{"_id":"5fef5b3c8ebc3e3f527cfc0c","slug":"conversion-cost-of-students-not-reached-in-accounts-sonbhadra-news-vns566729750","type":"story","status":"publish","title_hn":"खातों में नहीं पहुंची छात्रों के कंवर्जन कॉस्ट की धनराशि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खातों में नहीं पहुंची छात्रों के कंवर्जन कॉस्ट की धनराशि
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुद्धी। कोरोना महामारी के कारण बंद चल रहे बेसिक शिक्षा विभाग के बच्चों के लिए मिड डे मील का खाद्यान्न और कंवर्जन कॉस्ट बच्चों के माता पिता को दिए जाने की व्यवस्था सरकार ने की है। अब तक दो चरणों में कोटेदार के यहां से अभिभावकों को खाद्यान्न मिल चुका है। पहले चरण में मार्च से जून तक 76 दिनों का खाद्यान्न 7.6 किलोग्राम और जुलाई व अगस्त का 49 दिन खाद्यान्न 4.9 किग्रा वितरित हुआ। लेकिन बैंकों की लापरवाही से अभी तक छात्रों के कंवर्जन कॉस्ट का पैसा खाते में नहीं पहुंच सका है। जबकि स्कूलों ने अगस्त में ही बैंकों को पूरी लिस्ट उपलब्ध करा दी है।
इसके तहत पहली किश्त में प्रत्येक बच्चों के माता पिता के खाते में 374 रुपये ट्रांसफर किए जाने जबकि दूसरी क़िस्त के रूप में 243.50 रुपये ट्रांसफर किए जाने हैं लेकिन बैंक के लापरवाही के कारण अब तक अभिभावकों के खाते में पैसे नहीं पहुंच सके हैं। बता दें कि दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र में 27 हजार बच्चे नामांकित हैं और दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र के करीब सभी स्कूलों का खाता एक निजी बैंक के अमवार शाखा में है। सरकार के डिजिटल लेनदेन के बावजूद बैंकों की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। बैंकों की लापरवाही के कारण ही एक बार स्वयं सहायता समूह के महिलाओं ने बैंकों में तालाबंदी भी कर दी थी। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी आलोक कुमार ने कहा कि बच्चों के अभिभावकों के खाते में पैसे भेजे जा रहे हैं। पहली किश्त का पैसा अधिकांश अभिभावकों के खाते में चला गया है। सभी सूचीबद्ध अभिभावकों के खाते में समय से पैसे भेजे जाने को लेकर बैंक मैनेजर से मिलकर कहा गया है।
विज्ञापन
इसके तहत पहली किश्त में प्रत्येक बच्चों के माता पिता के खाते में 374 रुपये ट्रांसफर किए जाने जबकि दूसरी क़िस्त के रूप में 243.50 रुपये ट्रांसफर किए जाने हैं लेकिन बैंक के लापरवाही के कारण अब तक अभिभावकों के खाते में पैसे नहीं पहुंच सके हैं। बता दें कि दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र में 27 हजार बच्चे नामांकित हैं और दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र के करीब सभी स्कूलों का खाता एक निजी बैंक के अमवार शाखा में है। सरकार के डिजिटल लेनदेन के बावजूद बैंकों की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। बैंकों की लापरवाही के कारण ही एक बार स्वयं सहायता समूह के महिलाओं ने बैंकों में तालाबंदी भी कर दी थी। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी आलोक कुमार ने कहा कि बच्चों के अभिभावकों के खाते में पैसे भेजे जा रहे हैं। पहली किश्त का पैसा अधिकांश अभिभावकों के खाते में चला गया है। सभी सूचीबद्ध अभिभावकों के खाते में समय से पैसे भेजे जाने को लेकर बैंक मैनेजर से मिलकर कहा गया है।
विज्ञापन