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कोर्ट ने दिया छल की एफआईआर दर्ज करने का आदेश1़
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सीजेएम सूरज मिश्र की अदालत ने छल के मामले में बुधवार को सुनवाई करते हुए राबर्ट्सगंज कोतवाल को एफआईआर दर्ज कर विधि अनुरूप विवेचना का आदेश दिया है। साथ ही आगामी 14 जून 2022 को आख्या तलब की है। उक्त आदेश ओबरा थाना क्षेत्र के आर्य समाज रोड ओबरा की आरती देवी के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए दी है।
बता दें कि चार सितंबर 2019 को आरती देवी ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में अवगत कराया है कि उसकी शादी 2009 में चोपन निवासी इस्मार खां से हुई थी। उसके पति ने 23 फरवरी 2018 को दूसरी शादी कर ली। इसकी जानकारी करने के लिए 24 फरवरी 2018 को वो वो चोपन स्थित पति के घर गई तो पति समेत ससुराल वालों ने मारपीट कर भगा दिया। इस तहरीर पर ओबरा पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना की और पर्याप्त सबूत मिलने पर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। इसी मामले में न्यायालय में हाजिर होकर जमानत कराने के लिए अभियुक्तगण आए तो सकीना नाम की लड़की ने रानी बनकर जमानत करा ली। न्यायालय ने इस प्रकरण की जांच सीओ ओबरा से कराई जिसमें आख्या आई कि सकीना का नाम रानी नहीं है बल्कि फरजाना का नाम रानी है। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने गंभीर प्रकृति का अपराध मानते हुए राबर्ट्सगंज कोतवाल को एफआईआर दर्ज कर विधि अनुरूप विवेचना करने एवं कृत कार्यवाही से अवगत कराने का आदेश दिया है। साथ ही सुनवाई के लिए 14 जून 2022 की तिथि नियत की है।
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बता दें कि चार सितंबर 2019 को आरती देवी ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में अवगत कराया है कि उसकी शादी 2009 में चोपन निवासी इस्मार खां से हुई थी। उसके पति ने 23 फरवरी 2018 को दूसरी शादी कर ली। इसकी जानकारी करने के लिए 24 फरवरी 2018 को वो वो चोपन स्थित पति के घर गई तो पति समेत ससुराल वालों ने मारपीट कर भगा दिया। इस तहरीर पर ओबरा पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना की और पर्याप्त सबूत मिलने पर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। इसी मामले में न्यायालय में हाजिर होकर जमानत कराने के लिए अभियुक्तगण आए तो सकीना नाम की लड़की ने रानी बनकर जमानत करा ली। न्यायालय ने इस प्रकरण की जांच सीओ ओबरा से कराई जिसमें आख्या आई कि सकीना का नाम रानी नहीं है बल्कि फरजाना का नाम रानी है। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने गंभीर प्रकृति का अपराध मानते हुए राबर्ट्सगंज कोतवाल को एफआईआर दर्ज कर विधि अनुरूप विवेचना करने एवं कृत कार्यवाही से अवगत कराने का आदेश दिया है। साथ ही सुनवाई के लिए 14 जून 2022 की तिथि नियत की है।
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