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घर में घुसकर व्यापारी पुत्र की पिटाई से आक्रोश
Updated Mon, 20 Nov 2017 11:06 PM IST
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बाजार में सीआईएसएफ यूनिट रिहंद के जवानों ने रविवार की रात एक व्यापारी के साथ हाथापाई की। 100 नंबर काल पर आई पुलिस व्यापारी को ही उठा ले गई। इससे नाराज हुए व्यापारियों ने थाने का घेराव किया। पुलिस ने किसी तरह से मामला शांत कराया।
सीआईएसएफ के कुछ जवान रविवार की देर शाम बाजार में खरीददारी करने आए थे। चार जवान आलू व्यापारी वीरेंद्र गुप्ता के यहां पहुंचे। दूकान पर उनका पुत्र अजय गुप्ता था। जवानों ने दूकान के सामने खड़ी व्यापारी के पिकअप को वहां से हटाने को कहा। आरोप है कि उसके साथ अपशब्दों का प्रयोग किया गया। आरोप है कि जवानों ने अजय मारपीट भी की। इसी बीच एक जवान पास में रखी छड़ी उठा लिया। विवाद बढ़ता देख बचाव में पल्लेदार सयैद खान आगे बढ़ा तो उसकी भी पिटाई कर दी। अजय मौका मिलते ही घर में भागा। उसके पीछे जवान भी घर में घुस गए लाठी से वार कर दिए। घटना की भनक लगते ही व्यापारियों की भीड़ लगने लगी तो कर्मी वहां से खिसक लिए। इसके बाद भड़के व्यवसायियों ने घटना के कुछ ही देर बाद थाने का घेराव कर गिरफ्तारी की मांग करने लगे। मामला सीआईएसएफ का होने की वजह से पुलिस मामले में सुलह कराने में जुट गई। काफी प्रयास के बाद पुलिस ने व्यवसायियों को समझा बुझाकर वापस थाने से भेज दिया। वहीं रिहंद के डिप्टी कमांडेंट योगराज ने कहा कि इसमें व्यापारी की गलती नहीं है। जवानों के मारपीट को उन्हें मामूली बात कहकर पूरे मामले से पल्ला झाड़ लिया।
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सीआईएसएफ के कुछ जवान रविवार की देर शाम बाजार में खरीददारी करने आए थे। चार जवान आलू व्यापारी वीरेंद्र गुप्ता के यहां पहुंचे। दूकान पर उनका पुत्र अजय गुप्ता था। जवानों ने दूकान के सामने खड़ी व्यापारी के पिकअप को वहां से हटाने को कहा। आरोप है कि उसके साथ अपशब्दों का प्रयोग किया गया। आरोप है कि जवानों ने अजय मारपीट भी की। इसी बीच एक जवान पास में रखी छड़ी उठा लिया। विवाद बढ़ता देख बचाव में पल्लेदार सयैद खान आगे बढ़ा तो उसकी भी पिटाई कर दी। अजय मौका मिलते ही घर में भागा। उसके पीछे जवान भी घर में घुस गए लाठी से वार कर दिए। घटना की भनक लगते ही व्यापारियों की भीड़ लगने लगी तो कर्मी वहां से खिसक लिए। इसके बाद भड़के व्यवसायियों ने घटना के कुछ ही देर बाद थाने का घेराव कर गिरफ्तारी की मांग करने लगे। मामला सीआईएसएफ का होने की वजह से पुलिस मामले में सुलह कराने में जुट गई। काफी प्रयास के बाद पुलिस ने व्यवसायियों को समझा बुझाकर वापस थाने से भेज दिया। वहीं रिहंद के डिप्टी कमांडेंट योगराज ने कहा कि इसमें व्यापारी की गलती नहीं है। जवानों के मारपीट को उन्हें मामूली बात कहकर पूरे मामले से पल्ला झाड़ लिया।
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