36 साल बाद आया कोर्ट का फैसला: डकैती में दोषी 65 साल के लरमी को 10 वर्ष की कैद, एक आरोपी दोषमुक्त
सोनभद्र में 36 साल पहले हुई डकैती के मामले में बुधवार को अदालत ने दोषी डकैत लरमी को 10 वर्ष की कैद और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
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यूपी के सोनभद्र के दुहा गांव में करीब 36 साल पहले हुई डकैती के मामले में बुधवार को फैसला आया। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम खलीकुज्जमा की अदालत ने दोषी डकैत को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। उस पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद होगी। एक अन्य आरोपी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के दुहा गांव निवासी युगल किशोर चतुर्वेदी ने एक मार्च 1986 को तहरीर देकर अवगत कराया था कि शाम साढ़े सात बजे उसके बड़े पिता नर्मदेश्वर प्रसाद चौबे के घर में 12 से 15 डकैत घुस गए। वे लाठी, डंडे, कुल्हाड़ी, टार्च आदि से लैस थे। गांव वाले इकट्ठा होकर ललकार रहे थे।
उस समय वह अपनी पाही पर था, तभी उसे घटना की सूचना मिली। वह तुरंत बाइक से सूचना देने वाले विजय शंकर यादव को साथ लेकर म्योरपुर चौकी गया और तहरीर दी। इस तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात में एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना की।
पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने न्यायालय में म्योरपुर थाना क्षेत्र के लोहबंद गांव निवासी डकैत लरमी (65) समेत दो के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी करार देते हुए डकैत लरमी को 10 वर्ष कैद और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
दूसरे आरोपी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता कुंवर वीर प्रताप सिंह ने की।