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संविदा कर्मचारियों ने चाय, पकौड़े बेचे
sonbhadra
Updated Wed, 04 Apr 2018 11:00 PM IST
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ओबरा परियोजना गेट पर पकौड़े बेचकर विरोध प्रदर्शन करते बिजली कामगार।
- फोटो : सोनभद्र
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बकाया बीजकों के भुगतान को लेकर ओबरा तापीय परियोजना के झरियानाला गेट पर संविदाकारों ने बुधवार को चाय, पकौड़ा बेचकर विरोध प्रदर्शन किया। संविदाकारों ने कहा कि निविदा के तहत कार्य करने के बाद भी बीजकों के भुगतान हेतु सालों इंतजार करना पड़ रहा है। लगातार इस संबंध में परियोजना व निगम प्रबंधन को पत्राचार कर अवगत कराने के बाद भी जिम्मेदारों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
वक्ताओं ने कहा कि बीजकों का भुगतान न होने से संविदा श्रमिकों को भी समय से मजदूरी नहीं मिल रही। इससे संविदाकारों के साथ उनके नियोजित संविदा श्रमिकों के समक्ष आर्थिक संकट है।
परियोजना व निगम प्रबंधन के खिलाफ और असंतोष भी गहरा रहा है। जीएसटी लागू होने के बाद से संविदकारों को बिजकों का भुगतान न होने के बावजूद जीएसटी का अग्रिम भुगतान करना पड़ रहा। इससे संविदाकारों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वितरण क्षेत्रों का निजीकरण के कारण पावर कारपोरेशन से उत्पादन निगम को मिलने वाले फंड में और कमी आ सकती है, जिससे उत्पादन निगम के संविदाकरों के लंबित बीजकों के भुगतान में और विलंब होगा। कहा कि इस विरोध के बाद भी यदि परियोजना प्रबंधन की नींद नहीं टूटती है तो आगे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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इस मौके पर आलोक राय, दीनदयाल केसरी, मुन्ना राय, केके तिवारी, जलालुद्दीन खान, घनश्याम श्रीवास्तव, सीपी राय, सोमारू गुप्ता, शंकर दयाल, बृजेश गुप्ता, विनय मुखर्जी, राकेश कुमार यादव, हैदर इमाम, ईश्वर चंद यादव, उपेन्द्र सिंह, निर्मल सिंह, शमीम अहमद मौजूद रहे।
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वक्ताओं ने कहा कि बीजकों का भुगतान न होने से संविदा श्रमिकों को भी समय से मजदूरी नहीं मिल रही। इससे संविदाकारों के साथ उनके नियोजित संविदा श्रमिकों के समक्ष आर्थिक संकट है।
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परियोजना व निगम प्रबंधन के खिलाफ और असंतोष भी गहरा रहा है। जीएसटी लागू होने के बाद से संविदकारों को बिजकों का भुगतान न होने के बावजूद जीएसटी का अग्रिम भुगतान करना पड़ रहा। इससे संविदाकारों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वितरण क्षेत्रों का निजीकरण के कारण पावर कारपोरेशन से उत्पादन निगम को मिलने वाले फंड में और कमी आ सकती है, जिससे उत्पादन निगम के संविदाकरों के लंबित बीजकों के भुगतान में और विलंब होगा। कहा कि इस विरोध के बाद भी यदि परियोजना प्रबंधन की नींद नहीं टूटती है तो आगे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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इस मौके पर आलोक राय, दीनदयाल केसरी, मुन्ना राय, केके तिवारी, जलालुद्दीन खान, घनश्याम श्रीवास्तव, सीपी राय, सोमारू गुप्ता, शंकर दयाल, बृजेश गुप्ता, विनय मुखर्जी, राकेश कुमार यादव, हैदर इमाम, ईश्वर चंद यादव, उपेन्द्र सिंह, निर्मल सिंह, शमीम अहमद मौजूद रहे।