सोनभद्रः रेलवे लाइन के किनारे फोन पर बात कर रहे ठेकेदार की ट्रेन से कटकर गई जान
बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे के करीब ग्रामीणों ने रेलवे लाइन पर ठेकेदार राजेश का शव देखा। ग्रामीणों के मुताबिक घटना से कुछ देर पहले ठेकेदार को रेलवे लाइन के किनारे बैठकर मोबाइल फोन से बात करते देखा गया था।
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सोनभद्र के हरनाकछार गांव में बृहस्पतिवार को स्पेशल ट्रेन की चपेट में आने से ठेकेदार की मौत हो गई। वह रेलवे लाइन के किनारे खड़े होकर फोन पर बात कर रहा था। गढ़वा रोड से चोपन जाने वाली स्पेशल ट्रेन की चपेट में आने से ठेकेदार की मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लकर पोस्टमार्टम के लिए सीएचसी दुद्धी भेज दिया गया।
हरनकछार निवासी राजेश चंद्र यादव (42) पीडब्ल्यूडी और सिंचाई विभाग में ए श्रेणी के ठेकेदार थे। बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे के करीब ग्रामीणों की नजर राजेश के घर से कुछ दूरी से गुजरी रेलवे ट्रैक पर पड़ी। वहां राजेश चंद्र का शव रेलवे लाइन पर पड़ा था। शोर मचाते हुए ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए।
घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे दारोगा संजय सिंह शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सीएचसी दुद्धी ले गए। राजेश अपने निवास से रोजाना सुबह रेलवे लाइन के किनारे स्थित पुश्तैनी घर पर आते थे। ग्रामीणों के मुताबिक घटना से कुछ देर पहले उन्हें रेलवे लाइन के किनारे बैठकर मोबाइल फोन से बात करते देखा गया था।
फंदे पर लटकता मिला संविदा कर्मी का शव
एनटीपीसी रिहंद परियोजना के टॉवर नंबर छह के पास केबिन में बृहस्पतिवार की सुबह संविदा कर्मी का फंदे से लटकता शव पाया गया। उसका शव गमछे के सहारे पंखे के हुक से लटक रहा था। परियोजना अधिकारियों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को उतारकर कब्जे में लिया। मौके से सुसाइड नोट भी मिला है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि सुसाइड नोट किसने लिखा है।
महरीकला डूमरचुआ गांव निवासी गोपाल दास (30) एनटीपीसी परियोजना में केबिन ब्वाय के तौर पर कार्यरत था। उसकी नियुक्ति यूपीएल के माध्यम से संविदा पर थी। बुधवार की रात खाना खाने के बाद वह टॉवर नंबर छह के पास रेलवे फाटक पर बने केबिन में ड्यूटी के लिए गया। सुबह जब काफी देर तक गोपाल का पता नहीं चला तो आसपास के लोग वहां पहुंचे।
केबिन के अंदर पंखे के हुक से गमछे के सहारे फंदे पर उसका शव लटकता देख सन्न रह गए। सुरक्षा अधिकारियों को जानकारी दी गई। सूचना पाकर सीओ दुद्धी रामाशीष यादव, बीजपुर एसओ देवतानंद सिंह, बभनी इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह, सीआईएसएफ इंस्पेक्टर रोहित गंगवार आदि मौके पर पहुंचे।