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घोरावल में बीआईएस की अनदेखी कर निकाली निविदा

Wed, 06 Mar 2019 11:39 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 06 Mar 2019 11:39 PM IST
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घोरावल में बीआईएस की अनदेखी कर निकाली निविदा
सोनभद्र। नगर पंचायत घोरावल में विभिन्न सामग्रियों की आपूर्ति के लिए निकाली गई निविदा में बीआईएस (ब्यूरो आफ इंडियन स्टैंडर्ड) की अनदेखी करने का मामला प्रकाश में आया है। अधिवक्ता विजय प्रकाश मालवीय ने सीएम और डीएम को शिकायती पत्र सौंप टेंडर निरस्त करने और इसके लिए दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पूर्व में राबटर्सगंज नगर पालिका में भी इसी तरह का मामला सामने आ चुका है। शिकायत के बाद टेंडर निरस्त कर दिया गया था।
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शिकायत में कहा है कि प्रकाश व्यवस्था और डस्टबीन के लिए एक कंपनी विशेष के उत्पाद के आपूर्ति की ही निविदा निकाली गई है। इससे सिर्फ एक कंपनी के प्रतिनिधि/आपूर्तिकर्ता को ही टेंडर में भाग लेने का मौका मिलेगा। जबकि नियमानुसार जो भी कंपनियां बीआईएस का मानक पूरा कर रही हैं, उनके आपूर्तिकर्ताओं को इसमें भाग लेने का मौका मिलना चाहिए। प्रकाश व्यवस्था के लिए जिस कंपनी के उत्पाद मांगे गए हैं, उस कंपनी को बीआईएस के तहत अधिकृत किया गया है या नहीं, इसके बारे में भी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं है। मालवीय का आरोप है कि व्यक्ति विशेष का लाभ पहुंचाने के लिए नियमों की अनदेखी की गई है। गत 26 फरवरी को 12 कार्यों/आपूर्ति के लिए निविदा निकाली गई है। इसमें चौदहवें वित्त आयोग से छह, राज्य वित्त आयोग से तीन, स्वच्छ भारत मिशन से तीन कार्य/आपूर्ति शामिल हैं। आरोप लगाया है कि पिछले दिनों भी नगर पंचायत घोरावल की तरफ से तत्कालीन शासनादेश का उल्लंघन करते हुए वित्त आयोग मद से विशिष्ट कंपनी के पक्ष में निविदा आमंत्रित कर कार्य आवंटित किए गए थे। उधर, ईओ घोरावल चैतन्य कुमार तिवारी का कहना है कि नगर पंचायत बोर्ड जो प्रस्ताव पास करती है, उसी के आधार पर निविदा निकाली जाती है। 26 फरवरी की निविदा में जिन कंपनियों का उल्लेख है, उनका नाम बोर्ड ने पहले से तय कर रखा था, इस कारण उसी कंपनी के उत्पादों की आपूर्ति मांगी गई। उधर एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह का कहना है कि टेंडर मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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