सोनभद्र। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट खलीकुज्ज्मा की अदालत ने आठ अभियुक्तों के विरुद्ध गैर जमानती वारंट के तामिला में लापरवाही बरतने पर कड़ा रुख अपनाया है। सरईगढ़ चौकी इंचार्ज दिनेश कुमार सिंह को 22 नवंबर को तलब होकर स्पष्टीकरण देने को कहा है। वहीं आठों आरोपियों के खिलाफ कुर्की की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक रायपुर थाने में गोटीबांध निवासी बृजेश कुमार ने बीते 15 जनवरी को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि बिजली के लिए गांव के लोगों ने लाठी-डंडे से चार लोगों की बेरहमी से पिटाई कर दी थी। 10 लोगों के विरुद्ध मारपीट, बलवा व एससी-एसटी एक्ट में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद पर्याप्त सबूत मिलने पर चार्जशीट दाखिल किया था। इसी मामले में राघवेंद्र द्विवेदी, विष्णुदत्त द्विवेदी, अखिलेश गिरी, रामअशीष यादव, संदीप कुमार द्विवेदी, विजय यादव, सुरेंद्र कुमार यादव व राजनाथ यादव के विरुद्ध न्यायालय ने गैरजमानती वारंट जारी किया था। इसके बावजूद सरईगढ़ चौकी इंचार्ज ने लापरवाही बरतते हुए एक ही तरह की रिपोर्ट तामिला वाले कागजात पर लिखकर न्यायालय में भेज दिया। अदालत ने इसे गंभीरता से लिया। न्यायालय को दिग्भ्रमित करते हुए अभियुक्तों को अनुचित लाभ प्रदान करने का प्रयास मानते हुए यह आदेश दिया है।