किया। इस दौरान उपभोक्ताओं ने मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।
उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों के ऊपर रोस्टर के अनुसार आपूर्ति न करने का आरोप मढ़ा। उपभोक्ताओं की शिकायत सुनने के बाद एमडी ने मोबाइल से मुख्य प्रबंध निदेशक शक्ति भवन लखनऊ एपी मिश्रा से वार्ता की।
फोन पर प्रबंध निदेशक ने रोस्टर के अनुसार आपूर्ति करने का आश्वासन दिया, तब जाकर लोगों का गुस्सा शांत हुआ और वे एमडी को सात सूत्री मांगपत्र देकर लौट गए।
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बिजली कटौती से त्रस्त नगरवासी सोमवार को पूर्वाह्न 11 बजे के करीब भाजपा और कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में एक्सईएन कार्यालय पहुंचकर एमडी का घेराव किया।
इस दौरान उपभोक्ताओं ने उन्हें बिजली बिल जारी होने से लेकर बिल जमा करने तक होने वाली समस्याओं से अवगत कराया। इस दौरान नेताओं ने कहा कि रोस्टर के अनुसार शहर और गांवों में बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है।
जिससे लोगों को काफी परेश्ाानियों का सामना करना पड़ रहा है। रात में विद्युत तार टूट जाता है तो उसे सही कर आपूर्ति नहीं की जाती है। इमरजेंसी के नाम पर अंधाधुंध कटौती की जा रही है।
इसे कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर ने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश के क्रम में दो घंटे अतिरिक्त बिजली आपूर्ति करते हुए जिला मुख्यालय को कटौती से मुक्त कर नक्सल क्षेत्र में कम से कम 20 घंटे बिजली सप्लाई की जाए।
कहा कि वर्तमान में जिला मुख्यालय पर दस से 12 घंटे और गांवों में चार से पांच घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है। ऐसा बिजली विभाग के कुछ अधिकारियों की मनमानी से हो रहा है।
इसकी जांच करवा कर मनमानी तरीके से आपूर्ति ठप करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई किया जाए। घेराव करने वालों में कांग्रेस के अमित चतुर्वेदी, भाजपा के धर्मवीर तिवारी, मनीष अग्रहरि, श्याम दूबे, गौरव शुक्ला, अनुराग श्रीवास्तव, महेश पांडेय, अमित दूबे, मनोज गिरी, लवकुश चौबे, अखिलेश आदि मौजूद रहे।
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सोमवार को बिजली विभाग के दफ्तर में कांग्रेस और भाजपा नेताओं की अगुवाई में उपभोक्ताओं ने एमडी का घेराव किया। इस दौरान उपभोक्ताओं ने मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।
उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों के ऊपर रोस्टर के अनुसार आपूर्ति न करने का आरोप मढ़ा। उपभोक्ताओं की शिकायत सुनने के बाद एमडी ने मोबाइल से मुख्य प्रबंध निदेशक शक्ति भवन लखनऊ एपी मिश्रा से वार्ता की।
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फोन पर प्रबंध निदेशक ने रोस्टर के अनुसार आपूर्ति करने का आश्वासन दिया, तब जाकर लोगों का गुस्सा शांत हुआ और वे एमडी को सात सूत्री मांगपत्र देकर लौट गए।
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बिजली कटौती से त्रस्त नगरवासी सोमवार को पूर्वाह्न 11 बजे के करीब भाजपा और कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में एक्सईएन कार्यालय पहुंचकर एमडी का घेराव किया।
इस दौरान उपभोक्ताओं ने उन्हें बिजली बिल जारी होने से लेकर बिल जमा करने तक होने वाली समस्याओं से अवगत कराया। इस दौरान नेताओं ने कहा कि रोस्टर के अनुसार शहर और गांवों में बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है।
जिससे लोगों को काफी परेश्ाानियों का सामना करना पड़ रहा है। रात में विद्युत तार टूट जाता है तो उसे सही कर आपूर्ति नहीं की जाती है। इमरजेंसी के नाम पर अंधाधुंध कटौती की जा रही है।
इसे कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर ने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश के क्रम में दो घंटे अतिरिक्त बिजली आपूर्ति करते हुए जिला मुख्यालय को कटौती से मुक्त कर नक्सल क्षेत्र में कम से कम 20 घंटे बिजली सप्लाई की जाए।
कहा कि वर्तमान में जिला मुख्यालय पर दस से 12 घंटे और गांवों में चार से पांच घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है। ऐसा बिजली विभाग के कुछ अधिकारियों की मनमानी से हो रहा है।
इसकी जांच करवा कर मनमानी तरीके से आपूर्ति ठप करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई किया जाए। घेराव करने वालों में कांग्रेस के अमित चतुर्वेदी, भाजपा के धर्मवीर तिवारी, मनीष अग्रहरि, श्याम दूबे, गौरव शुक्ला, अनुराग श्रीवास्तव, महेश पांडेय, अमित दूबे, मनोज गिरी, लवकुश चौबे, अखिलेश आदि मौजूद रहे।