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निजी अस्पताल में मासूम की हुई मौत की जांच शुरू
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सोनभद्र। राबट्र्सगंज नगर में स्थित एक निजी हॉस्पिटल में उपचार के दौरान अर्पित (3) की मौत का मामला गरमाने लगा है। इसको देखते हुए सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने एसीएमओ डॉ. वीके अग्रवाल की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम बच्चे की मौत के मामले की जांच करने के लिए गठित कर दी है। उन्होंने टीम को निष्पक्ष ढंग से जांच करते हुए 72 घंटे में रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया है।
बताते चलें कि मंगलवार को चोपन निवासी अंजू देवी अपने तीन वर्षीय बेटे अर्पित को राबट्र्सगंज नगर में स्थित एक निजी क्लिनिक में उपचार कराने के लिए लिए ले गई। यहां डॉक्टर ने बच्चे का पैर फैक्चर होने की बात कहते हुए उसे भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया। रात में उपचार के दौरान अर्पित की मौत हो गई। बुधवार की अलसुबह मृत बच्चे के घरवाले समेत अन्य लोगों ने डॉक्टर की लापरवाही से बच्चे की मौत होने की बात कहते हुए हंगामा करने लगे। मृतक की मां का आरोप था कि इंजेक्शन लगने से उसके बेटे की मौत हुई है।
वहीं डॉक्टर का कहना था कि बच्चे को अचानक उल्टी होने के बाद उसने दम तोड़ दिया। उधर घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने घंटों कड़ी मशक्कत कर नाराज लोगों को शांत करवा कर शव को जिला अस्पताल ले जाकर पोस्टमार्टम करवा कर घरवालों को सुपुर्द कर दिया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि किसी ने बच्चे की मौत की शिकायत नहीं की है। फिर वे मामले को स्वत: संज्ञान में लेते हुए एसीएमओ डॉ. वीके अग्रवाल, डिप्टी सीएमओ प्रेमनाथ और डॉ. रामकुमार को अर्पित की मौत कैसे हुई इसकी जांच कर तीन दिन के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया है। कहा कि जांच में डॉक्टर की लापरवाही से बच्चे की मौत होने की पुष्टि हुई तो अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।
बताते चलें कि मंगलवार को चोपन निवासी अंजू देवी अपने तीन वर्षीय बेटे अर्पित को राबट्र्सगंज नगर में स्थित एक निजी क्लिनिक में उपचार कराने के लिए लिए ले गई। यहां डॉक्टर ने बच्चे का पैर फैक्चर होने की बात कहते हुए उसे भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया। रात में उपचार के दौरान अर्पित की मौत हो गई। बुधवार की अलसुबह मृत बच्चे के घरवाले समेत अन्य लोगों ने डॉक्टर की लापरवाही से बच्चे की मौत होने की बात कहते हुए हंगामा करने लगे। मृतक की मां का आरोप था कि इंजेक्शन लगने से उसके बेटे की मौत हुई है।
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वहीं डॉक्टर का कहना था कि बच्चे को अचानक उल्टी होने के बाद उसने दम तोड़ दिया। उधर घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने घंटों कड़ी मशक्कत कर नाराज लोगों को शांत करवा कर शव को जिला अस्पताल ले जाकर पोस्टमार्टम करवा कर घरवालों को सुपुर्द कर दिया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि किसी ने बच्चे की मौत की शिकायत नहीं की है। फिर वे मामले को स्वत: संज्ञान में लेते हुए एसीएमओ डॉ. वीके अग्रवाल, डिप्टी सीएमओ प्रेमनाथ और डॉ. रामकुमार को अर्पित की मौत कैसे हुई इसकी जांच कर तीन दिन के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया है। कहा कि जांच में डॉक्टर की लापरवाही से बच्चे की मौत होने की पुष्टि हुई तो अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।
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